कितने अरब रुपए देकर छूटेंगे सऊदी शहज़ादे?
सऊदी अरब में भ्रष्टाचार के मामले में हिरासत में लिए गए ज़्यादातर शहज़ादों, मंत्रियों और कारोबारियों की रिहाई का रास्ता साफ होता नज़र आ रहा है.
सऊदी के अटॉर्नी जनरल का कहना है कि भ्रष्टाचार निरोधक अभियान में गिरफ्तार किए गए ज़्यादातर लोग माफ़ी के बदले सरकार के साथ समझौता करने को तैयार हो गए हैं.
पिछले महीने इस अभियान के तहत शहज़ादों, मंत्रियों और व्यापारियों को हिरासत में लिया गया था.
एक बयान में कहा गया है कि 320 लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है, जबकि 159 अब भी हिरासत में हैं. जिन्होंने आरोपों या फिर समझौते से इंकार किया है, उन्हें मुकदमा झेलना होगा.
हिरासत में लिए गए लोगों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं. हालांकि बीते सप्ताह प्रिंस मितब बिन अब्दुल्लाह को "स्वीकार्य समझौता" के तहत रिहा कर दिया गया था.
यह समझौता 644 करोड़ रुपए का था. प्रिंस मितब बिन अब्दुल्लाह को कभी सिंहासन के दावेदार के रूप में देखा जाता था.
सऊदी अरब में 11 राजकुमार और कई मंत्री हिरासत में
हिरासत में लिए गए लोगों पर कार्रवाई क्या होगी?
यह स्पष्ट नहीं है. हालांकि अटॉर्नी जनरल के बयान में कहा गया है कि मामले में "अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली कार्रवाई" का पालन किया जाएगा.
हिरासत में लिए गए लोगों को राजधानी रियाद के एक शाही होटल में रखा गया है.
सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने विश्लेषकों की उस बात को "हास्यास्पद" बताकर नकार दिया है, जिसमें अभियान को सत्ता हड़पने वाला बताया गया था.
सऊदी के आम लोगों ने प्रिंस सलमान के इस अभियान का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इस कार्रवाई से उनके देश के तेल से कमाए गए पैसे आम लोगों के काम आएंगे.
सऊदी अरब: 'भ्रष्टाचार में हुई गिरफ़्तारियां तो बस शुरुआत है'
क्या हुआ था
नवंबर के पहले सप्ताह में अरब की भ्रष्टाचार निरोधक कमेटी ने 11 राजकुमारों, चार मंत्रियों और दर्जनों पूर्व मंत्रियों को हिरासत मे लिया था.
हिरासत में लिए गए लोगों के नाम जारी नहीं किए गए थे. उस समय सऊदी ब्रॉडकास्टर अल-अरेबिया ने कहा था कि 2009 में जेद्दाह में आई बाढ़ और 2012 में मर्स वायरस का संक्रमण फैलने के मामलों की जांच नए सिरे से शुरू की गई है.
नई भ्रष्टाचार निरोधक कमेटी के गठन के चार घंटों बाद ही इन लोगों को हिरासत में ले लिया गया था
सऊदी प्रिंस मितब बिन अब्दुल्ला रिहा
क्राउन प्रिंस हैं जांच कमेटी के अध्यक्ष
सऊदी अरब की सरकारी समाचार एजेंसी एसपीए के अनुसार, भ्रष्टाचार निरोधक कमेटी की अध्यक्षता क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान कर रहे हैं और उन्हें अरेस्ट वॉरन्ट जारी करने या यात्रा पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार है.
उस दौरान प्रिंस सलमान ने सऊदी नेशनल गार्ड और नौसेना प्रमुखों को भी बदल दिया गया था.
एसपीए के अनुसार, किंग सलमान ने नेशनल गार्ड मिनिस्टर प्रिंस मितेब बिन अब्दुल्लाह और नेवी कमांडर एडमिरल अब्दुल्लाह बिन सुल्तान बिन मोहम्मद अल-सुल्तान को बर्ख़ास्त कर दिया था.
आधिकारिक रूप से इन्हें हटाए जाने की कोई वजह नहीं बताई गई थी.
सऊदी अरब में महिलाओं की पेंटिंग बनाना 'पाप' है












Click it and Unblock the Notifications