चीन में कोरोना मरीज के सिकुड़े अंडकोष, यौन संबंध बनाने में आ रही ये दिक्कत
नई दिल्ली, 29 अप्रैल। चीन (China) में कोरोना मरीज के ठीक होने के बाद उसमें अजीब सी समस्य का सामना करना पड़ रहा है। एक यूरोलॉजिस्ट (Urologist) ने इस बात का खुलासा किया कि 20 वर्षीय एक युवक जब कोरोना से रिकवर हुआ तो उसके इरेक्शन जैसी स्थिति का सामना करना पड़ा। वहीं हांगकांग विश्वविद्यालय (University of Hong Kong) की रिसर्च में कोरोना से प्रभावित लोगों के रिकवर होने के बाद कई अजीब समस्याओं का सामना करना पड़ा।

हाल ही में एक हांगकांग के एक यूरोलॉजिस्ट ने इस बात का खुलासा किया है कि 20 साल की उम्र में एक व्यक्ति कोरोना से रिकबर होने के बाद एक अजीब समस्या से जूझ रहा है। पहली बार जब उसे अपनी इस समया का पता चला तो वह हैरान हो गया। उसे पता चला कि उसके अंडकोष सिकुड़ गए थे और उन्हें इरेक्शन की समस्या का सामना करना पड़ रहा था।
स्थिति का पता लगाने के लिए हांगकांग के यूरोलॉजिस्ट ट्रेवर ली चुर्क फाइ ने उसका ब्लेड टेस्ट करवाया। ली ने कहा कि एक और मरीज ऐसा ही था जिसे कोरोना के बाद इरेक्शन की समस्या का सामना किया। ली ने कहा कि यह संभव है कि कोरोना की वजह से ही समस्या आई हो। यह समस्या लगभग 3 प्रतिशत को हो सकती है।
इससे पहले भी हांगकांग विश्वविद्यालय के एक अध्ययन में पाया गया था कि कोरोना के कारण पुरुषों के अंडकोष का सिकुड़ने के साथ उनकी सेक्स पावर भी प्रभावित हो सकती है। हांगकांग यूनिवर्सिटी के यूरोलॉजिस्ट ने साफ किया कि जिस मरीज को कोरोना के बाद इरेक्शन की समस्या हुई उसकी कोई बुरी आदत या फिर कोई नशा नहीं करता था। वह कोरोना की पांचवीं लहर के दौरान संक्रमित हुआ था। उसे कोरोना के हल्के लक्षण दिखाई दिए। वह होम आइसोलेशन में ही ठीक हो गया।
कोरोना से रिकवर होने के बाद पता चला कि मरीज के दोनों अंडकोष सिकुड़ गए थे और उसकी यौन क्षमता बुरी तरह प्रभावित हो चुकी थी। यूरोलॉजिस्ट ली का मानना है कि ऐसी समस्याएं मनोवैज्ञानिक कारणों से भी हो सकती हैं जिन्हें डॉक्टर की सलाह से ठीक किया जा सकता है। लेकिन इस संभावना को नजरअंदाज नहीं किया कि ऐसी समस्याएं कोविड संक्रमण से हो सकती हैं।
यूरोलॉजिस्ट ली ने कहा है कि 10 से 20 फीसदी संक्रमित मरीजों को अंडकोष में बेचैनी या दर्द की समस्या आई। उन्होंने कहा एक अध्ययन से पता चला है कि ठीक हुए मरीजों में से एक चौथाई में वीर्य की मात्रा और उनके शुक्राणुओं की गतिशीलता में गिरावट आई। ली ने यहां तक कहा कि COVID संक्रमण से अस्पताल में भर्ती मरीजों को अंडकोष में दर्द का अनुभव हो सकता है।












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