जाको राखे साइयां: निगलने के बाद विशालकाय व्हेल ने मछुआरे को उगला, बताई खौफनाक आपबीति
विशालकाय व्हेल मछली के मुंह में चला गया मछुआरा, किस्मत ने बाल बाल बचाया
न्यूयॉर्क, जून 13: अगर किसी शख्स को व्हेल मछली निगल जाए तो उसका जिंदा बचना तो शायद नामुमकिन ही होगा। लेकिन कई बार कुछ लोग इतने भाग्यशाली होते हैं कि मौत के मुंह में जाने के बाद भी बचकर निकल आते हैं। अमेरिका में ऐसा ही हुआ है जब एक मछुआरा एक विशालकाय व्हेल मछली के मुंह में चला गया था, लेकिन भाग्य ने उसका ऐन वक्त पर साथ दिया और वो मछुआरा जिंदा बचकल निकल आया।

व्हेल के मुंह में था मछुआरा
अमेरिकी मछुआरे ने मौत के मुंह से जिंदा आने के बाद कहा कि 'मैं व्हेल मछली के मुंह में चला गया था और उसने मुझे निकल लिया था। करीब 40 सेकेंड्स तक मैं मछली के मुंह में ही रहा। लेकिन पता नहीं व्हेल मछली के मन में क्या आया, कि उसने समुद्री तट की तरफ मुझे मुंह से निकालकर फेंक दिया।' इस मछुआरे का नाम माइकल पैकार्ड है, जिसने फेसबुक पर अपनी खौफनाक कहानी बताई है।

मछुआरे की सनसनीखेज कहानी
माइकल पैकार्ड ने बताया कि कुबड़ी हो चुकी विशालकाय व्हेल मछली ने उसे निगल लिया था और उसे खाने की कोशिश भी मछली करने लगी थी। उसने मुझे खाने के लिए अपनां दांत भी दबाया, लेकिन पता नहीं मैं कैसे व्हेल के मुंह से बचकर निकल आया। मछुआरे का कहना है कि उसकी एक भी हड्डी नहीं टूटी है। हां, अगर उसके ऊपर व्हेल मछली का दांत पड़ जाता, तो शायद उसका बचना नामुमकिन होता। माइकल पैकार्ड की जान तो बच चुकी है, लेकिन उन्हें अभी भी यकीन नहीं हो रहा है कि उन्हें एक विशालकाय व्हेल मछली ने निगल लिया था और वो मौत के मुंह से बचकर निकल आए हैं।

व्हेल के मुंह में कैसे आए?
माइकल पैकार्ड ने व्हेल के मुंह से जिंदा निकल आने के बाद एक स्थानीय न्यूजपेपर को दिए इंटरव्यू में कहा कि 'वो मैसाचुसेट्स के पूर्वोत्तर तट पर झींगा मछली पकड़ने के लिए समंदर के अंदर गोते लगा रहे थे। लेकिन, अचानक, मुझे एक बड़ा झटका लगा और मुझे पता चली कि मेरे आगे सबकुछ काला हो चुका है। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि क्या हो रहा है। फिर मुझे लगा कि मैं किसी के मुंह में हूं और मेरा अब बचना शायद संभव नहीं है'। अस्पताल से रिहा होने के बाद माइकल पैकार्ड ने कहा कि मैं पानी के अंदर करीब 35 फीट नीचे था और व्हेल के मुंह के अंदर जाने के बाद मुझे लगा कि शायद मेरे ऊपर किसी शार्क ने हमला किया है। लेकिन मुंह के अंदर कम दांत को देखने के बाद मैंने सोचा कि नहीं, ये शार्क नहीं है। क्योंकि शार्क के मुंह में काफी दांत होते हैं।

व्हेल के मुंह में संघर्ष
माइकल पैकर्ड ने कहा कि मैं व्हेल मछली के मुंह में था और मैंने बाहर आने के बाद संघर्ष करना शुरू कर दिया। लेकिन, व्हेल के मुंह के अंदर संघर्ष करना बिल्कुल बच्चे जैसा था। उन्होंने कहा कि 'मैं लगातार व्हेल से बाहर आने के लिए संघर्ष कर रहा था। जिसे देखते हुए व्हेल मछली अपना सिर हिलाने लगी और करीब 40 सेकेंड्स के बाद व्हेल ने मुझे मुंह से बाहर निकालकर फेंक दिया।' माइकल पैकर्ड को समंदर के अंदर से उनके एक दोस्त ने बाहर निकाला और फिर उन्हें एक अस्पातल में भर्ती कराया गया।

जानकारों ने क्या कहा ?
व्हेल मछली से जुड़ी जानकारी रखने वाले जानकारों की मानें तो माइकल पैकर्ड की जिंदगी किस्मत से ही बची है और वो किस्मत का धनी है। जानकारों का कहना है कि या तो व्हेल मछली छोटी होगी या फिर किसी गलती की वजह से ही मछुआरा मुंह से बाहर आया होगा। व्हेल मछली की जानकारी रखने वालों का कहना है कि व्हेल मछली एक बार अपने शिकार को मुंह में लेने के बाद छोड़ती नहीं है और 30 सेकेंड्स में तो शिकार व्हेल की पेट में होता है।












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