गैस खत्म, आज भर का तेल बचा... भयावह स्थिति में फंसे श्रीलंका के लिए भारत ने दिल और खजाना, दोनों खोले

श्रीलंका के प्रधानमंत्री ने कहा है कि, श्रीलंका के पास इस वक्त जितना पेट्रोल है, वो शायद एक दिन तक ही चलेगा। वहीं, श्रीलंका के प्रधानमंत्री ने लोगों से संकट का सामना करने की अपील की है।

कोलंबो/नई दिल्ली, मई 17: श्रीलंका में हर गुजरते दिन के साथ संकट गहराता जा रहा है। नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने कहा है कि, श्रीलंका में सिर्फ आज भर का ही पेट्रोल बचा है और शाम तक देश में पेट्रोल खत्म हो जाएगा। वहीं, श्रीलंका में रसोई गैस भी करीब करीब खत्म हो चुका है और हकीकत ये है, कि श्रीलंका की स्थिति इस वक्त, हम आप जितना सोच सकते हैं, उससे भी ज्यादा खराब है। एक तरह श्रीलंका में हजारों लोग सड़कों पर उतर गये हैं तो सरकार क्या करे, उसे कुछ समझ नहीं आ रहा है।

श्रीलंका की विकराल स्थिति

श्रीलंका की विकराल स्थिति

श्रीलंका के प्रधानमंत्री ने कहा है कि, श्रीलंका के पास इस वक्त जितना पेट्रोल है, वो शायद एक दिन तक ही चलेगा। इस बीच, देश के बिजली मंत्री ने नागरिकों से सर्पीन ईंधन की कतार में शामिल नहीं होने के लिए कहा है, जिसके कारण सरकार विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं। पीएम विक्रमसिंघे ने कहा किस, 'फिलहाल, हमारे पास केवल एक दिन के लिए पेट्रोल का स्टॉक है। अगले कुछ महीने हमारे जीवन के सबसे कठिन महीने होने वाले हैं'। वहीं, श्रीलंका के प्रधानमंत्री ने कहा कि, भारतीय क्रेडिट लाइन के तहत दो और डीजल शिपमेंट 18 मई और 29 मई को होने वाले हैं। श्रीलंकाई पीएम ने कहा कि, 'हम इन शिपमेंट का भुगतान करने के लिए खुले बाजार में डॉलर प्राप्त करने के लिए काम कर रहे हैं'।

‘चुनौतियों का सामना करने की अपील’

‘चुनौतियों का सामना करने की अपील’

श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने आने वाले कुछ महीनों को काफी कठिन बताते हुए देश के लोगों से खुद को तैयार रखने की अपील की है और कहा है कि, देश के लोगों को कुछ बलिदान करने और विकट परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा। श्रीलंका के प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि पेट्रोल स्टेशनों पर कतारों को कम करने के लिए, देश को लगभग 75 मिलियन अमरीकी डालर की आवश्यकता है। श्रीलंका में एक चौथाई बिजली, ईंधन के माध्यम से ही पैदा होती है और ईंधन की कमी के कारण आने वाले दिनों में देश के लोगों के लिए और अधिक कठिन होंगे। अब संभावना है कि देश में दैनिक बिजली कटौती बढ़कर 15 घंटे प्रतिदिन हो जाएगी। ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं के अलावा, श्रीलंका भी दवा की भारी कमी से जूझ रहा है, जिससे COVID-19 महामारी के बीच देश के लोगों के स्वास्थ्य की आशंका बढ़ रही है। पीएम विक्रमसिंघे ने कहा कि उनकी सरकार के पास 14 लाख सिविल सेवकों को मई में उनके वेतन का भुगतान करने के लिए भी पैसे नहीं हैं।

भारत कैसे कर रहा श्रीलंका की मदद

भारत कैसे कर रहा श्रीलंका की मदद

भीषण आर्थिक संकट में फंसा श्रीलंका बार-बार भारत से मदद मांग रहा है और भारत भी लगातार अपने पड़ोसी जेश की मदद कर रहा है। भारत लगातार श्रीलंका में पेट्रोलियम पदार्थ, अनाज और आवश्यक दवाओं की आपूर्ति श्रीलंका को कर रहा है। भारत द्वारा श्रीलंका को पहले ही 3 अरब डॉलर से अधिक की क्रेडिट लाइन और करेंसी एक्सचेंज की सुविधा दी जा चुकी है, ताकि श्रीलंका अपने करेंसी में भारत से सामान खरीद सके। इसके साथ ही, नई दिल्ली ने एशियन क्लियरिंग यूनियन के तहत 2 अरब डॉलर की राशि के पुनर्भुगतान की तारीख को टाल दिया है। यानि, अभी श्रीलंका को 2 अरब डॉलर का भुगतान नहीं करना होगा, जो श्रीलंका के लिए बड़ी राहत की बात है।

भारत ने की यूरिया की सप्लाई

भारत ने की यूरिया की सप्लाई

इसके साथ ही, यूरिया निर्यात पर प्रतिबंध के बाद भी भारत सरकार ने, श्रीलंका सरकार के अनुरोध पर 65 हजार मीट्रिक टन यूरिया की सप्लाई श्रीलंका को की है। भारत ने साल की शुरुआत में ही श्रीलंका को ऋण, क्रेडिट स्वैप और क्रेडिट लाइनों में 3 अरब अमेरीकी डालर से अधिक प्रदान करने का भी वादा किया है। भारत ने भी श्रीलंका की नई सरकार के साथ काम करने की भी इच्छा जताई है। आपको बता दें कि, दिवालिया होने से बचने के लिए श्रीलंका को इस साल कम से कम 3 से 4 अरब डॉलर की जरूरत है। पिछले तीन महीनों में, भारत ने श्रीलंका को लगभग 2.5 बिलियन डॉलर की सहायता प्रदान की है, जिसमें ईंधन और भोजन के लिए ऋण सुविधाएं शामिल हैं। वहीं, इस साल मार्च के मध्य से, 270,000 मीट्रिक टन से अधिक डीजल और पेट्रोल श्रीलंका को दिया गया है।

श्रीलंका को चावल की आपूर्ति

श्रीलंका को चावल की आपूर्ति

हाल ही में विस्तारित एक अरब डॉलर की ऋण सुविधा के तहत भारत द्वारा श्रीलंका को लगभग 40,000 टन चावल की आपूर्ति की गई है। सिंहल और तमिल नव वर्ष से पहले, भारत ने श्रीलंका के लोगों को अपना सबसे बड़ा त्योहार मनाने में मदद करने के लिए 11,000 मीट्रिक टन चावल का एक शिपमेंट भेजा था। वहीं, श्रीलंका सरकार की ओर से ऊर्जा मंत्रालय और सीलोन पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के माध्यम से पेट्रोलियम उत्पादों को खरीदने में मदद करने के लिए भारत ने श्रीलंका को अल्पकालिक ऋण के रूप में 500 मिलियन डॉलर दिए थे।

मदद के लिए भारत ने खोला दिल

मदद के लिए भारत ने खोला दिल

नवंबर 2021 में, भारत ने श्रीलंका को 100 टन नैनो नाइट्रोजन तरल उर्वरक प्रदान किए थे, क्योंकि श्रीलंका सरकार ने रासायनिक उर्वरकों के आयात को रोक दिया था। साथ ही, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एशियन क्लीयरेंस यूनियन के तहत कई सौ मिलियन डॉलर मूल्य के सेंट्रल बैंक ऑफ श्रीलंका द्वारा $400 मिलियन की मुद्रा अदला-बदली और आस्थगित भुगतान का विस्तार किया है। बढ़ती महंगाई दर के बीच आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए नियमित रूप से जूझ रहे देश के लोगों के लिए भारत ने 10 अप्रैल को सब्जियां और दैनिक राशन का सामान श्रीलंका भेजा है। चीनी, चावल और गेहूं से भरे जहाज भी नई दिल्ली से कोलंबो भेजे गए हैं।

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