भारतीय दूतावास को बचाने के लिए खुद गवर्नर ने बंदूक उठायी
काबुल। अफगानिस्तान में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर जब चरमपंथियों ने हमला बोला तो आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि इसे बचाने के लिए यहां के गवर्नर अता मोहम्मद नूर ने ही मोर्चा संभाल लिया। नूर खुद एक असाल्ट रायफल लेकर चरमपंथियों से मोर्चा लेने के लिए मैदान में उतर आये। बाख प्रांत की राजधानी मजार एक शरीफ में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमले पर नूर की कमान संभालने की तस्वीर सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो गयी है।

नूर खुद ऑपरेशन में हिस्सा ले रहे सैनिकों से बातचीत करते हुए इस ऑपरेशन की अगुवाई करते हैं। नूर के इस साहसी कदम की पुष्टि खुद भारतीय दूतावास के राजदूत अमर सिन्हा ने की ट्वीट करके की है। गौरतलब है कि नूर अफ़गानिस्तान में सोवियत हमले के दौरान एक मुजाहिदीन थे और उन्हें बकायदा प्रशिक्षण प्राप्त किया है और बतौर कमांडर की भूमिका भी निभा चुके हैं।
नूर कहते हैं कि चरमपंथी भारत और अफगानिस्तान के बीच बेहतर होते रिश्ते को खराब करना चाहते थे और वह भारत के राजनयिकों की हत्या करना चाहते थे। लेकिन जब हमें हमले की जानकारी मिली मैंने खुद हथियार लेकर इस ऑपरेशन का नेतृत्व किया। नूर ने कहा कि वह इस ऑपरेशन को दफ्तर में बैठकर नहीं चलाना चाहते थे लिहाजा मैंने जमीन पर उतरकर इसका नेतृत्व करने का फैसला लिया। हमारा प्रमुख उद्देश्य था कि किसी भी आम नागरिक को किसी तरह का खतरा नहीं हो।












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