Imran Khan: गिरफ्तारी के बाद इमरान खान की पहली तस्वीर सामने आई, एक्सपर्ट्स ने कहा, इतिहास बनाएंगे या बन जाएंगे
इमरान खान की गिरफ्तारी उस वक्त की गई, जब उन्होंने सीधे तौर पर देश की शक्तिशाली सेना और उसकी जासूसी एजेंसी आईएसआई पर हमला बोला था और उन्होंने आईएसआई के एक वरिष्ठ अधिकारी पर अपने उपर जानलेवा हमला करवाने का आरोप लगाया था।

Imran Khan First Picture: मंगलवार को इस्लामाबाद उच्च न्यायालय (आईएचसी) के परिसर से पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष इमरान खान की नाटकीय गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री की पहली तस्वीर सामने आई है।
जियो न्यूज ने इमरान खान की इस तस्वीर को पब्लिश किया है, जिसमें 70 वर्षीय नेता को इस्लामाबाद की पुलिस लाइन्स में एक कुर्सी पर बैठे देखा जा सकता है, जहां उनके मामले की सुनवाई के लिए एक अस्थायी अकाउंटिबिलिटी कोर्ट (NAB कोर्ट) स्थापित की गई है।
क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान खान को रेंजर्स कर्मियों ने अल-कादिर ट्रस्ट मामले में कल इस्लामाबाद कोर्ट से उस वक्त गिरफ्तार कर लिया था, जब वो बायोमैट्रिक मशीन पर अपने अंगूठे का निशान दे रहे थे।

इमरान खान ने कोर्ट में क्या कहा?
पिछले साल अप्रैल महीने में प्रधानमंत्री की कुर्सी से हटाए जाने के बाद इमरान खान ने हिरासत में लिए जाने के बाद NAB कोर्ट से कहा, कि वो गिरफ्तारी वारंट लेकर हाईकोर्ट में पेश होने के लिए गये थे, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और उन्हें एनएबी के रावलपिंडी कार्यालय में स्थानांतरित कर दिया गया है।
इमरान की गिरफ्तारी पर क्या बोले एक्सपर्ट्स?
इमरान खान की गिरफ्तारी का मामला पूरी दुनिया की मीडिया में सुर्खियों में बना हुआ है और जियो पॉलिटिक्स के जानकार कह रहे हैं, कि ऐसा पहली बार हुआ है, जब किसी पाकिस्तानी नेता ने सेना को घुटनों पर ला दिया है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है, कि इमरान खान के लिए ये लड़ाई काफी मुश्किल होने वाली है।
पाकिस्तान मामलों के जानकार सुशांत शरीन ने ट्वीट करते हुए कहा है, कि 'इमरान खान या तो इतिहास बनाएंगे या फिर इतिहास बन जाएंगे।'
वहीं, पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार हामिद मीर के मुताबिक, पाकिस्तान वही काट रहे हैं, जो उन्होंने बोया था। हामिद मीर ने ट्वीटर पर एक वीडियो अपलोड किया है, जिसमें पाकिस्तानी शरजील इमाम को रेंजर्स के हाथों गिरफ्तार किया जाता दिख रहा है।
हामिद मीर ने सवाल उठाते हुए लिखा है, कि "एक बार रेंजर्स ने पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेता शरजील इमाम को भी इसी तरह सिंध हाईकोर्ट के परिसर से गिरफ्तार किया था। उस समय पाकिस्तान का प्रधानमंत्री कौन था"? उन्होंने आगे लिखा है, कि "रेंजर्स पाकिस्तान की संघीय सरकार के अधीन आता है और रेंजर्स के लिए इस्लामाबाद से आदेश आते हैं। हमने अभी तक अपने इतिहास से सबक नहीं सीखा है।"
वहीं, पाकिस्तान के राजनीतिक विश्लेषक डॉ. कमर चीमा ने लिखा है, कि "सेना से इमरान खान की लड़ाई तेज होती जा रही है। इमरान खान चाहते हैं, कि ये लड़ाई सेना बनाम अवाम हो जाए, ताकि सेना पर पीछे हटने का दबाव बनाया जा सके, जबकि एक डॉलर की कीमत 290 रुपए तक पहुंच गई।"
इमरान की गिरफ्तारी से क्या होगा?
वहीं, पाकिस्तानी अखबार डॉन ने अपने संपादकीय में लिखा है, कि "इमरान खान को गिरफ्तार कर लिया गया है और लाल रेखा पार हो गया है। पीटीआई और सरकार के बीच ताजा शत्रुता का मतलब है, कि चल रहे राजनीतिक गतिरोध में बातचीत की सफलता की किसी भी उम्मीद को खत्म समझा जा सकता है"।
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डॉन के संपादकीय में लिखा गया है, कि "पिछले 13 महीनों की घटनाओं ने सेना के अतीत के तौर पर देखा गया है - विशेष रूप से राजनीतिक दखल के संबंध में और पाकिस्तान के अभूतपूर्व बहुसंकट के बीच पाकिस्तान की सेना फिर से अपनी पकड़ बना रही है।"
डॉन का कहना है, कि इमरान खान ने निश्चित तौर पर अब सेना पर उंगली उठाई है, लेकिन मिस्टर खान को रास्ते से हटाने से कुछ हल नहीं होता है। इसके बजाय, जैसा कि कल के विरोध प्रदर्शनों ने दिखाया, उन्हें गिरफ्तार करने से लोगों और देश के सशस्त्र बलों के बीच ऐतिहासिक समझौते में गहरी दरार आ सकती है।












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