दुनिया के सबसे उम्रदराज नर पांडा की मौत, 35 साल की उम्र में दी गई इच्छामृत्यु
दुनिया में जीव-जन्तु से प्यार करने वालों के लिए दुख की खबर है। बता दें कि, दुनिया के सबसे बुजुर्ग और विशालकाय नर पांडा की मौत हो गई है। इस खबर से पूरी दुनिया के Animal Lovers में शोक की लहर दौड़ गई है।
हांगकांग, 22 जुलाई : दुनिया के सबसे उम्रदराज नर पांडा की हांगकांग के एक थीम पार्क में 35 साल की उम्र में मौत हो गई। खबर के मुताबिक, कई दिनों से उसकी सेहत ठीक नहीं थी। इस खबर से Animal Lovers में शोक की लहर दौड़ गई है।

सबसे बुजुर्ग नर पांडा की मौत
चीन ने 1999 में एनएन (an an) नाम का पांडा और जिया जिया नाम की एक मादा पांडा हांगकांग को भेंट किए थे। तभी से ये दोनों विशालकाय पांडा ओशन पार्क में था।दुनिया का सबसे बूढ़ा और बड़ा नर पांडा (Panda) एन एन(An An) को गुरुवार सुबह हांगकांग के ओशन पार्क (Hong Kong Ocean Park) में इच्छामृत्यु (Euthanasia) दी गई। इस पांडा की उम्र 35 साल थी जो इंसानों की 105 साल की उम्र के बराबर है। चीन संरक्षण और अनुसंधान केंद्र (China Conservation and Research Centre) से सलाह लेने के बाद, गुरुवार सुबह 8.40 बजे पांडा को इच्छामृत्यु दी गई।

जिया जिया की 2016 में मौत हुई थी
साल 2016 में जिया जिया नाम की मादा पांडा की 36 साल की उम्र में मौत हो गई थी। उस समय वह सबसे उम्रदराज पांडा थी। वहीं, ओशन पार्क ने एनएन पांडा की मौत पर गहरा दुख प्रकट किया है।

काफी समय से बीमार था एनएन
एन एन कुछ समय से बीमार चल रहा था। वह 35 साल का था। जीव-जन्तु के विषय के जानकार बताते हैं कि, एक पांडा की 35 साल इंसान के 105 वर्षों के बराबर होता है। 'ओशन पार्क कॉरपोरेशन' के अध्यक्ष पाउलो पोंग ने एक बयान में कहा, ' एन एन के साथ हमने कई बेहतरीन लम्हें बिताए और उसके साथ हमारी कई यादें जुड़ी हैं। उसकी चतुराई और चंचलता बहुत याद आएगी।'

बहुत दुखद है एन एन का ऐसे चले जाना
ओशन पार्क हांगकांग ने अपने फेसबुक पोस्ट में कहा, हमें आज (21 जुलाई, 2022) यह घोषणा करते हुए आपार दुख हो रहा है कि, आप सबके प्यारे पांडा की 35 साल की उम्र में मौत हो गई। पांडा ने अपना पूरा जीवन अच्छे से व्यतित किया। ओशन पार्क ने बताया कि, पांडा के 35 साल इंसान के 105 वर्ष की आयु के बारबर होती है।

इच्छामृत्यु दी गई एन एन को
हांगकांग पार्क के बयान के मुताबिक, थीम पार्क के अधिकारियों ने कहा कि, पिछले कुछ हफ्तों से एन एन ठीक से भोजन नहीं ले पा रहा था, जिसके कारण उसका शरीर बिगड़ता चला गया। हम लोगों से उसकी ये हालत देखी नहीं जा रही थी। अंत में ओशन पार्क और कृषि मत्स्य पालन और संरक्षण विभाग के पशु चिकित्सकों ने चीन संरक्षण और अनुसंधान केंद्र से परामर्श करने के बाद पशु कल्याण कारणों का आधार बनाकर एनएन को इच्छामृत्यु देने का कठिन और दुखद निर्णय लिया गया। फेसबुक पोस्ट पर एक नोट शेयर किया गया है, जिसमें लिखा है, अगर आप व्यक्तिगत तौर पर एनएन की अंतिम यात्रा को देखने नहीं आ पा रहे हैं तो पोस्ट पर पांडा को अंतिम श्रद्धांजलि दे सकते हैं।












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