कैसे धरती में समा रहा है अमेरिका का एक सूखाग्रस्त शहर, दो मंजिला इमारत के बराबर गायब
कैलिफोर्निया, 8 अगस्त: अमेरिका का एक पूरा शहर 'पाताल लोक' में समाता जा रहा है। यह सिलसिला पिछले 100 वर्षों से जारी है और अबतक दो मंजिला इमारत के बराबर यह शहर जमींदोज हो चुका है। अगर इस घटना के पीछे जाएंगे तो यह कुदरत के साथ इंसानों की ओर से हो रहे खिलवाड़ की वजह से हुआ है। लेकिन, चौंकाने वाली बात ये है कि समस्या की वजह का पता लग जाने के बाद भी उसपर पूरी तरह से लगाम नहीं लगाई जा रही है। नतीजा ये हो रहा है कि इस शहर के पृथ्वी में धंसने का सिलसिला लगातार जारी है। कई लोग शहर छोड़कर निकलने भी लगे हैं।

कैलिफोर्निया की कृषि राजधानी 'डूब' रही है
अमेरिका के कोरकोरन शहर को कैलिफोर्निया की स्व-घोषित कृषि राजधानी कहा जाता है। लेकिन, यह शहर धीरे-धीरे धरती में समा रहा है। यह घटनाक्रम इस तरह से हो रहा है कि न किसी दीवार में दरारें पड़ रही हैं और ना ही खुली आंखों से शहर के पाताल में समाने का कोई संकेत ही नजर आ रहा है। सबसे गंभीर हालात इसी वजह से पैदा हो रहे हैं कि इतना बड़ा इलाका एकसाथ धरती के भीतर दब रहा है, जो उसपर खड़े होकर महसूस ही नहीं किया जा सकता। वहां की जमीनी हालात में हो रहे बदलाव को मापने के लिए कैलिफोर्नियो प्रसाशन को नासा (एनएएसए) का रुख करना पड़ा है, जो ऐसे काम के लिए सैटेलाइट तस्वीरों का विश्लेषण करता है।

दो मंजिला इमारत के बराबर धरती में समा गया शहर
कोरकोरन शहर पर मानवीय हरकतों के कहर के परिणाम के बारे में कैलिफोर्निया के जल संसाधन विभाग की मैनेजर जीनी जोन्स ने एएफपी से कहा है कि पिछले 100 वर्षों में यह शहर 'दो मंजिला इमारत के बराबर' धरती में डूब चुका है।' वो कहती हैं कि यह घटना 'इंफ्रास्ट्रक्चर, भूजल कुओं, बांधों, जलसेतुओं के लिए खतरा' हो सकती है। कोरकोरन में हो रहे इस खतरनाक बदलाव का बड़ा संकेत शहर के किनारे एक बांध के पास दिखाई पड़ा था। यह इलाका रूई की खेती के लिए जाना जाता है। खतरे को भांपते हुए जल संसाधन विभाग ने 2017 में बांध की ऊंचाई बढ़ाने का प्रोजेक्ट शुरू किया, क्योंकि जब कभी भी यहां बारिश वापस से शुरू हुई तो धरती में समाते जा रहे शहर को बाढ़ से सुरक्षित रखा जा सके है।

क्यों धरती में समा रहा है अमेरिका का शहर
कोरकोरन का ये हाल इसलिए हुआ है, क्योंकि बीती पूरी शताब्दी में बड़े फार्मिंग ऑपरेटरों ने खेती के लिए भूजल का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल कर लिया है। इसका दर्द 80 साल के एक निवासी रॉल एटिलानो बयां करते हैं, 'यहां बहुत सारे किसान हैं, जो चारों ओर पंपों से पानी खींच रहे हैं।' फार्मिंग कंपनियों ने 20,000 आबादी वाले कोरकोरन की धरती पर किस तरह की गहन खेती की है, इसका अंदाजा यहां नजर आने वाले टमाटर, पशुओं के चारे और कपास ढोंने वाले ट्रकों से पता चलता है। पिछली शताब्दी की बात है। विशाल खेतों की सिंचाई के लिए, ताकि अमेरिका को भोजन मिल सके, बड़ी फार्म कंपनियों ने पानी के भूजल स्रोत को विशाल पंपों से बड़े पैमाने पर बाहर खींचना शुरू किया। इसके कारण ज्यादातर भूजल बाहर निकल गया और खाली हुई जगह में शहर डूबना शुरू हो गया। हाइड्रोलॉजिस्ट एन्ने सेंटर कहते हैं कि कल्पना कीजिए कि कई सारे पंप मिलकर भूजल तेजी से खींच रहे हैं और बारिश के पानी से उसकी भरपाई नहीं हो रही है तो क्या होगा।

भूजल का इस्तेमाल अभी भी है जारी
इस साल इस इलाके में बाढ़ की तो कोई आशंका नहीं है, लेकिन जलवायु परिवर्तन के चलते यह बहुत ही खतरनाक सूखा झेल रहा है। यह क्षेत्र इस समय अमेरिका के फूड-बास्केट की जगह धूल भरे मैदान में तब्दील हो चुका है, जिसके चलते प्रशासन को किसानों के लिए पानी की सप्लाई की कटौती करनी पड़ गई है। लेकिन, इसका डूब रहे शहर पर और बुरा असर पड़ रहा है। पानी की कटौती के चलते बड़े फार्म ऑपरेटरो ने भूजल को और तेजी से खींचना शुरू कर दिया है और यह शहर उतनी ही तेजी से जमीन के नीचे धंसना शुरू हो गया है।

लोगों ने शहर से पलायन करना शुरू कर दिया है
स्थानीय लोग इस समस्या के खिलाफ आवाज उठाना चाहते हैं। लेकिन, दिक्कत ये है कि ज्यादातर लोग उन्हीं बड़ी कंपनियों में काम कर रहे हैं, जो भूजल निकालने में लगे हैं। एटिलानो कहते हैं, 'उन्हें डर है कि अगर वे उनके खिलाफ बोलेंगे तो उनकी नौकरी चली जाएगी।' ये खुद एक बड़ी कपास उत्पादक कंपनी के लिए वर्षों तक काम कर चुके हैं। अब उन्हें लग रहा है कि समय पर उनकी समझ में बात नहीं आई। दिक्कत ये है कि अब तक कंपनियां बड़ी मशीनों से ही सारा काम कर रही हैं और स्थानीय लोगों का रोजगार भी छिन रहा है। यहां की बहुसंख्यक आबादी का एक-तिहाई गरीबी में जी रहा है। यहां तीन मूवी थियेटर थे, तीनों बंद हो चुके हैं। 77 साल के एक स्थानीय बुजुर्ग रॉल गोमेज ने कहा है कि 'काफी संख्या में लोग यहां से निकल रहे हैं।' (कुछ तस्वीरें-प्रतीकात्मक)
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