2022 में किस देश का पासपोर्ट है सबसे शक्तिशाली, भारतीय पासपोर्ट की क्या है रैकिंग? देखिए लिस्ट
हेनले पासपोर्ट इंडेक्स साल 2006 से हर साल पासपोर्ट को लेकर रैंकिंग जारी करता है, जिससे पता चलता है कि, किस देश का पासपोर्ट दुनिया में सबसे ज्यादा स्वतंत्र है।
वॉशिंगटन, जनवरी 12: दुनिया में किस देश का पासपोर्ट सबसे ज्यादा शक्तिशाली है और दुनिया के किस देश के पासपोर्ट को सबसे कमजोर माना गया है, साल 2022 में पासपोर्ट्स की रैंकिंग सामने आ गई है और पासपोर्ट स्वतंत्रता को लेकर इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (आईएटीए) द्वारा प्रदान किए गए विशेष आंकड़ों के आधार पर हेनले पासपोर्ट इंडेक्स ने साल 2022 की रैकिंग जारी कर दी है। आइये देखते हैं, किस देश का पासपोर्ट कितना शक्तिशाली और किस देश का पासपोर्ट सबसे कमजोर है।

2006 से होती है पासपोर्ट्स की रैंकिंग
हेनले पासपोर्ट इंडेक्स साल 2006 से हर साल पासपोर्ट को लेकर रैंकिंग जारी करता है, जिससे पता चलता है कि, किस देश का पासपोर्ट दुनिया में सबसे ज्यादा स्वतंत्र है। हालांकि, पिछले 16 साल के दरम्यां पिछले 2 सालों से कोविड महामारी की वजह से पासपोर्ट रैंकिंग और भी ज्यादा जरूरी हो गई है। हालांकि, पासपोर्ट की रैकिंग में कोविड महामारी की वजह से लगाए जा रहे प्रतिबंधों को शामिल नहीं किया गया है। हेनले पासपोर्ट इंडेक्स-2022 की रिपोर्ट में जापान और सिंगापुर को 192 देशों में पहले नंबर पर रखा गया है और जापान और सिंगापुर के पासपोर्ट धारक 192 देशों की वीजा फ्री यात्रा कर सकते हैं।

यूरोपीय देशों का वर्चस्व
हेनले पासपोर्ट इंडेक्स की रिपोर्ट से पता चला है कि, दक्षिण कोरिया और जर्मनी विश्व के 190 देशों में वीजा फ्री यात्रा कर सकते हैं, लिहाजा ये दोनों देश दूसरे स्थान पर हैं, जबकि फिनलैंड, इटली, लक्जमबर्ग और स्पेन सभी एक साथ तीसरे स्थान पर हैं। इन सभी देशों के लोग विश्व के 189 देशों में वीजा फ्री यात्रा कर सकते हैं। यूरोपीय संघ के देश हमेशा की तरह सूची में शीर्ष स्थान पर हावी हैं और फ्रांस, नीदरलैंड और स्वीडन एक स्थान और आगे बढ़कर चौथे स्थान पर ऑस्ट्रिया और डेनमार्क के साथ शामिल हो गये हैं। इन देशों के लोग 188 देशों की यात्रा वीजा फ्री कर सकते हैं।

अमेरिका-ब्रिटेन की स्थिति
हेनले पासपोर्ट इंडेक्स सूचकांक में आयरलैंड और पुर्तगाल पांचवें स्थान पर हैं। वहीं, संयुक्त राज्य अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम, जिन्होंने 2014 में एक साथ शीर्ष स्थान हासिल किया था, उनकी रैंकिंग कम हो गई है और साल 2022 की रैकिंग में ये दोनों देश 6 ठवें स्थान पर हैं। अमेरिका और ब्रिटेन के साथ नंबर-6 पर स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, बेल्जियम और न्यूजीलैंड भी हैं। इसके साथ ही नंबर-7 पर ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, चेक रिपब्लिक, ग्रीस, माल्टा भी टॉप-10 में शामिल हैं, वहीं हंगरी और पोलेंड आठवें नंबर पर हैं।

विश्व के सबसे कमजोर पासपोर्ट
हेनले पासपोर्ट इंडेक्स में विश्व के सबसे कमजोर देशों के पासपोर्ट की रैकिंग भी जारी की गई है और उत्तरी कोरिया नंबर 104 पर है, जहां के पासपोर्ट धारक सिर्फ 39 देशों की यात्रा वीजा फ्री कर सकते हैं। वहीं, नेपाल और फिलिस्तीन के लोग सिर्फ 37 देशों की यात्रा वीजा फ्री कर सकते हैं और ये दोनों देश नंबर 105 पर हैं। वहीं, सोमालिया 106 और यमन 107वें नंबर पर है। भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान की स्थिति यमन और सोमालिया से भी गई गुजरी है। इमरान खान, जो पाकिस्तान को रियासते मदीना बनाना चाहते थे, उनके शासनकाल में पाकिस्तानी पासपोर्ट की औकात और खराब हुई है और पाकिस्तानी पासपोर्ट को 108वें नंबर पर रखा गया है और पाकिस्तानी नागरिक अपने पासपोर्ट के साथ सिर्फ 31 देशों की ही वीजा फ्री यात्रा कर सकते हैं। वहीं, सीरिया 109, इराक 110 और अफगानिस्तान 111वें नंबर पर हैं।

भारतीय पासपोर्ट की स्थिति मजबूत
2021 की तुलना में 2022 की पहली तिमाही में भारत की पासपोर्ट शक्ति में सुधार हुआ है। अब यह हेनले पासपोर्ट इंडेक्स में 83वें स्थान पर है, जो पिछले साल 90वें स्थान पर था। हालांकि, 2020 में, भारतीय पासपोर्ट का रैंक 84 था, जबकि 2016 में भारत माली और उज्बेकिस्तान के साथ 85वें स्थान पर था। सूचकांक में जापान और सिंगापुर शीर्ष पर हैं। वर्तमान रैंकिंग 2022 की पहली तिमाही के लिए है और भारत रवांडा और युगांडा के पीछे मध्य अफ्रीका में साओ टोम और प्रिंसिपे के साथ स्थिति साझा करता है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय पासपोर्ट धारक विश्व के 60 देशों में वीजा फ्री यात्रा कर सकते हैं। साल 2006 के बाद से भारत ने वीजा फ्री लिस्ट देशों में 35 और देशों को जोड़ा है।












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