रूस के मिलिट्री ट्रेनिंग बेस पर भीषण हमला, मारे गये 11 से ज्यादा जवान, मुस्लिम आतंकवादियों पर शक
यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की के सलाहकार ओलेक्सी एरेस्टोविच ने एक YouTube इंटरव्यू में कहा कि, हमलावर मध्य एशियाई राष्ट्र ताजिकिस्तान से थे और मजहब पर बहस के बाद उन्होंने फायरिंग करनी शुरू कर दी।
Russian military base: रूस के मिलिट्री ट्रेनिंग ग्राउंड पर अज्ञात हमलावरों ने भीषण हमला किया है, जिसमें कम से कम 11 लोगों के मारे जाने की खबर है। रूसी रक्षा मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि, शनिवार को दक्षिण-पश्चिमी बेलगोरोड क्षेत्र में शूटिंग में 15 अन्य लोग घायल हो गए हैं। आपको बता दें कि, ये क्षेत्र यूक्रेन की सीमा से सटा हुआ है और बताया जा रहा है, कि दो लोगों ने रूसी सैन्य प्रशिक्षण केन्द्र पर हमला किया था, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई है। हालांकि, स्वतंत्र सूत्रों का कहना है, कि हमले में 11 से काफी ज्यादा लोगों के मारे जाने की आशंका है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने गोलीबारी की इस घटना को आतंकवादी हमला करार दिया है।

कौन थे हमलावर?
रूसी रक्षा मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि, हमलावरों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है, लेकिन दोनों शख्स पूर्व सोवियत संघ के ही किसी क्षेत्र का हो सकते हैं। बयान में कहा गया है कि, उन्होंने सैन्य ट्रेनिंग के दौरान अंधाधुंध गोलीबारी करनी शुरू कर दी और सैनिकों को संभलने का मौका ही नहीं मिला। ये शूटिंग उस वक्त हुई है, जब राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन में रूसी सेना को मजबूत करने का अचानक आदेश दिया, जिसके बाद पूरे रूस में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है और हजारों लोग रूस छोड़कर भाग गये हैं। वहीं, पिछले हफ्ते रूस को क्रीमिया से जोड़ने वाले पूल को भी उड़ा दिया गया था और अब मिलिट्री बेस पर भीषण हमला होना रूसी राष्ट्रपति के लिए बहुत बड़ा झटका है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि, "फायरआर्म्स ट्रेनिंग सेशन के दौरान ये हमला हुआ है, जब एक ग्रुप के लोगों को ट्रेनिंग दी जा रही थी, जिन्होंने अपनी मर्जी से युद्ध में शामिल होना चुना था, उन्हें निशाना बनाया गया है।"

'मजहबी बहस के दौरान गोलीबारी'
वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की के सलाहकार ओलेक्सी एरेस्टोविच ने एक YouTube इंटरव्यू में कहा कि, हमलावर मध्य एशियाई राष्ट्र ताजिकिस्तान से थे और मजहब पर बहस के बाद उन्होंने फायरिंग करनी शुरू कर दी। आपको बता दें कि, ताजिकिस्तान मुख्य रूप से मुस्लिम राष्ट्र है, जबकि लगभग आधे रूसी ईसाई धर्म की विभिन्न शाखाओं का पालन करते हैं। रूसी मंत्रालय ने कहा है कि, हमलावर स्वतंत्र राज्यों के राष्ट्रमंडल में एक राष्ट्र से थे, जो ताजिकिस्तान सहित नौ पूर्व-सोवियत गणराज्यों का समूह है। हालांकि, हम स्वतंत्र तौर पर इसकी पुष्टि नहीं कर सकते हैं। जबकि, स्वतंत्र रूसी समाचार वेबसाइट सोटा विजन ने कहा कि, हमला यूक्रेन की सीमा के करीब सोलोटी के छोटे से शहर और बेलगोरोड से लगभग 105 किमी (65 मील) दक्षिण-पूर्व में हुआ है।

बेहद खराब थी सुरक्षा व्यवस्था
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अमेरिकन एंटरप्राइज इंस्टीट्यूट के सीनियर फेलो एलिजाबेथ ब्रॉ ने कहा कि, शूटिंग से पता चलता है कि रूस और अन्य पूर्व सोवियत राज्यों के अंदर से पुतिन की लामबंदी की योजना को लेकर कितना गुस्सा है। उन्होंने अलजजीरा से बात करते हुए बताया कि, "चाहे अपराधी कोई भी हो, लेकिन ये घटना दिखाता है, कि रूसी सैन्य ठिकाने कितने खराब तरीके से सुरक्षित हैं और अगर कोई हमलावर बेस में आकर 11 सैनिकों को मार सकता है, उन्हें घायल कर सकता है, तो यह ये भी दिखाता है, कि रूसी अधिकारी कितने तैयार हैं? उन्होंने कहा कि, हमलावरों ने पहले एक सिपाही को गोली मारी, लेकिन फिर भी उन्हें रोका नहीं जा सका और फिर वो एक के बाद एक 11 सैनिकों को मारते चले गये और इससे ज्यादा सैनिकों को उन्होंने घायल कर दिया।












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