यूरोप और US से भारत के संबंधों को खराब करने की साजिश, चीन का वामपंथी नेटवर्क कैसे कर रहा है काम? समझिए
India-China News: साल 2014 में नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से भारत ने अमेरिका और यूरोपीय देशों के साथ तेजी से रणनीतिक और रक्षा संबंध बनाए हैं, जिसने चीन में खलबली मचा दी है और कम्युनिस्ट शासन अब इस संबंध को तोड़ने के लिए काम कर रहा है।
चीन और कम्युनिस्ट पार्टी के बढ़ते विस्तारवाद को रोकने के लिए दुनिया में शीत युद्ध 2.0 एक वास्तविकता बन चुका है और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) चाहती है, कि भारत और अमेरिका के बीच के संबंध कभी भी उस स्तर तक मजबूत ना होने पाए, जिससे उसके लिए खतरा काफी बढ़ जाए।

लिहाजा, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी भारत और पश्चिमी देशों के बीच के संबंध को खराब करने के लिए एक नेटवर्क का संचालन कर रहा है और इस नेटवर्क में एंटी-इंडिया तत्व काफी सक्रिय हैं। और जाहिर तौर पर, भारत के खिलाफ लगाए गये जहरीले आरोप, कि 'मोदी सरकार विदेशों में हत्याएं करवा रही हैं', उसी नेटवर्क और प्रोपेगेंडा का हिस्सा है।
चीनी नेटवर्क कैसे करता है काम?
और ये आरोप सबसे पहली बार खुद कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने लगाया था, वो भी देश की संसद में। और अब ये बात छिपी नहीं है, कि जस्टिन ट्रूडो की लिबरल पार्टी के कई सांसद, चीन के आशीर्वाद से जीते हैं और कनाडा के चुनाव में चीनी हस्तक्षेप की जांच कराने से कैसे महीनों तक जस्टिन ट्रूडो इनकार करते रहे।
जस्टिन ट्रूडो के आरोप के बाद ओटावा में सत्तारूढ़ गठबंधन से जुड़े तत्वों ने बार-बार भारत पर यही आरोप लगाने की कोशिश की है, और नाटो के सदस्य-राज्यों के बीच इस तरह का माहौल बनाने की कोशिश की है, कि भारत एक गुनहगार देश है।
जाहिर तौर पर इसका मकसद, नाटो का ध्यान चीन और इंडो-पैसिफिक से भटकाना है। और इंडो-पैसिफिक में चीन को काउंटर भारत के बिना किया नहीं जा सकता है और अगर भारत से पश्चिमी देशों के संबंध खराब होते हैं, तो चीन के पास विस्तार के लिए और समय मिलेगा।
इसके अलावा, चीन ये भी नहीं चाहता है, कि यूक्रेन युद्ध या फिर इजराइल-हमास युद्ध थमे, क्योंकि जब तक ये युद्ध चल रहे हैं, इंडो-पैसिफिक पर अमेरिका का ध्यान नहीं जा सकता है। और इस बीच वो इंडो-पैसिफिक देशों की स्वतंत्रता और संप्रभुता को कुचलने में लगा हुआ है।
कनाडाई प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो ने एक ऐसे आरोप के आधार पर भारत के खिलाफ पश्चिमी देशों का एक समूह बनाने की कोशिश की है, जो सबूतों से अप्रमाणित है। कनाडाई प्रधानमंत्री सबूत नहीं होने के बाद भी बार बार भारत के खिलाफ खुद को विश्वसनीय साबित करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि भारत सबूत मांग रहा है, तो दे नहीं रहे हैं। लेकिन, इन सबके बीच चीन समर्थिक ये नेटवर्क बार बार भारत के खिलाफ रिपोर्ट्स जारी कर रहा है।
जैसे इसी हफ्ते ब्रिटिश अखबार गार्जियन में छपे एक लेख में दावा किया गया है, कि पाकिस्तान में आतंकवादियों की हत्याओं के पीछे भारत का हाथ है। गार्जियन के पत्रकान ने ISI से बातचीत के आधार पर बगैर किसी सबूत ये रिपोर्ट लिखी है। ये रिपोर्ट भी इसी नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।
लेकिन, हैरानी की बात ये है, कि अमेरिका भी कनाडा के साथ बह चला है और उसे ख्याल नहीं है, कि इंडो-पैसिफिक में उसका कितना बड़ा नुकसान हो रहा है। कनाडा के साथ सुर में सुर मिलाने से पिछले 7-8 महीने से भारत और अमेरिका के संबंध अब खराब रहे हैं। इसके अलावा भी, बाइडेन प्रशासन ने बार बार भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने की कोशिश की है। सीएएम, अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तार, कांग्रेस के बैंक अकाउंट्स को लेकर टिप्पणी की है। इसके अलावा, बाइडेन प्रशासन की तरफ से भेजे गये अमेरिकी दूत एरिक गार्सेटी ने भारत को लेकर जैसी टिप्पणी की है, उससे यही संदेश जा रहा है, कि अमेरिका के लिए भारत भी वही स्थान रखता है, जैसे अफगानिस्तान, इराक या पाकिस्तान, जिसपर अमेरिका अपने विचार थोप सकता है। जाहिर तौर पर, भारत में अमेरिका ऐसा नहीं कर सकता है।
भारतीयों के मन में अमेरिका विरोध भड़का रहे एरिक गार्सेटी?
आम भारतीयों के मन में अमेरिका को लेकर कभी भी ज्यादा विश्वास नहीं रहा है और रूस की मदद को भारतीय भूले नहीं है। रूस की मदद और अमेरिकी धोखे की कहानी भारत में पीढ़ी दर पीढ़ी सुनाई जाती है। लिहाजा, एक आम भारतीय कभी भी अमेरिका को लेकर विश्वास नहीं कर पाया है और एरिक गार्सेटी या फिर बाइडेन प्रशासन जो कर रहा है, वो भारतीयों के मन में अमेरिका के खिलाफ भावना का और विस्तार ही करेगा।
अमेरिका आज तक इस बात को भले ही समझ नहीं पाया है, लेकिन चीनी नेटवर्क इस बात को भली भांति जानता है।
लिहाजा, सवाल यह है, कि बाइडेन प्रशासन को कौन भारत के खिलाफ बयानबाजी के लिए उकसा रहा है। और इस चीज को जानना कोई रॉकेट साइंस नहीं है, कि अमेरिका और भारत को यह सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है, कि इंडो-पैसिफिक को ऐसी स्थिति में लाया जाए, जहां इसका पानी सभी के लिए खुला हो।
पहले से ही, कम्युनिस्ट पार्टी ने आसियान देशों के समुद्र पर पर्याप्त नियंत्रण हासिल कर लिया है, जिसे वर्तमान में दक्षिण चीन सागर का गलत नाम दिया गया है, और अब चीन इंडो-पैसिफिक में भी यही करने की कोशिश कर रहा है। आसियान देशों में चीन के खिलाफ गुस्सा बढ़ रहा है। फिलीपींस और चीन के बीच हर दिन साउथ चायना समुद्र में लड़ाई हो रही है, लेकिन अमेरिका को जैसे कदम उठाने चाहिए, वो नहीं उठा रहा है।

नेटवर्क को वित्तीय मदद पहुंचाता है चीन
चीन का ये प्रोपेगेंडा नेटवर्क भारत के सात साथ अमेरिका, यूरोप, कनाडा और यूके जैसे देशों में फैला हुआ, जिसकी बकायदा फंडिंग की जाती है। जैसे भारत में मोदी सरकार की आलोचना करने वाले प्रसिद्ध न्यूज पोर्टल को लेकर खुलासा हुआ है, कि उसे चीन की तरफ से श्रीलंका के रास्ते फंड दिया जा रहा है, जिसकी फिलहाल जांच चल रही है और मामला कोर्ट में है।
अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन और अटलांटिक एलायंस का हिस्सा बनने वाले अन्य देशों के कई प्रभावशाली व्यक्तियों के चीनी कम्युनिस्ट संस्थाओं के साथ वित्तीय संबंधों की बार-बार रिपोर्ट आई है।
कई चीन समर्थिक पत्रकार बार बार इंटरनेशनल अखबारों में भारत के खिलाफ रिपोर्ट्स लिख रहे हैं और चूंकी इस वक्त भारत में चुनावी माहौल बना हुआ है, तो मोदी सरकार के खिलाफ रिपोर्ट्स की बाढ़ आई हुई है। इन रिपोर्टों को पढ़ने से शीशे की तरफ साफ हो जाता है, कि अटलांटिक गठबंधन को भारत से दूर करने के लिए सीसीपी-निर्देशित नेटवर्क काफी मजबूती से जुटा हुआ है। जबकि, अमेरिका जैसे देश देश इन खतरों को लेकर बेपरवाह हैं।
-
Iran Heritage: ईरान से इस्लाम का नामो-निशान मिटाना चाहते US-Israel? 63000 साल पुराने इतिहास पर हमले- Video -
Weather Delhi NCR: दिल्ली में मौसम का डबल अटैक, अगले 72 घंटों में आने वाला है नया संकट, IMD का अलर्ट -
'बच्चे के लिए किसी के साथ भी सो लूंगी', वड़ा पाव गर्ल Chandrika Dixit का शॉकिंग बयान, लोग बोले- ये बाजार में -
Donald Trump Iran War: टूट के कगार पर NATO? ट्रंप ने सरेआम यूरोप को कहा 'धोखेबाज', आधी रात को लिया बड़ा फैसला -
Gold Rate Today: अचानक पलटा ट्रेंड! सोने में जोरदार उछाल, दिल्ली से पटना तक आज 22K-24K गोल्ड का ताजा भाव -
Divyanka Tripathi Love Story: गर्भवती हैं टीवी की 'ईशी मां'? शादी के 10 साल बाद बनेंगी मम्मी? कौन है पति? -
Silver Price Today: चांदी एक झटके में 4000 हुई महंगी,दिल्ली में 9000 टूटी, 10 ग्राम से 1 किलो तक का ताजा भाव -
LPG सिलेंडर के लिए e-KYC क्या सभी कस्टमर्स के लिए अनिवार्य है? पेट्रोलियम मंत्रालय का आया बड़ा बयान -
मंत्री हरदीप पुरी की बेटी और एपस्टीन विवाद: हाई कोर्ट सख्त—'24 घंटे में सब हटाओ', Himayani Puri क्या करती हैं? -
Mumbai Gold Silver Rate Today: सोना बढ़ा, चांदी लुढ़की, जानें क्या है आज मुंबई में ताजा भाव? -
TMC Candidate Full List: 291 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान,ममता बनर्जी भवानीपुर से मैदान में, किसे कहां से टिकट -
57 की उम्र में फेमस बॉलीवुड एक्ट्रेस ने उतारे सारे कपड़े, फिर शेयर की ऐसी तस्वीर, क्यों करना पड़ा ऐसा काम?












Click it and Unblock the Notifications