World Hindi Conference: फिजी की संसद में भी गूंजेगी अब हिन्दी, उप प्रधानमंत्री ने किया एलान
फिजी के उपप्रधानमंत्री ने कहा, ‘पिछले 8- 10 वर्षों में हिन्दी के प्रचार-प्रसार में धीमापन आया था। हिन्दी को उतनी प्राथमिकता नहीं दी जा रही थी जितनी दी जानी चाहिए थी। लेकिन ये जो हिन्दी सम्मेलन है वो इसे फिर से उठाएगा।

Image: Oneindia
फिजी में विश्व हिन्दी सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है। यह आयोजन 15 से 17 फरवरी तक चलेगा। हिन्दी भाषा का यह सबसे बड़ा सम्मेलन है, जिसमें विश्व भर के हिन्दी प्रेमी एकत्रित होते हैं। इसी क्रम में फिजी की राजधानी सुवा में 12वां विश्व हिन्दी सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है। इस बार के हिन्दी सम्मेलन में 50 देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद की जा रही है। इससे पहले फिजी के उप प्रधानमंत्री बिमन चंद प्रसाद ने पीटीआई को बताया कि अब से फिजी की संसद में भी हिन्दी बोली जा सकेगी।
हिन्दी को बढ़ावा दे रही सरकार
समाचार एजेंसी से बातचीत में फिजी के उपप्रधानमंत्री ने कहा, 'पिछले 8- 10 वर्षों में हिन्दी के प्रचार-प्रसार में धीमापन आया था। हिन्दी को उतनी प्राथमिकता नहीं दी जा रही थी जितनी दी जानी चाहिए थी। लेकिन ये जो हिन्दी सम्मेलन है वो इसे फिर से उठाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी जो नई सरकार है उसने पिछले दो हफ्ते पहले ही एक विशेष निर्णय लिया है कि संसद में भी अब हिन्दी का इस्तेमाल कर सकते हैं। पिछली सरकार ने हिन्दी और आदिवासी भाषा पर संसद में बोलने से प्रतिबंधित कर दिया था लेकिन हमारी सरकार ने इसे बदल दिया।'
पीएम मोदी के फिजी में हजारो फैंस
उप प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे जैसे हिन्दी में बात कर पाने वाले लोग अब से फिजी की संसद में हिन्दी में बात कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने साल 2014 में फिजी का दौरा किया था। उस दौरे के दौरान उन्होंने फिजी में एक नई उमंग कायम की थी। फिजी और भारत के बीच का रिश्ता और करीब हुआ था। पिछले कई सालों में भारत में कितनी प्रगति हुई है ये हम सभी ने देखा है। पूरे विश्व में उनकी लीडरशिप की लोग वाह-वाही करते हैं। फिजी में पीएम मोदी के हजारों फैन्स हैं। अगर वो फिर से फिजी का दौरा करेंगे तो उनका विशेष स्वागत रहेगा।
40 देशों में सिखाई जाती है हिन्दी
आपको बता दें कि विश्व की सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषाओं में हिन्दी का तीसरा स्थान है। हिन्दी सिर्फ भारत में ही नहीं बोली जाती, बल्कि गुयाना, सूरीनाम, त्रिनिदाद, फिजी, मॉरीशस, दक्षिण अफ्रीका और सिंगापुर में भी यह अधिकांश लोगों की बोलचाल की भाषा है। अंग्रेजी और मंदारिन के साथ ही हिन्दी विश्व में सर्वाधिक बोली जाने वाली तीसरी सबसे बड़ी भाषा है। भारत के अलावा विश्व भर के 40 से अधिक देशों में 600 से अधिक विद्यालयों/महाविद्यालयों में हिन्दी पढ़ाई और सिखाई जाती है। जर्मनी के स्कूलों में तो हिन्दी पढ़ाने के लिए विदेश मंत्रालय ने जर्मन सरकार से समझौता भी किया है और वहां पर जर्मन हिन्दी रेडियो सेवा संचालित है।












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