भारत कैसे बनेगा UNSC का स्थायी सदस्य? विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया
संयुक्त राष्ट्र परिसद की स्थायी सदस्यता के लिए भारत तेजी से कदम आगे बढ़ा रहा है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हाल में कहा कि भारत को यूएनएसी में स्थायी सीट मिलनी तय है। उन्होंने दावा किया दुनिया के देश भी यही चाहते है। विदेश मंत्री ने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए कड़ी मेहनत की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि भारत के साथ-साथ जापान, जर्मनी और मिस्र ने भी मिलकर संयुक्त राष्ट्र के समक्ष एक प्रस्ताव रखा है। ऐसे में भारत को यूएनएसी में स्थायी सदस्यता देने का मामला थोड़ा और अधिक गति से आगे बढ़ेगा।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यूएनएससी में स्थायी सदस्यता को लेकर उस दौर का जिक्र जब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का गठन हुआ था। एस जयशंकर ने कहा कि यूएनएससी के सदस्य देशों की संख्या सिर्फ पांच थी, जिसमें चीन, फ्रांस, रूसी संघ, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका शामिल हैं। तब लगभग 50 स्वतंत्र देश थे। जबकि अब दुनिया में तेजी से राजनीतिक परिदृश्य बदले और देशों की संख्या संख्या लगभग 193 हो गई।

फिलहाल यूएनएसी पर चीन, फ्रांस, रूसी संघ, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका ने ही अपना नियंत्रण बनाए रखा है, जो एक अजीब बात है। विदेश मंत्री ने दावा किया अब स्थिति बदल रही है। उन्होंने कहा, "दुनिया भर में यह भावना है कि इसे बदलना चाहिए और भारत को स्थायी सीट मिलनी चाहिए। मैं इस भावना को हर साल बढ़ता हुआ देख रहा हूं।"
कैसे मिलेगी UNSC का स्थायी सदस्यता?
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के प्रस्ताव को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि बिना कड़ी मेहनत के कुछ भी संभव नहीं है। उन्होंने एक बयान में कहा, "यूएनएसी पर दशकों से पांच देशों ने अपना नियंत्रण बनाए रखा है, यह अजीब है कि आपको उनसे बदलाव के लिए अपनी सहमति देने के लिए कहना पड़ रहा है। कुछ सहमत हैं, कुछ अन्य ईमानदारी से अपना पक्ष रखते हैं, जबकि अन्य पीछे से कुछ करते हैं...वर्षों से यही चल रहा है, लेकिन भारत निश्चित रूप से यूएनएससी की स्थायी सदस्यता हासिल करेगा।" विदेश मंत्री ने कहा, "भारत अपने लक्ष्य के लिए आगे बढ़ रहा है। इसमें कड़ी मेहनत करनी होगी। लेकिन हम इसे हासिल कर लेंगे।"












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