हमास के हमले का तरीका सीख सकते हैं पाकिस्तानी आतंकी, एहतियातन भारत ने बदले कई बड़े नियम
India-Hamas News: हमास ने 7 अक्टूबर को जब इजराइल के ऊपर हमला किया था, उस वक्त पूरी दुनिया चौंक गई थी। हमास ने इजराइल के मजबूत सुरक्षा कवच को भेद दिया था और उसे डिटेक्ट करने में इजराइली खुफिया एजेंसियां पूरी तरह से नाकाम रहीं थीं।
फिलिस्तीनी आतंकवादी समूह ने इजराइल में घुसपैठ करने के लिए पैराग्लाइडर का इस्तेमाल किया था, जिसका अंदाजा हरगिज इजराइल ने नहीं लगाया होगा। ये फिल्मी अंदाज में किया गया हमला था, जिसने दुनियाभर के आतंकी समूहों को हमला करने का एक नया तरीका दे दिया है। लिहाजा, अब भारत भी काफी सतर्क हो गया है, क्योंकि भारत का पड़ोसी देश पाकिस्तान है, जहां दर्जनों आतंकी समूह ऑपरेट होते हैं, जो भारत पर हमला करने के लिए सौ तरह के रास्ते आजमाते रहते हैं।

समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, महत्वपूर्ण आतंकवादी हमलों के लिए हैंग ग्लाइडर के संभावित इस्तेमाल के बारे में जानने के बाद भारत ने अपने संचालित हैंग ग्लाइडर नियमों को तुरंत बदल दिया है।
हैंग ग्लाइडर्स के लिए नये नियम
पीटीआई के मुताबिक, DGCA ने हैंग ग्लाइडर के इस्तेमाल को लेकर नये नियम बनाए हैं।
नियमों के मुताबिक, DGCA परीक्षक या प्रशिक्षक की बिना पूर्व इजाजत के मोटर चालित हैंग ग्लाइडर ऑपरेट करने पर पूर्ण पाबंदी लगा दी गई है।
परीक्षक या प्रशिक्षक के रूप में काम करने की पात्रता भी डीजीसीए ने तय की थी। उसके लिए 50 संचालित हैंग ग्लाइडिंग घंटे और दोहरी मशीनों पर 10 घंटे होना आवश्यक है। नियामक की मंजूरी मिलने के बाद ऐसा व्यक्ति, लोगों को मोटर चालित हैंग ग्लाइडर उड़ाने की अनुमति दे सकते हैं।
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, डीजीसीए ने ऐसे विमान को चलाने के लिए, उपयुक्त पात्र होने के लिए मानदंड निर्धारित किए हैं। इसमें कहा गया है, कि कोई भी व्यक्ति पावर्ड हैंग ग्लाइडर नहीं उड़ाएगा, जब तक कि उस व्यक्ति के पास पावर्ड हैंड ग्लाइडर पर 25 घंटे उड़ान भरने का वाणिज्यिक पायलट लाइसेंस न हो। इसके अलावा, 50 घंटे की उड़ान का अनुभव और पूर्व प्राधिकरण रखने वाला व्यक्ति भी विमान उड़ाने के लिए पात्र होगा।
इसके अलावा, हैंग ग्लाइडर की बिक्री और खरीद सख्त वर्जित है। हैंड ग्लाइडर खरीदने के लिए पहले डीजीसीए से प्रमाणपत्र लेना जरूरी कर दिया गया हैं, वहीं, प्रमाणपत्र के बाद गृहमंत्रालय हैंड ग्लाइडर खरीदने वाले शख्स के बैकग्राउंड की जांच करेगा और जांच के बाद ही तय किया जाएगा, कि हैंड ग्लाइडर उस शख्स को बेचा जाएगा या नहीं।
इसके अलावा, हैंड ग्लाइडर खरीदने वाला शख्स उसे किसी भी हाल में किसी दूसरे शख्स को किराए पर या फिर लीज पर नहीं दे सकता है।
नियमों में यह भी कहा गया है, कि संचालित हैंग ग्लाइडर खरीदने या उसका प्रोडक्शन करने की इच्छा रखने वाले किसी भी व्यक्ति या कंपनी को डीजीसीए के माध्यम से गृह मंत्रालय से सुरक्षा मंजूरी लेनी होगी। गृह मंत्रालय बाद में उन्हें कुछ सुरक्षा उपायों का पालन करने के लिए बाध्य करेगा।
इसके अलावा, जब तक विशेष रूप से गृह मंत्रालय द्वारा अधिकृत न किया जाए और केवल जब विमान के सुरक्षित संचालन के लिए आवश्यक हो, तब तक एक हैंग ग्लाइडर को किसी भी हथियार, रिमोट सेंसिंग उपकरण, या फोटोग्राफी/वीडियो गियर ले जाने की अनुमति नहीं है।
वहीं, प्रत्येक उड़ान से पहले, पार्किंग और अन्य कार्यों को नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो द्वारा अनुमोदित सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन करना होगा।

नियमों में बदलाव की वजह
इज़राइल पर हमास ने आतंकी हमला करने के लिए हवाई और जमीनी मार्गों का इस्तेमाल किया था। हमास ने बुलडोजर और मोटरसाइकिलों का उपयोग करके इजराइल के अंदर प्रवेश किया था, जबकि इजराइल के दक्षिणी क्षेत्र में प्रवेश करने के लिए हैंग ग्लाइडर और पैराग्लाइडर का विकल्प चुना।
हमास ने हमले के दौरान ग्लाइडर चलाने का अभ्यास करने वाले अपने लड़ाकों के वीडियो भी जारी किए थे। रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के अनुसार, हमास द्वारा इस्तेमाल किए गए ग्लाइडर में एक छतरी और एक छोटी मोटर पाई गई है।
इस क्रूर हमले ने दुनिया भर में तनाव बढ़ा दिया है और यह सवाल खड़ा हो गया है कि भविष्य में ऐसे हमलों को कैसे रोका जाए?
इसीलिए पीटीआई के अनुसार, डीजीसीए ने वर्तमान सुरक्षा चिंताओं पर विचार किया और हमास के समान ही किसी भी हमले को रोकने के लिए नियमों में संशोधन कर दिया है।












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