दिवालिया पाकिस्तान लेकिन इमरान खान के बड़े बड़े बोल, अर्थव्यवस्था को भारत से बताया बेहतर
इमरान खान ने दावा किया है कि उन्होंने अपनी नीतियों की बदौलत पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था की रफ्तार को भारत से बेहतर कर दिया है।
इस्लामाबाद, जून 04: आर्थिक संकट और घरेलू मोर्चे पर काफी आलोचना झेलने वाले इमरान खान ने भारतीय अर्थव्यवस्था से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था की तुलना कर आलोचनाओं के घेरे में आ गये हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने दावा किया है कि अर्थव्यवस्था की बढ़ती रफ्तार के मामले में पाकिस्तान ने अपने हमसाया मुल्क भारत को पीछे छोड़ दिया है और तरक्की के नये आसमान को छू रहा है। लेकिन, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री का ये दावा पाकिस्तान में किसी को पच नहीं रहा है और लोग पाकिस्तानी प्रधानमंत्री से तरह तरह के सवाल पूछ रहे हैं।

इमरान खान का बड़बोलापन
ग्राउंडब्रेकिंग सेरेमनी के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने दावा कर दिया कि 'भारत और पाकिस्तान में जनसंख्या घनत्व एक समान ही है और दोनों देशों में प्राकृतिक समानताएं भी एक समान ही हैं, लेकिन आप देखिए कि उन्होंने जो नीतिगत फैसले लिए हैं, उससे भारत का क्या अंजाम हो रहा है। भारत से तुलना करके देखिए कि हम उनके कितना आगे निकल चुके हैं। आज उनका (भारत) विकास दर माइनस 7 प्रतिशत है लेकिन हमारा (पाकिस्तान) का विकास दर 4 प्रतिशत है, जबकि हमारे हालात और उनके हालात में काफी अंतर है'। इमरान खान ने कहा कि 'जब कोरोना महामारी आई तो भारत की आर्थिक स्थिति हमारे मुकाबले काफी बेहतर थी, लेकिन हमने अपने फैसलों की बदौलत ना सिर्फ अपनी जनता की जिंदगी बचाई बल्कि उनके मुकाबले हमने अच्छी विकास दर हासिल की है'। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने लोगों से कहा कि 'पाकिस्तान के लिए मुश्किल वक्त अब खत्म हो चुका है'। वहीं, वन इंडिया से एक्सक्लूसिव बात करते हुए अर्थव्यवस्था के जानकार डॉ. आशीष सरकार कहते हैं कि 'इमरान खान अपने देश की जनता को बर्गलाने के लिए कुछ भी बोल सकते है। पाकिस्तान तो चीन और अरब देशों से मिली खैरात पर चलता है, भला पाकिस्तान कब से भारत की अर्थव्यवस्था के साथ अपनी तुलना कर सकता है''

इमरान के दावों की खुली पोल
इमरान खान के बयान को बड़बोलापन इसलिए बताया जा रहा है क्योंकि उन्होंने भारत से पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था की तुलना भरे ही कर दी है, लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था की तुलना में पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था का आकार 10 गुना से भी कम है और जिस देश की अर्थव्यवस्था जितनी मजबूत होती है, उस देश की अर्थव्यवस्था को गति पकड़ने में उतना ही वक्त लगता है। वहीं, पाकिस्तान की द ट्रिब्यून न्यूजपेपर ने दावा किया है कि इमरान खान के सत्ता संभालने के बाद पाकिस्तान 25 प्रतिशत और ज्यादा गरीब हो गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इमरान खान की आर्थिक नीतियों से पाकिस्तान को काफी नुकसान हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान सरकार के पास 6 महीने के बाद अपने सरकारी कर्मचारियों को वेतन देने के लिए पैसा नहीं बचा है और पाकिस्तान कर्ज के जुगाड़ में लगा हुआ है। वहीं, पाकिस्तान में पिछले 3 सालों में कर्ज बढ़कर 13 फीसदी से ज्यादा हो चुका है और पाकिस्तान में महंगाई दर साढ़े 12 प्रतिशत से ज्यादा है। अर्थव्यवस्था के जानकार डॉ. आशीष सरकार के मुताबिक 'भारत की अर्थव्यवस्था विश्व की टॉप-5 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में से एक है और हमारा ग्रोथ रेट यूरोपीयन देशों के ग्रोथ रेट से भी बेहतर है। पाकिस्तान दिवालिएपन की तरफ बढ़ रहा है और इमरान खान खुद मानसिक दिवालिया हो चुके है'।
वहीं, वॉयस ऑफ बैंकिंग के फाउंडर डॉ. अश्विनी राणा बताते हैं कि 'पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था कभी भी भारत से बेहतर नहीं हो सकती है। और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कोई अर्थशास्त्री नहीं हैं। जहां 2021-22 के लिए भारत की जीडीपी 9.5 प्रतिशत प्रोजेक्ट की गई है, वहीं पाकिस्तान की जीडीपी ग्रोथ रेट 4.8 प्रतिशत प्रोजेक्टेड है। वहीं यूनाइटेड नेशंस ने तो पाकिस्तान की जीडीपी को 3.94 प्रतिशत ही प्रोजेक्ट किया है। पाकिस्तान पर बाहरी कर्ज भी काफी ज्यादा है, इसीलिए पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था भारत के सामने कहीं नहीं ठहरती है।'

इमरान ने कर्ज के दलदल में डुबोया
पाकिस्तानी अखबार ट्रिब्यून ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 'जब से इमरान खान ने पाकिस्तान की सत्ता संभाली है, तब से हर साल पाकिस्तान के विदेशी कर्ज में 4.74 ट्रिलियन रुपये कर्ज का इजाफा हो रहा है। वहीं, इमरान खान ने जब पाकिस्तान की सत्ता संभाली थी, उस वक्त पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था 313 बिलियन डॉलर की थी वहीं, अब पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था घटकर 296 बिलियन डॉलर हो गई है। वहीं, पाकिस्तान में लोगों की खरीदने की क्षमता भी 13 फीसदी कम हो गई है। वहीं, इमरान खान ने जब पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था संभाला था, तब पाकिस्तान का वित्तीय घाटा 8.1 प्रतिशत था, जो अब बढ़कर 9.1 फीसदी हो चुका है। वहीं, पाकिस्तान का बजट घाटा बढ़कर 8 प्रतिशत के ऊपर जा पहुंचा है। और ये आंकड़े बताते हैं कि पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति कितनी खराब है।' वहीं, भारत की अर्थव्यवस्था अब कई दिशाओं में आगे बढ़ी है। डॉ. आशीष सरकार बताते हैं कि 'भारत अब हथियारों की एक्सपोर्ट करना शुरू कर चुका है और हम अब स्वावलंबी बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। पाकिस्तान के पास खाने के लिए पैसे नहीं बचे हैं। चीन हो या अरब देश...हर जगह से वो कर्ज ले चुका है और कर्ज लेकर ही वो खाना खा रहा है। तो इमरान खान जो मर्जी कहें, अपनी जनता को वेबकूफ बनाएं, लेकिन असलियत से मुंह फेरना पाकिस्तान की बदकिस्मती ही है'

दावे और बहानेबाजी साथ साथ
इमरान खान पाकिस्तानी अवाम के सामने भारत से आगे निकलने का दंभ भरते हैं तो पाकिस्तान के वित्त मंत्री ने पाकिस्तान में रिकॉर्ड महंगाई के लिए आईएमएफ पर ठीकरा फोड़ दिया है। पाकिस्तान के वित्त मंत्री शौकत तरीन ने गुरुवार को कहा कि 'इंटरनेशनल मॉनिट्री फंड ने पाकिस्तान पर इंटरेस्ट रेट और बिजली बिल बढ़ाने के लिए पाकिस्तान पर दबाव बनाया है, इसीलिए पाकिस्तान में काफी महंगाई बढ़ गई है'। पाकिस्तानी वित्त मंत्री ने आईएमएफ पर आरोप तो लगा दिया लेकिन वो छिपा गये कि आईएमएफ से जो भी देश कर्ज लेता है, आईएमएफ एक समान शर्त ही रखता है और आईएमएफ से कर्ज लेने के लिए पाकिस्तान ही भागा था। और भला सिर्फ पाकिस्तान के लिए आईएमएफ अपनी नीतियों में क्यों परिवर्तन करे, वो भी तब, जब पाकिस्तान पहले से ही करोड़ों डॉलर का कर्ज आईएमएफ से ले रखा हो।












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