जानिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कोरोना वायरस इलाज में आया है कितना खर्च
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब कोरोना वायरस से पूरी तरह ठीक हो चुके हैं। व्हाइट हाउस में उनके डॉक्टर की तरफ से भी इस बात की जानकारी दे दी गई है कि उनके टेस्ट निगेटिव आए हैं। साथ ही सोमवार से वह फिर से चुनावी अभियान में सक्रिय हो गए हैं। इस बीच उनके इलाज पर कितना खर्च आया है, इसे लेकर भी अमेरिकी मीडिया में बहुत सुगबुगाहट है। अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रंप के इलाज पर 100,000 अमेरिकी डॉलर से भी ज्यादा का खर्च आया है। भारतीय रुपयों के हिसाब से अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के इलाज पर आए 73 लाख से ज्यादा का खर्च आया है। इसका बोझ एक सामान्य अमेरिकी नागरिक जो टैक्स अदा करता है, उस पर पड़ेगा।

हेलीकॉप्टर से पहुंचे अस्पताल
न्यूयॉर्क टाइम्स ने जो अनुमान लगाया है उसमें उसने राष्ट्रपति के हेलीकॉप्टर से अस्तपाल पहुंचने और वहां से हेलीकॉप्टर के जरिए ही व्हाइट हाउस लौटने, कोरोना वायरस टेस्ट्स, ऑक्सीजन, स्टेरॉयड्स और एक प्रयोगात्मक एंटी-बॉडी ट्रीटमेंट को शामिल किया गया है। अखबार के मुताबिक एक आम नागरिक के लिए इलाज कई हजार गुना है। राष्ट्रपति के इलाज में जो भी खर्च आया है उसे प्रांतीय सरकार की तरफ से उठाया गया है। अखबार के मुताबिक राष्ट्रपति के इलाज के दौरान हेलीकॉप्टर के प्रयोग पर सबसे ज्यादा रकम खर्च हुई। राष्ट्रपति ट्रंप को वॉल्टर रीड मिलिट्री मेडिकल सेंटर में भर्ती कराया गया था। लेकिन इसके अलावा उनके इलाज के दौरान बाकी चीजों पर भी काफी रकम खर्च हुई।
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टेस्टिंग पर भी खर्च हुए कई डॉलर
द टाइम्स के मुताबिक बार-बार होने वाले कोरोना वायरस टेस्ट पर भी सबसे ज्यादा खर्च आया और खर्च के हिसाब से यह दूसरे नंबर पर है। अमेरिका में कोरोना टेस्ट आमतौर पर 100 डॉलर का है लेकिन इसका 2.4 प्रतिशत हिस्सा इंश्योरेंस कंपनी मरीज को देती है। राष्ट्रपति के लिए कोरोना के इलाज में रेमेडेसिवियर दवा का प्रयोग हुआ था और अगर इसे प्राइवेट इंश्योरेंस कंपनी अगर खरीदती है तो यह करीब 120 डॉलर का पड़ता है। लेकिन मेडिकेयर और मेडिकएड जैसे सार्वजनिक प्रोग्राम के साथ खरीदने पर इसकी कीमत 2,340 डॉलर पहुंच जाती है।

एंटी-बॉडी की कीमत का खुलासा नहीं
ट्रंप को रेगेएरॉन नाम की एंटीबॉडी का कॉकटेल भी दिया गया लेकिन इसकी कीमत फिलहाल तय नहीं है। यह दवा सिर्फ उन मरीजों को दी जा रही है जिनकी हालत काफी नाजुक है। पांच अक्टूबर को ट्रंप अस्पताल से वापस व्हाइट हाउस पहुंचे हैं। इसके बाद 74 साल के राष्ट्रपति ने दावा किया है कि अमेरिका के पास दुनिया का बेस्ट इलाज है। ऐसे में लोगों को डरने की जरूरत नही है। द टाइम्स का कहना है कि कोरोना वायरस की वजह से अस्पताल में भर्ती होने पर 60 वर्ष से ज्यादा की उम्र के एक मरीज पर करीब 61,912 डॉलर का खर्च आता है।

ठीक होते ही चुनाव में जुटे ट्रंप
अमेरिका में लोग इस बात से खासे नाराज हैं कि उनका मेडिकल बिल बहुत ज्यादा हो गया है। मार्च में अमेरिका में कोरोना महामारी बड़े स्तर पर फैलनी शुरू हुई थी। तब से लेकर अब तक 70 लाख से ज्यादा लोग इसका शिकार हो चुके हैं। वहीं 211,000 अमेरिकी नागरिकों की मौत हो चुकी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को फ्लोरिडा के सैनफोर्ड में चुनावी रैली की। ट्रंप पिछले दिनों कोरोना वायरस से संक्रमित थे और अस्पताल से लौटने के बाद यह उनकी पहली रैली थी।












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