हथियारों के साथ फरार फ्रांस की मोस्ट वांटेड महिला, खतरा दोगुना
पेरिस। शुक्रवार को फ्रांस की एंटी-टेरर यूनिट ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों आतंकियों को मार गिराया लेकिन अब भी फ्रांस पर से खतरा न तो कम हुआ और न ही खत्म हुआ है। हयात बोउमेड्डिनी फ्रांस की मोस्ट वांटेड आतंकी महिला जिसके पास खतरनाक हथियार हैं, वह फरार है। किसी को नहीं मालूम कि वह कहां चली गई है और इस बात ने फ्रांस की सुरक्षा अधिकारियों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

महिला पुलिस अधिकारी की हत्यारोपी
हयात पर आरोप है कि उसने पेरिस में एक महिला पुलिस अधिकारी की हत्या की है। फिलहाल इस बात के कोई सुबूत हासिल नहीं हो सके हैं कि हयात वाकई चार्ली हैब्दो हमले में शामिल थी या नहीं लेकिन खास बात है कि हयात को उसी शख्स ने एक चरमपंथी महिला के तौर पर तब्दील कर दिया था जिसके साथ उसकी शादी हुई थी। हयात एमेडी काउलीबेले की पत्नी है जिसे शुक्रवार को पेरिस के सुपरमार्केट में आतंकियों के खिलाफ हुई कार्रवाई में मार दिया गया है।
कौन है हयात
- 26 वर्ष की हयात को उसके के पति ने शादी के बाद जेहादी ताकतों की ओर आकर्षित किया।
- हयात मूल रूप से अल्जीरिया की नागरिक है।
- एमेडी से उसकी मुलाकात एक कैशियर के तौर पर काम करते हुए हुई थी।
- जिस समय उसकी मुलाकात एमेडी से हुई उसकी विचारधारा काफी अलग थी।
- वर्ष 2010 में फ्रांस की पुलिस ने एमेडी के ड्रग व्यवसाय से जुड़ होने की वजह से उससे पूछताछ की थी।
- हयात ने पुलिस को बताया था कि एमेडी ने उसे कई मायनों में प्रभावित किया है।
धार्मिक पुस्तकों से प्रभावित
- हयात ने पुलिस को बताया था कि उसके पति ने उसे इराक, अफगानिस्तान और फिलीस्तीन में हुए अत्याचार के बारे में बताया।
- हयात की मानें तो उसने उस समय अपने पति से सवाल किया था कि असली आतंकी कौन है।
- एमेडी ने उसका जवाब दिया था कि अमेरिका इस समय दुनिया का सबसे बड़ा आतंकी है।
- हयात ने पुलिस से कहा कि हर व्यक्ति के पास यह अधिकार है कि वह अपने धर्म की रक्षा करे।
- अगर कोई इसमें अड़ंगा डालता है या फिर मासूमों की हत्या करता है तो वह इसका विरोध करे।
- हयात ने पुलिस को जो बताया था उसके मुताबिक उसने धर्म से जुड़ी कई किताबों को पढ़ा था।
- एमेडी के साथ रहते हुए जिंदगी और धर्म को देखने का उसका नजिरया काफी बदल चुका है।
जेल में एमेडी बना था जेहादी
- एमेडी की शुरुआत एक अपराधी के तौर पर हुई थी।
- जब वह 17 वर्ष का था तो एक चोरी के आरोप में उसे सजा हुई थी।
- इसके बाद वह ड्रग माफिया के साथ शामिल हो गया।
- वर्ष 2002 में बैंक में डकैमी के सिलसिले में उसे जेल हुई थी।
- चार्ली हैब्दो के हमलावरों काउची भाईयों के साथ वह कैसे जुड़ा था, इस बारे में कुछ भी पता नहीं चल सका है।
- इस बात की जानकारी मिलती है कि एमेडी लगातार काउची भाईयों के संपर्क में था।
- पेरिस में अल कायदा ने एक भर्ती कैंप आयोजित किया था और यहीं पर उसकी मुलाकात काउची भाईयों से हुई थी।
- शैरिफ काउची की ही तरह एमेडी को भी एक ही प्रक्रिया के तहत चरमपंथी बनाया गया था।
- इन दोनों ने ही एक अच्छा खासा समय जेल में बिताया था।
- शैरिफ को अल कायदा के कैंप में जाने पर 18 माह की सजा हुई थी।
- एमेडी को ड्रग्स स्मगलिंग और चोरी की वजह से जेल भेजा गया था।
- जेल में किसी को भी इस बात का अहसास नहीं हो सका था कि यह दोनों इस तरह से अपनी वापसी करेंगे।
- माना जा रहा है कि फ्रांस की जेलों में लोगों को बड़े स्तर पर चरमपंथी बनाने की प्रक्रिया चलाई जा रही है।












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