चीन पाकिस्तान से तनाव का नतीजा, मिलिट्री खर्च करने वाला तीसरा सबसे बड़ा देश बना भारत

विश्व में सबसे ज्यादा मिलिट्री खर्च करने वाला तीसरा सबसे बड़ा देश भारत बन गया है। सिपरी 2020 की रिपोर्ट के मुताबिक सैन्य खर्च में भारत से आगे सिर्फ चीन और अमेरिका हैं।

नई दिल्ली, अप्रैल 27: चीन और पाकिस्तान से तनाव के बीच 2020 में सैन्य खर्च करने वाला तीसरा सबसे बड़ा देश बन गया है और विश्व में सिर्फ 2 शक्तियां हैं, जो भारत से ज्यादा मिलिट्री खर्च करती हैं। भारत से ज्यादा मिलिट्री खर्च करने वाले देश अमेरिका और चीन हैं। दुनिया में हथियारों की खरीद-बिक्री से लेकर अलग अलग सरकारों द्वारा सैन्य हथियारों पर होने वाली खर्च पर नजर रखने वाली संस्था स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट यानि सिपरी की रिपोर्ट में इसका खुलासा किया गया है।

सिपरी की रिपोर्ट में दावा

सिपरी की रिपोर्ट में कहा गया है कि विश्व में होने वाली कुल मिलिट्री खर्च का 39 फीसदी खर्च अमेरिका करता है तो दूसरे स्थान पर काबिज चीन 17 फीसदी खर्च करता है और भारत 3.7 प्रतिशत मिलिट्री खर्च करता है। इस लिहाज से अमेरिका और चीन के बाद भारत का स्थान है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका ने साल 2020 में 778 अरब डॉलर सैन्य खर्च किया है। वहीं, भारत का पड़ोसी और दुश्मन देश चीन ने 252 अरब डॉलर रुपये सैन्य खर्च किए हैं। वहीं सिपरी की रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने 72.9 अरब डॉलर रुपये मिलिट्री खर्च किए हैं। इस रिपोर्ट में सबसे अहम बात ये है कि कोरोना वायरस की वजह से जब 2020 में दुनिया के ज्यादातर देशों में लॉकडाउन लगा हुआ था, उसके बाद भी इन तीनों देश ने मिलिट्री खर्च में कटौती नहीं की, बल्कि 2019 के मुताबिक अमेरिका, चीन और भारत ने अपने सैन्य खर्च में इजाफा ही किया है। सिपरी की रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने 2019 की तुलना में मिलिट्री एक्सपेंडिंग में 2.1 प्रतिशत की वृद्धि की है। वहीं चीन ने सैन्य खर्च में 1.9 प्रतिशत तो अनमेरिकता ने मिलिट्री खर्च में 4.4 प्रतिशत का इजाफा किया है।

सैन्य खर्च का हिसाब-किताब

सिपरी की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने 202 में 72.9 अरब डॉलर रुपये सैन्य खर्च किए हैं जो भारत की जीडीपी का 2.9 प्रतिशत है। वहीं, सिपरी की रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका ने 778 अरब डॉलर सैन्य खर्च किए हैं, जो अमेरिका की जीडीपी का 3.7 प्रतिशत है वहीं चीन को लेकर रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन ने अपनी जीडीपी का 1.7 प्रतिशत यानि 252 अरब डॉलर सैन्य खर्च किया है। हालांकि, सिपरी की रिपोर्ट में जब पिछले 10 सालों का आंकलन किया गया तो दिलचस्प बात निकलकर सामने आई है। रिपोर्ट में पता चला कि इस दशक में यानि 2011 से 2020 के दरम्यां अमेरिका ने मिलिट्री खर्च में 10 प्रतिशत की कमी कर दी है, जबकि चीन ने अपना मिलिट्री खर्च में 76 प्रतिशत का इजाफा किया है और भारत ने मिलिट्री खर्च में 34 प्रतिशत की वृद्धि की है। चीन के राष्ट्रपति 2035 तक चीन की मिलिट्री को विश्व की सबसे मजबूत मिलिट्री बनाने चाहते हैं, लिहाजा चीन ने मिलिट्री एक्सपेंडिंग में बेतहाशा वृद्धि करनी शुरू कर दी है।

रूस और ब्रिटेन का हिसाब-किताब

सिपरी की रिपोर्ट के मुताबिक भारत, अमेरिका और चीन ने भी मिलिट्री खर्च में काफी रुपये खर्च किए है। रिपोर्ट के मुताबिक रूस, ब्रिटेन, सऊदी अरब, जर्मनी और फ्रांस ने भी मिलिट्री एक्सपेंडिग में काफी रुरये खर्च किए हैं। सिपरी की रिपोर्ट के मुताबिक रूस ने साल 2020 में 61.7 अरब डॉलर, ब्रिटेन ने 59.2 अरब डॉलर, फ्रांस और जर्मनी ने 53-53 अरब डॉलर खर्च किए हैं। वहीं सऊदी अरब ने 2020 में 57.5 अरब डॉलर सैन्य खर्च किए हैं। सिपरी की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2020 में पूरे विश्व में सभी देशों को मिलाकर 1981 अरब डॉलर सैन्य खर्च किए गये हैं जो 2019 के मुकाबले 2.6 प्रतिशत ज्यादा है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+