इस्लाम को आतंकवाद से जोड़ने पर क्या बोले पोप फ्रांसिस
इटली। पोप फ्रांसिस ने पहली बार आतंकवाद को इस्लाम से जोड़े जाने पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। पोप ने पौलेंड से रोम वापस आते समय मीडिया के सवालों का जवाब दिया और उन्होंने साफ कर दिया कि उन्हें क्यों इस बात की चर्चा में कोई दिलचस्पी नहीं है कि आतंकवाद और इस्लाम का क्या लेना-देना है।

पोप ने इस बात को मानने से इंकार कर दिया कि इस्लाम को हिंसा के बराबर रखकर इसे आतंकवाद से जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कैथोलिक लोग भी इतने अधिक घातक हो सकते हैं।
पोप ने यह चेतावनी भी दी है कि यूरोप युवाओं को आतंकवाद की ओर धकेल रहा है। पोप का मानना है कि इस्लाम की तुलना हिंसा से करना गलत है।
पोप फ्रांसिस ने फ्रांस में जेहादी के एक कैथोलिक पादरी की हत्या की निंदा करने के दौरान इस्लाम का नाम न लेने के अपने फैसले का बचाव किया।
उन्होंने कहा कि सिर्फ इस्लाम ही नहीं बल्कि हर धर्म में हमेशा चरमपंथियों का एक छोटा समूह रहता है। पोप के मुताबिक अगर वह इस्लामी हिंसा की बात करते हैं तो फिर उन्हें इसाई हिंसा की भी बात करनी होगी।












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