अटलांटिक में आगे बढ़ रहा 158 किमी लंबा हिमखंड, ब्रिटिश द्वीप के ऊपर मंडराया खतरा
पेरिस। दक्षिणी अटलांटिक सागर में एक 158 किलोमीटर लंबा और 48 किलोमीटर चौड़ा विशाल हिमखंड (Iceberg) बड़ी तबाही मचा सकता है। इसके निशाने पर ब्रिटेन के नियंत्रण वाला एक जार्जिया द्वीप है। वैज्ञानिकों का मानना है कि अगर यह हिमखंड जार्जिया द्वीप से टकराता है तो वहां पर बड़ी तबाही मचा सकता है।

A68A नाम का यह हिमखंड वर्तमान समय का सबसे बड़ा हिमखंड बताया जा रहा है। अभी तक इसके दो टुकड़े हो चुके हैं फिर भी यह यूरोपीय देश लक्जमबर्ग के दोगुने के बराबर है। हालांकि वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि अभी भी यह हिमखंड टूट सकता है या फिर समुद्री धाराएं इसका रास्ता बदल दें। अगर ऐसे नहीं होता है तो जिस रफ्तार से अभी यह बढ़ रहा है अगले 20 से 30 दिनों में यह द्वीप से टकरा सकता है।
जिस जार्जिया द्वीप से ये टकराने वाला है वह विभिन्न जैव विविधताओं वाला इलाका है। दक्षिणी अटलांटिक में स्थित इस द्वीप पर हजारों पेंग्विन और सील का बसेरा है। इस इलाके में इन जीवों के लिए पर्याप्त मात्रा में भोजन है जिसके चलते ये यहां खूब फल-फूल रहे हैं। वहीं इस इलाके में ब्लू व्हेल और हंसपैक की संख्या में भी बढ़ोतरी देखी गई है। ऐसे में अगर दक्षिणी जार्जिया से ये हिमखंड टकराता है तो यहां पर जैव विविधता के लिए विनाशकारी साबित होगा।
हिमखंडों का कब्रिस्तान
हिमखंडों का टूटना आम बात है। पहले भी हिमखंड अंटाकर्टिका से टूटकर समुद्र में आते रहे हैं लेकिन जलवायु परिवर्तन ने इस प्रक्रिया को तेज कर दिया है। इस इलाके में यह पहली घटना नहीं है। पहले भी हिमखंड यहां टकराते रहे हैं। यही वजह है दक्षिणी अटलांटिक के इस क्षेत्र को हिमखंडों का कब्रिस्तान कहते हैं।
ये हिमखंड मुठ्ठी के आकार का है जिसकी एक उंगली आगे की तरफ इशारा कर रही है जो दक्षिणी अटलांटिक प्रायद्वीप के लार्सन आइस शेल्फ से 2017 में टूटकर अलग हुआ था। अंटार्कटिका का ये इलाका धरकी के सबसे दक्षिण में स्थित महाद्वीप के किसी भी अन्य हिस्से की अपेक्षा सबसे तेजी से गर्म हो रहा है।
छिछला होने के चलते खतरनाक
158 किमी लंबे और 48 किमी चौड़े इस द्वीप की सबसे खतरनाक बात इसकी गहराई है। यह सिर्फ 200 मीटर गहरा है जिसका मतलब यह हुआ कि हिमखंड द्वीप के काफी करीब तक जाकर वहां ठहर सकता है। ऐसा होने पर इलाके की जैव विविधता को भारी नुकसान होगा जिसके चलते इलाके में रह रहे वन्यजीवों के जीवन पर भयानक संकट आ सकता है। अगर यह हिमखंड तट पर आकर ठहरता है तो जीवों के लिए भोजन तक पहुंचना असंभव हो जाएगा जिसके चलते बड़ी मात्रा में जीव मर सकते हैं। इसके चलते समुद्री शैवालों को भी नुकसान हो सकता है।
अब तक 1600 किमी का सफर तय कर चुके इस हिमखंड के बारे में वैज्ञानिकों का कहना है कि यह इतना बड़ा है कि कुछ किया नहीं जा सकता। वैज्ञानिक उम्मीद कर रहे हैं कि महासागर की धारा इसकी दिशा बदल दे और दक्षिण की तरफ कर दे। साथ ही इसके टूटने की भी उम्मीद की जा रही है।
-
Rahul Gandhi Wedding Visit: कौन है दुल्हन तनु, जिसकी शादी में पहुंचे राहुल गांधी? तोहफे में क्या-क्या दिया? -
मजहब की दीवार टूटी और उम्र का फासला भी मिटा, शिवम दुबे से इतने साल बड़ी हैं पत्नी अंजुम, चौंका देगी यह जानकारी -
Weather Delhi-NCR: दिल्ली में अगले 24 घंटे में मौसम लेगा खतरनाक यू-टर्न! IMD के नए अलर्ट ने बढ़ाई टेंशन -
PNG Gas Crisis: घर में सिलेंडर नहीं, पाइप वाली गैस PNG चलती है? दिल्ली-NCR के लोगों के लिए आई बड़ी चेतावनी -
'वो गुस्से में था और मैंने माफ़ी मांगी, टी20 विश्व कप के बाद सूर्यकुमार यादव का सनसनीखेज खुलासा -
'ये लव जिहाद है, मैनेजर ने कर दिया सौदा', कुंभ मेले वाली मोनालिसा ने की शादी, डॉयरेक्टर का सनसनीखेज खुलासा -
ईरान-इजराइल युद्ध के कारण रद्द होगा IPL 2026? जंग के बीच BCCI ने लिया बड़ा फैसला -
Hansika Motwani Divorce: 4 साल में ही इन 4 गलतियों से टूटी हंसिका की शादी? कितनी Alimony मिली-कितने बच्चे? -
धोनी ने उड़ाया मजाक, तो अब आया गौतम गंभीर का बेबाक जवाब, हेड कोच ने किया कभी नहीं हंसने का खुलासा -
अगर वो गाना न होता तो हार जाता भारत? T20 World Cup जीत के बाद कप्तान सूर्यकुमार ने किया चौंकाने वाला खुलासा! -
48000000 की प्राइज मनी से भरा पाकिस्तान का कटोरा, टी20 विश्व कप हारने पर भी मिले कई टीमों से ज्यादा पैसे -
LPG Shortage: 'Rush Booking ना करें', एलपीजी संकट के बीच सरकार का बड़ा बयान, जानें फिर कैसे होगी गैस बुक?












Click it and Unblock the Notifications