बलूचिस्तान में 'कश्मीर मॉडल' से घुटने पर इमरान खान, भारत के खौफ से बलूचों से करेंगे बात

बलूचिस्तान के क्रांतिकारियों से बात करने के लिए इमरान खान तैयार हो गये हैं। माना जा रहा है कि भारत के डर और चीन से मिली चेतावनी के बाद इमरान खान ने बलूचों से बात करने का फैसला लिया है।

बलूचिस्तान, जुलाई 06: बलूचिस्तान के हजारों बेनुनाह लोगों को जान से मार देने वाले पाकिस्तान हुकूमत को अब भारत का डर सताने लगा है और अब पाकिस्तान को अहसास हो रहा होगा कि कश्मीर के अंदर जो उसने किया है, उसका अंजाम उसे भी भुगतना पड़ सकता है। बलूचिस्तान में अब इमरान खान को भारत का खौफ नजर आ रहा है, लिहाजा पाकिस्तान सरकार ने बलूच क्रांतारियों से बात करने की घोषणा की है।

पाकिस्तान में भारत का खौफ

पाकिस्तान में भारत का खौफ

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा है कि वो बलूच क्रांतिकारियों से बात करने के लिए तैयार है। पाकिस्तान से आजादी मांग रहे बलूचिस्तान के लोगों से बात करने की बात करते हुए इमरान खान के दिल में भारत का खौफ साफ साफ दिख रहा था और उन्होंने भारत पर आरोप लगाना शुरू कर दिया कि नाराज बलूच युवाओं को भारत ने आतंक फैलाने के लिए इस्तेमाल किया है। हालांकि, पाकिस्तानी नेता अपने गाल पर निकले फूंसी के लिए भी 'भारत की साजिश' शब्द का इस्तेमाल करते हैं, लिहाजा भारत पर इमरान के अनर्गल आरोप को एक साइड में रखते हुए देखा जाए तो पता चलता है कि इमरान खान बलूचिस्तान को लेकर घुटने पर आ गये हैं।

इमरान खान ने क्या कहा ?

बलूचिस्तान के ग्वादर में दौरे पर गये इमरान खान ने कहा कि ''अगर पाकिस्तान की पहले की सरकारों ने बलूचिस्तान के विकास पर ध्यान दिया होता तो बलूच विद्रोहियों को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं पड़ती, लेकिन पाकिस्तान की पिछली सरकारों ने बलूचों की भलाई के लिए काम नहीं किया।'' इमरान खान ने आगे कहा कि ''बलूचिस्तान के लोगों की पहले की शिकायतें हो सकती हैं और दूसरे देशों ने उनका इस्तेमाल किया होगा, भारत ने उनका इस्तेमाल अव्यवस्था फैलाने के लिए किया होगा, लेकिन अब वैसी स्थिति नहीं रही''

इमरान खान ने दिखाया लड्डू

इमरान खान ने दिखाया लड्डू

ग्वादर में इमरान खान ने कहा कि पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति काफी खराब है और उनकी सरकार के पास इतने पैसे नहीं है कि वो बलूचों के लिए ज्यादा फंड का ऐलान कर सके, लेकिन उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बनने से पहले ही उन्होंने बलूचों के विकास का वादा अपने मन में कर लिया था। इसके साथ ही इमरान खान ने पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ पर निशाना साधते हुए कहा कि ''नवाज शरीफ ने 24 बार लंदन की यात्रा की थी, लेकिन उन्होंने एक बार भी बलूचिस्तान की यात्रा नहीं की। वहीं, पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी 51 बार दुबई गये थे, लेकिन उन्होंने एक बार भी बलूचिस्तान का रूख नहीं किया''

बलूचों ने चीनियों की नाक में किया दम

बलूचों ने चीनियों की नाक में किया दम

दरअसल, बलूचों को पोटने के लिए विकास का लड्डू दिखाने की कोशिश कर रहे इमरान खान जानते हैं कि बलूचों से बैर मोल लेकर वो चीन के सीपीईसी प्रोजेक्ट को आगे नहीं बढ़ा सकते हैं। दरअसल, बलूचिस्तान चीन के सीपीईसी प्रोजेक्ट का बेहद अहम हिस्सा है और इस प्रोजेक्ट पर चीन ने करीब 62 अरब डॉलर का दांव खेला है और ग्वादर में ही चीन नौसेना का अड्डा बनाने की भी तैयारी कर रहा है, ताकि भारत पर प्रेशर बनाने के साथ साथ चीनी नौसेना फारस की खाड़ी में भी अपनी पकड़ को मजबूत कर सके। लेकिन, बलूचिस्तान में आजादी समर्थक क्रांतिकारियों ने पाकिस्तान सरकार के साथ साथ चीनियों के खिलाफ भी बिगूल फूंक रखा है और बलूचों पर जुल्म करने वाले पाकिस्तानी सैनिकों को करारा जवाब दिया जा रहा है। बलूचिस्तान पर अवैध कब्जा करने वाले पाकिस्तान को अब डर लग रहा है कि अगर बलूचों ने आजादी की आवाज को और भी जरा सी हवा दी, तो फिर चीन के निशाने पर सीधा पाकिस्तान ही होगा। लिहाजा अब इमरान खान ने भारत पर अनर्गल आरोप लगाना शुरू कर दिया है और उन्होंने बलूचों से बात करने की घोषणा की है।

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