India Bangladesh: भारत दौरे पर बांग्लादेश के विदेश मंत्री, इन 'सीक्रेट डील्स' पर लग सकती है मुहर
Bangladesh External Affairs minister India visit: भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्तों का एक नया अध्याय शुरू हो रहा है. फरवरी 2026 में तारिक रहमान के नेतृत्व में 'बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी' (BNP) की सरकार बनने के बाद, दोनों देशों के बीच कड़वाहट कम होती दिख रही है। इसी सुधार की दिशा में बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान आज, 7 अप्रैल 2026 को तीन दिवसीय दौरे पर नई दिल्ली पहुंच रहे हैं।
यह दौरा पिछली अंतरिम सरकार के दौरान आई दूरियों को पाटने और आपसी विश्वास को फिर से कायम करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Khalilur Rahman India visit: दिग्गजों से मुलाकात और रिश्तों की नई शुरुआत
बांग्लादेशी विदेश मंत्री खलीलुर रहमान दिल्ली में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ विस्तार से चर्चा करेंगे। इसके अलावा उनकी मुलाकात राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोवाल और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी से भी होने की उम्मीद है। BNP सरकार के गठन के बाद किसी भी बांग्लादेशी मंत्री का यह पहला भारत दौरा है। जानकारों का मानना है कि यह यात्रा पिछली सरकार के दौरान हुई भारत विरोधी बयानबाजी और हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमलों से उपजे तनाव को खत्म करने का संकेत है।
वीजा सेवाओं को फिर से शुरू करने पर जोर
इस दौरे का एक मुख्य एजेंडा बांग्लादेशी नागरिकों के लिए बंद पड़ी भारतीय वीजा सेवाओं को बहाल करना है। सुरक्षा कारणों से जुलाई 2024 से टूरिस्ट वीजा निलंबित हैं, जिसका सीधा असर मेडिकल टूरिज्म और व्यापार पर पड़ा है। बांग्लादेशी पक्ष इस बार भारत पर दबाव डालेगा कि मानवीय और आर्थिक फायदों को देखते हुए वीजा सेवाओं को फिर से सक्रिय किया जाए। ढाका की कोशिश है कि वीजा नियमों में ढील मिले ताकि दोनों देशों के बीच लोगों का आना-जाना सुगम हो सके।
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व्यापार, ऊर्जा और पानी के मुद्दे पर मंथन
दोनों देशों के बीच केवल कूटनीति ही नहीं, बल्कि आर्थिक और बुनियादी मुद्दों पर भी बात होगी। चर्चा के प्रमुख विषयों में एनर्जी कोऑपरेशन (बिजली और तेल की सप्लाई), बॉर्डर मैनेजमेंट और नदियों के पानी के बंटवारे जैसे पुराने विवाद शामिल हैं। खलीलुर रहमान के साथ उनके सलाहकार हुमायूं कबीर भी आए हैं, जो व्यापार को आसान बनाने के तरीकों पर तकनीकी सुझाव देंगे। भारत और बांग्लादेश मिलकर एक ऐसा सिस्टम बनाना चाहते हैं जिससे सीमा पर व्यापारिक गतिविधियां बिना किसी रुकावट के चलती रहें।
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रक्षा सहयोग और भविष्य की सुरक्षा रणनीति
डिप्लोमैटिक बातचीत के साथ-साथ अब दोनों देश रक्षा क्षेत्र में भी करीब आ रहे हैं। हाल ही में भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और बांग्लादेशी हाई कमिश्नर के बीच हुई मुलाकात ने इसकी नींव रख दी है। दोनों देश जॉइंट ट्रेनिंग और डिफेंस कोऑपरेशन बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। भारत ने साफ किया है कि वह 'पॉजिटिव और कंस्ट्रक्टिव' सोच के साथ आगे बढ़ना चाहता है, ताकि दक्षिण एशिया में शांति बनी रहे और दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियां मिलकर काम कर सकें।












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