आतंकी आफिया सिद्दीकी को पाकिस्तान क्यों मानता है देश की बेटी, इमरान खान भी जता चुके हैं प्रेम
आफिया सिद्दीकी ने प्रतिष्ठित मैसाचुसेट्स सूचना प्रौद्योगिकी (एमआईटी) से ग्रेजुएशन किया है और फिर ब्रैंडिस विश्वविद्यालय से न्यूरोलॉजी में डॉक्टरेट की डिग्री भी प्राप्त की और फिर वो एक आतंकवादी बन गई।
वॉशिंगटन/इस्लामाबाद, जनवरी 18: अमेरिका के टेक्सास राज्य में पाकिस्तानी मूल का एक ब्रिटिश मुसलमान मलिक फैसल अकरम चार यहूदियों को बंधक बना लेता है और जब एफबीआई मलिक फैसल अकरम से उसकी मांगों के बारे मे पूछती है, तो एक नाम निकलकर सामने आता है...डॉ. आफिया सिद्दीकी। लेकिन, पाकिस्तानी मूल के मुसलमान का अमेरिका में जाकर चार लोगों को बंधक बनाना साफ साफ दर्शाता है, कि पाकिस्तान के अंदर मजहबी कट्टरता किस हद तक गहरी हो चुकी है और जिया उल हक ने पाकिस्तानी मुसलमानों के कान में जिहाद की ऐसी हवा फूंकी, जिसने आधे से ज्यादा पाकिस्तान को मजहबी कट्टरपंथी बना दिया है।

आफिया सिद्दीकी की रिहाई की मांग
पाकिस्तान मूल के ब्रिटिश मुस्लिम कट्टरपंथी मलिक फैसल अकरम पाकिस्तान मूल के न्यूरोसाइंटिस्ट आफिया सिद्दीकी की रिहाई की मांग कर रहा था, जिसे साल 2010 में अमेरिका की अदालत ने 86 सालों की सजा सुनाई है। आफिया सिद्दीकी पर अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों पर हमला करने का इल्जाम था। लेकिन, क्या आप जानते हैं, जिस आतंकवादी को अमेरिकी अदालत ने 86 सालों की कैद की सजा सुनाई है, उसे पाकिस्तान में 'देश की बेटी' माना जाता है। किसी समाज से एक गलत शख्स का निकलना, इस समाज के लिए कलंक की बात होती है, लेकिन पाकिस्तान की बात अलग है। पाकिस्तान में आतंकियों को बेटा कहा जाता है, बेटी कहा जाता है, उन्हें गर्व माना जाता है और यही काम इमरान खान ने भी किया है और यही काम पाकिस्तान की संसद ने भी किया हुआ है।

आफिया की रिहाई के लिए पाकिस्तान की कोशिशें
पाकिस्तान की तरफ से अमेरिका की मोस्ट वांटेड आतंकवादी आफिया सिद्दीकी की रिहाई की कई बार कोशिशें की जा चुकी हैं। कुछ साल पहले, जब अमेरिका में बराक ओबामा की सरकार थी, उस वक्त पाकिस्तान की सेना ने अमेरिकी सेना के सार्जेंट बोवे बर्गडाहल के बदले आफिया सिद्दीकी को रिहा करने की मांग की थी, लेकिन ओबामा प्रशासन ने पाकिस्तानी सेना के इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। वहीं, साल 2018 में पाकिस्तानी सीनेट ने सर्वसम्मति से आफिया सिद्दीकी की रिहाई के मामले को अमेरिका के साथ उठाने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया था, जिसमें आफिया को "राष्ट्र की बेटी" के रूप में संदर्भित किया गया था।

आतंकी बेटी पर इमरान खान का प्रेम
पाकिस्तान को लेकर एक बात तो तय है, जो जितना ज्यादा पढ़ा लिखा होगा, वो उतना ही बड़ा मजहबी कट्टरपंथी होगा, कुछ को छोड़कर। इमरान खान भी ऐसे ही हैं। जिस आफिया सिद्दीकी को अमेरिकी अदालत ने 86 सालों की सजा सुनाई है, उसके लिए भी इमरान खान का प्रेम उफनता रहता है। आफिया सिद्दीकी को अमेरिकी जेल से आजाद करवाने के लिए इमरान खान ने उन संगठनों का नेतृत्व किया, जिसमें पाकिस्तान की इस्लामिक पार्टियां, जिहादी पार्टियां शामिल थीं। इसके साथ ही इमरान खान की राजनीतिक पार्टी 'पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ' ने अपने घोषणापत्र में आफिया सिद्दीकी को प्रवासी पाकिस्तानी बताते हुए कहा था, कि आफिया सिद्दीकी के 'देशभक्ति की भावना को' पार्टी सम्मान देती है। इसके साथ ही इमरान खान ने कहा था, कि अगर उनकी सरकार बनती है, तो वो हर उस प्रवासी पाकिस्तानियों को लीगल मदद देगी, जो दुनिया के अलग अलग हिस्से में जेल में बंद हैं।

तालिबान के लिए भी खास है आफिया
आफिया सिद्दीकी एक आतंकवादी है या नहीं, इस बात का अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं, कि आफिया सिद्दीकी की अमेरिकी जेल से रिहाई को लेकर तालिबान की भी काफी गहरी दिलचस्पी रही है। इससे पहले तालिबान ने साल 2011 में अमेरिका के एक सहायता कर्मचारी वारेन वीनस्टीन को पकड़ लिया था और उसकी रिहाई के बदले आफिया सिद्दीकी को छोड़ने के लिए कहा था। हालांकि, बाद में अमेरिकी ड्रोन हमले ने ही वारेन वीनस्टीन मारा गया था। लेकिन, अमेरिका ने आफियी सिद्दीकी को रिहा करने से साफ इनकार कर दिया था। आपको बता दें कि, आफिया सिद्दीकी उस पाकिस्तानी परिवार से आती है, जिसकी काफी ज्यादा अपने मजहब में दिलचस्पी है। आफिया सिद्दीकी ने प्रतिष्ठित मैसाचुसेट्स सूचना प्रौद्योगिकी (एमआईटी) से ग्रेजुएशन किया है और फिर ब्रैंडिस विश्वविद्यालय से न्यूरोलॉजी में डॉक्टरेट की डिग्री भी प्राप्त की और कई प्रतिष्ठित डिग्री लेने के बाद आफिया सिद्दीकी जिहाद करने के लिए आतंकवादी बन गई।

आफिया सिद्दीकी कैसे बनी आतंकी?
अमेरिकी खुफिया अधिकारियों के अनुसार, आफिया सिद्दीकी 9/11 के हमलों के बाद सबसे पहले अमेरिकी अधिकारियों के रडार पर आई थी, जब हमले के एक और मास्टरमाइंड खालिद शेख मोहम्मद के साथ उसके नजदीकी रिश्ते होने की जानारी मिली थी। अमेरिकी खुफिया अधिकारियों के मुताबिक, आफिया सिद्दीकी अल कायदा के कूरियर के तौर पर काम कर रहा थी, ताकि योजनाबद्ध हमले के लिए गोला-बारूद और हथियारों की शिपिंग प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाया जा सके। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि वह 2003 में गायब हो गई और 2008 में अफगानिस्तान में अमेरिकी लक्ष्यों के बारे में विस्तृत जानकारी के साथ फिर से दिखाई दी थी।

मलिक फैसल अकरम कौन है?
आफिया सिद्दीकी की रिहाई की मांग करने वाले और चार यहूदियों को बंधक बनाने वाले 44 वर्षीय मलिक फैसल अकरम का परिवार पाकिस्तानी पंजाब के झेलम जिले से ताल्लुक रखता है और करीब 50 साल पहले ब्रिटेन में आकर बस गया था। खुफिया अधिकारियों के मुताबिक मलिक तब्लीग जमात का सदस्य था और इससे जुड़े काम के सिलसिले में पहले भी विदेश यात्रा कर चुका था। मलिक फैसल अकरम ने एक गुजराती मुस्लिम महिला से शादी की थी और उसके पांच बेटे और एक बेटी है। लेकिन, अब अमेरिकी फोर्स ने मलिक फैसल अकरम को जहन्नुम पहुंचा दिया है।












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