डिग्री MBBS की और बेच रहे हैं पिज्जा

ताजा रिपोर्ट के मुताबिक 'रेजिडेंसी पोजीशन' के अभाव में विदेशों से पढ़कर आए कई डॉक्टरों को यहां अपना गुजर बसर करने के लिए पिज्जा डिलिवरी और कैब ड्राइवर का काम करना पड़ता है। पैसे के साथ-साथ मौके के अभाव में ये लोग डॉक्टरी नहीं कर पा रहे हैं।
अध्ययन के मुताबिक स्नातक मेडिकल प्रशिक्षण जिसके तहत किसी को भी शिक्षण अस्पताल में किसी सीनियर डॉक्टर के अधीन दो से पांच वर्ष तक काम कर मेडिकल की डिग्री लेनी होती है, के लिए रेजिडेंसी एक अनिवार्य स्तर है। इसे सेवा काल के दौरान उन्हें अपने गुजर बरस के लिए ये काम करना पड़ता है।
कनाडा के सेंट माइकेल्स अस्पताल में अनुसंधानकर्ता और पारिवारिक चिकित्सक आयशा लोफ्टर के मुताबिक कनाडा में रह रहे करीब 55 प्रतिशत अंतर्राष्ट्रीय चिकित्सा स्नातक इलाज का काम कर रहे हैं। साल 2011 में कनाडा के ओंटोरियो में 1800 आवेदनों में से 191 ही निवास स्पोट को पार कर सके।
साल 2011 में विदेश से चिकित्सा प्रशिक्षण लेने वाले कनाडाइयों के लिए सफलता की दर सिर्फ 20 प्रतिशत रही जबकि आव्रजित आईएमजी की सफलता का दर छह प्रतिशत। ऐसे में विदेशों से एमबीबीएस की डिग्री हासिल करने वालों के लिए काम का दूसरा विकल्प खोजने के अलावा कोई चारा नहीं बचता।












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