द ग्रेट वॉल ऑफ चाइनाः शॉर्टकर्ट रास्ता बनाने के लिए चीन की महान दीवार को तोड़ डाला, 2 लोग गिरफ्तार
चीन में स्थित एक चर्चित दीवार जिसे दुनिया भर में ग्रेट वॉल ऑफ चाइना के नाम से जाना जाता है, को नुकसान पहुंचाने के जुर्म में 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन दोनों लोगों ने मध्य शांक्सी प्रांत में चीन की दीवार के एक हिस्से को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया था।
पुलिस का कहना है कि दो लोगों पर अपने निर्माण कार्य के लिए शॉर्टकट रास्ता बनाने की कोशिश करने का संदेह है। पुलिस के मुताबिक फिलहाल दोनों को हिरासत में ले लिया गया है और मामले की आगे की जांच की जा रही है।

पुलिस ने कहा कि उन्हें 24 अगस्त को एक सूचना मिली थी कि यांगकियान्हे टाउनशिप में दीवार में एक छेद बन गया है। जांच के बाद, पुलिस ने पाया कि एक 38-वर्षीय पुरुष और 55-वर्षीय महिला ने दीवार को तोड़ने के लिए खुदाई करने वाले यंत्र का उपयोग किया था, ताकि वहां से गुजरने के लिए शॉर्टकट बनाया जा सके।
पुलिस ने कहा कि उनका मानना है कि वे यात्रा की दूरी कम करना चाहते थे। फिलहाल आगे की जांच पुलिस कर रही है। ग्रेट वॉल को 1987 में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल नामित किया गया था।
आपको बता दें कि द ग्रेट वॉल ऑफ चाइना को दुनिया की सबसे लंबी दीवार होने का दर्जा हासिल है। इसे चीन में 2,241 साल पहले बनाया गया था। इसे कई सम्राटों ने मिलकर देश की सुरक्षा के लिए बनवाया था।
चीन के एक तरफ प्रशांत महासागर और दूसरी तरफ तिब्बत का पठार है, लेकिन उत्तरी इलाके में शत्रुओं से रक्षा के लिए प्राकृतिक रूकावट न होने के कारण ये दीवार बनाई गई थी। इस दीवार को बनाने के लिए ईंट, पत्थर, लकड़ी और धातुओं का इस्तेमाल किया गया है। इसी वजह से इसे दुनिया की सबसे पुरानी मिट्टी और पत्थर की बनी दीवार भी कहा जाता है।
इस दीवार की लंबाई को लेकर थोड़ी असमंजस की स्थिति है, क्योंकि साल 2009 में किए गए एक सर्वेक्षण में इसकी लंबाई 8,850 किलोमीटर बताई गई थी जबकि साल 2012 में चीन में ही किए गए एक राजकीय सर्वेक्षण के मुताबिक, 'चीन की दीवार' की कुल लंबाई 21,196 किलोमीटर बताई गई।
इस दीवार का निर्माण किसी एक राजा ने नहीं बल्कि चीन के कई राजाओं ने अलग-अलग समय में करवाया। इसे बनाने की शुरुआत ईसा पूर्व पांचवीं शताब्दी से हुई थी, जो 16वीं शताब्दी तक चली।
द ग्रेट वॉल ऑफ चाइना बनवाने की कल्पना चीन के पहले सम्राट किन शी हुआंग ने की थी, लेकिन उसके सैकड़ों साल बाद इसका निर्माण कार्य आरंभ हुआ था। चीन के लोग इस दीवार को 'वान ली चैंग चेंग' के नाम से जानते हैं।
आज पर्यटक जो कुछ भी देखते हैं उसका अधिकांश निर्माण मिंग राजवंश के दौरान किया गया था, जिसे मिंग महान दीवार के रूप में जाना जाता है। पिछले कुछ वर्षों में दीवार के कुछ हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए हैं या ध्वस्त हो गए हैं, खासकर सुदूर ग्रामीण इलाकों में इस दीवार की स्थिति और खराब है।
समाचार पत्र बीजिंग टाइम्स की 2016 की एक रिपोर्ट के मुताबिक मिंग ग्रेट वॉल का 30 फीसदी से अधिक हिस्सा पूरी तरह से गायब हो गया है। इसका केवल 8 फीसदी हिस्सा ही अच्छी तरह से संरक्षित माना जाता है।












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