Watch: बदल रहा है तालिबान, अफगानिस्तान में हिंदू समुदाय ने मनाया नवरात्रि, 'हरे रामा, हरे कृष्णा' की गूंज
अफगानिस्तान में तालिबान राज में भी नवरात्रि का उत्सव मनाया गया है।
काबुल, अक्टूबर 13: अफगानिस्तान में अब तालिबान का राज है और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार को लेकर कई खबरें आती रहती हैं, लेकिन अफगानिस्तान से कुछ ऐसी तस्वीरें आ रही हैं, जिसे देखने के बाद लग रहा है कि तालिबान थोड़ा थोड़ा सुधर रहा है। इसका सबसे ताजा उदाहरण राजधानी काबुल से आ रही वो तस्वीरें हैं, जिसमें काबुल में रहने वाले हिंदू समुदाय के लोगों को नवरात्रि मनाते हुए देखा जा रहा है।

काबुल में नवरात्रि
यूएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, अफगानिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय ने मंगलवार को काबुल के प्राचीन असामाई मंदिर में चल रहे नवरात्रि उत्सव धूमधाम के साथ मनाया। इस दौरान मंदिर के अंदर भगवान की आरती गाई गई और काफी देर तक कीर्तन चलता रहा। अफगानिस्तान में रहने वाले हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने अफगानिस्तान की शांति और समृद्धि और भारत में रहने वाले उनके भाइयों के लिए प्रार्थना की। असमाई मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष राम शरण सिंह ने काबुल से यूनीवार्ता को बताया कि उन्होंने मंदिर में एक "जागृत" आयोजित किया था और एक "कीर्तन" और "भंडारा" भी आयोजित किया गया।
भंडारे का आयोजन
यूएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, मंदिर में करीब 120 से 150 के करीब श्रद्दालु पहुंचे थे और काफी देर तक कीर्तन का कार्यक्रम चला। वहीं, कीर्तन खत्म होने के बाद भंडारे का आयोजन किया गया था, जहां लोगों को भोजन परोसा गया। असमाई मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष राम शरण सिंह ने न्यूज एजेंसी यूनिवार्ता से कहा कि, ''हम मंदिर गए थे, जहां हमने वहां जागरन किया, कीर्तन और भंडारा भी किया। अफगान हिंदुओं और सिखों सहित लगभग 120-150 लोगों ने कीर्तम में भाग लिया''।

अफगानिस्तान से निकालने की अपील
इस दौरान मण्डली ने भारत सरकार से उनके द्वारा सामना की जा रही तीव्र आर्थिक और सामाजिक कठिनाइयों के कारण उन्हें जल्द से जल्द अफगानिस्तान से बाहर निकालने की भी अपील की। आपको बता दें कि, ये मंदिर राजधानी काबुल में करता परवन गुरुद्वारे से लगभग 4-5 किमी दूर स्थित है, जिसे कुछ हफ्ते पहले अज्ञात हथियारबंद लोगों ने तोड़ दिया था।












Click it and Unblock the Notifications