Russia-Ukraine War: रूस-यूक्रेन युद्ध में जबरन धकेला गया बीकानेर का छात्र, क्या बोली भारत सरकार?
Russia-Ukraine War: बीकानेर जिले के लूनकरनसर तहसील के अर्जुनसर गांव के मेडिकल छात्र अजय, जो महावीर गोदारा के बेटे हैं, पिछले साल नवंबर में मेडिकल की पढ़ाई के लिए रूस गए थे। लेकिन अब उन्होंने एक वीडियो जारी कर दावा किया है कि उन्हें जबरन रूस-यूक्रेन युद्ध में शामिल किया गया है।सैन्य वर्दी में नजर आए अजय, जारी वीडियो में अजय सैन्य वर्दी में दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें धोखे से रूसी सेना में भर्ती किया गया और फिर सीधे अग्रिम मोर्चे पर भेज दिया गया।
चार दिन में भेजा गया सीमा पर
अजय ने आरोप लगाया कि उन्हें और अन्य युवाओं को तीन महीने के प्रशिक्षण का वादा किया गया था, लेकिन मात्र चार दिनों के भीतर उन्हें युद्ध क्षेत्र में तैनात कर दिया गया। उन्होंने कहा, "हम अभी यूक्रेन में हैं। हमें जो बताया गया था, वह हकीकत से बिल्कुल अलग है।"

मिसाइल हमले में साथी की मौत, कई लापता
अजय ने आगे बताया कि यूक्रेनी पक्ष से दागी गई मिसाइलों में उनके चार साथियों में से एक की मौत हो गई, जबकि दो साथी भागने में सफल रहे। उन्होंने कहा कि उन्हें रसोई के काम का आश्वासन दिया गया था, लेकिन उन्हें सीधे युद्ध क्षेत्र में भेज दिया गया।
15 भारतीयों में चार की मौत का दावा
अजय ने दावा किया कि उनके साथ लगभग 15 भारतीय युवा थे, जिनमें से चार अपनी जान गंवा चुके हैं। उन्होंने संदीप, विजय और अंकित जैसे अन्य भारतीयों के नाम भी लिए जिनकी जान खतरे में है। अजय ने भारत सरकार से तत्काल हस्तक्षेप कर सभी की सुरक्षित वापसी की अपील की है।
परिवार की दिल्ली में पैरवी
वीडियो वायरल होने के बाद अजय के परिवार ने अधिकारियों से तुरंत कार्रवाई की मांग की है। अजय के भाई ने केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से दिल्ली में मुलाकात की है। लूनकरनसर के विधायक और राज्य कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा ने भी मेघवाल के साथ यह मुद्दा उठाया है।
पिता ने जताई गहरी चिंता
अजय के पिता महावीर गोदारा ने कहा, "मेरा बेटा 28 नवंबर 2024 को स्टडी वीजा पर रूस गया था। उसे किसी अन्य नौकरी के वादे के साथ सेना में भर्ती होने के लिए लुभाया गया। पिछले 15 दिनों से मेरा उससे कोई संपर्क नहीं है। मैं भारत सरकार से उसे सुरक्षित वापस लाने का आग्रह करता हूं।"
विदेश मंत्रालय से भी किया संपर्क
परिवार ने पुष्टि की है कि उन्होंने विदेश मंत्रालय से भी संपर्क किया है, लेकिन अभी तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है। वहीं कांग्रेस महासचिव डॉ. राजेंद्र मूंड ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर अजय को बचाने के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया है। परिवार का कहना है कि हरियाणा सहित कई अन्य भारतीय छात्र, जो उच्च शिक्षा के लिए रूस गए थे, वे भी इसी तरह की परिस्थितियों में फंसे हुए हैं और उन्हें युद्ध के मोर्चे पर सेवा देने के लिए मजबूर किया गया है।
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