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भारत और अमेरिका के बीच पहली 2+2 वार्ता, माइक पोंपेयो बोले रूस के साथ एस-400 की डील प्राथमिक मुद्दा नहीं

By Richa Bajpai
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    वॉशिंगटन। छह सितंबर यानी गुरुवार को भारत और अमेरिका के बीच पहली 2+2 वार्ता का आयोजन होना है। इस वार्ता में हिस्‍सा लेने के लिए अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपेयो और रक्षा मंत्री जिम मैटीस भारत आ रहे हैं। दोनों यहां पर अपने भारतीय समकक्षों सुषमा स्‍वराज और निर्मला सीतारमण से मुलाकात करेंगे। इस वार्ता से पहले भारत और रूस के बीच एस-400 ट्रिम्‍फ एयर डिफेंस मिसाइल सिस्‍टम की डील को लेकर काफी हंगामा मचा हुआ है। वहीं माइक पोंपेयो ने दिल्‍ली पहुंचने से पहले साफ कर दिया कहा है कि अमेरिका और भारत के बीच 2+2 वार्ता के दौरान यह डील दोनों देशों की प्राथमिकता नहीं होगी। आपको बता दें कि रूस के साथ हुई इस डील के बाद भारत पर अमेरिका की ओर से प्रतिबंधों का खतरा बढ़ गया था।

    और भी मुद्दों पर होगी वार्ता

    और भी मुद्दों पर होगी वार्ता

    माइक पोंपेयो ने कहा, ' रूस से मिसाइल सिस्‍टम और ईरान से तेल खरीदना, बातचीत का हिस्‍सा होगा। ये संबंधों का हिस्‍सा हैं। लेकिन बातचीत सिर्फ इन्‍हीं बिंदुओं पर केंद्रित नहीं होगी।' पोंपेयो के मुताबिक निश्चित तौर पर ये मुद्दे वार्ता में उठेंगे लेकिन अमेरिका सिर्फ इन्‍हीं मुद्दों के साथ इस वार्ता को खत्‍म नहीं करना चाहेगा। पोंपेयो ने यह बात उन पत्रकारों को बताई जो उनके साथ पाकिस्‍तान दौरे पर मौजूद होंगे। भारत आने से पहले पोंपेयो पाकिस्‍तान जा रहे हैं। भारत और अमेरिका के बीच यह पहली 2+2 वार्ता है जिसका फैसला जून 2017 में उस समय लिया गया था जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्र्रंप की व्‍हाइट हाउस में द्विपक्षीय वार्ता हुई थी।

    भारत की तरफ से दिया जाएगा साफ संदेश

    भारत की तरफ से दिया जाएगा साफ संदेश

    माना जा रहा है कि भारत इस वार्ता के दौरान अमेरिका को यह साफ संदेश दे देगा कि वह रूस के साथ हुई इस डील पर आगे बढ़ेगा जो कि 40,000 करोड़ की है। पोंपेयो ने कहा कि वार्ता के एजेंडे में आधा दर्जन ऐसे मुद्दे हैं जिन पर अमेरिका प्रगति चाहता है। उन मुद्दों पर वार्ता जरूरी है और ये मुद्दे रिश्‍ते के लिए भी जरूरी हैं। उन मुद्दों पर चर्चा जरूरी है क्‍योंकि ये मुद्दे दोनों देशों के रिश्‍ते के लिए काफी अहमियत रखते हैं। पोंपेयो की मानें तो ऐसा नहीं है कि रूस के साथ मिसाइल डिफेंस सिस्‍टम या फिर ईरान से तेल की खरीद का मुद्दा वार्ता के लिए जरूरी नहीं है लेकिन इन मुद्दों का समाधान इस तरह की रणनीतिक वार्ता में हो, अमेरिका ऐसा नहीं समझता।

    दो बार वार्ता स्‍थगित होने का अफसोस

    दो बार वार्ता स्‍थगित होने का अफसोस

    पोंपेयो को इस बात का भी अफसोस है कि इस वार्ता को दो बार स्थगित किया गया था। पोंपेयो ने कहा कि दूसरी बार यह वार्ता उनकी वजह से स्‍थगित हुई और इस बात का उन्‍हें काफी अफसोस है। पोंपेयो ने कहा कि जुलाई में उन्‍हें नॉर्थ कोरिया जाना पड़ गया और इस वजह से वार्ता का आयोजन नहीं हो सका। लेकिन अब उनकी और रक्षा मंत्री जिम मैटीस दोनों की नजरें इस वार्ता पर हैं। भारत और अमेरिका के बीच यह वार्ता पहले छह जुलाई को वॉशिंगटन में होने वाली थी लेकिन 27 जून को अमेरिका ने इस वार्ता को 'अपरिहार्य कारणों' से रद्द कर दिया था।

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    English summary
    US Secretary of State Mike Pompeo has said that India buying Russian missile system not primary focus of 2+2 talks before his arrival to Delhi.

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