गोटाबाया राजपक्षे को मालदीव में नहीं मिल रही थी एंट्री, फिर यहां से आया एक कॉल और मान गयी सरकार
कोलंबो, 13 जुलाईः श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे के बिना इस्तीफा दिये देश छोड़कर मालदीव भागने की खबर से जनता भड़क उठी है। कोलंबो से मिल रही जानकारी के मुताबिक, देश में आपातकाल की घोषणा कर दी गई है। इस बीच गोटाबाया राजपक्षे के मालदीव फरार हो जाने का कड़ा विरोध शुरू होने के बाद अब मालदीव की सरकार भी बैकफुट पर आ गई है। मालदीव ने भी गोटाबाया राजपक्षे को अब शरण देने से साफ इंकार कर दिया है।

केवल ट्रांजिट के लिए पहुंचे मालदीव
मालदीव के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा है कि गोटाबाया राजपक्षे अपनी पत्नी के साथ केवल 'ट्रांजिट' के लिए मालदीव पहुंचे हैं और जल्द ही वह यहां से किसी और देश रवाना हो जाएंगे। हालांकि अधिकारी ने यह नहीं बताया कि गोटाबाया राजपक्षे अब किस देश में शरण लेने जा रहे हैं। इससे पहले अमेरिका ने गोटाबाया राजपक्षे को वीजा देने से इंकार कर दिया था। वहीं, भारत ने गोटाबाया राजपक्षे के भागने में मदद करने के आरोपों को पूरी तरह नकार दिया है।
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भारत ने किया जोरदार खंडन
कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावे किए गये, कि भारत ने गोटाबाया राजपक्षे के देश से बाहर निकलने के लिए सुविधाएं मुहैया कराईं। श्रीलंका में भारतीय उच्चायुक्त की तरफ से बकायदा बयान जारी करते हुए उन आरोपों को सिरे से नकार दिया गया है। भारतीय उच्चायोग स्पष्ट रूप से निराधार और अफवाह फैलाने वाली मीडिया रिपोर्ट्स का खंडन किया और बयान जारी करते हुए कहा कि, इस तरह की रिपोर्ट्स पूरी तरह से निराधार हैं, कि गोटाबाया राजपक्षे के हालिया देश से बाहर की यात्रा में भारत की तरफ से सुविधा प्रदान की गई। भारत सरकार हमेशा श्रीलंका के लोगों की मदद करती रहेगी।

मोहम्मद नशीद के कॉल से मिली एंट्री
इस बीच मालदीव के सूत्रों के मुताबिक नशीद ने राष्ट्रपति राजपक्षे को कोलंबो से निकलने में मदद की है। कुल मिलाकर 13 लोग गोटाबाया के साथ मालदीव पहुंचे हैं। ये सभी एयरफोर्स के AN32 विमान में मालदीव आए। हालांकि जब वे मालदीव पहुंचे तो उन्हें एंट्री की इजाजत नहीं दी गई। फिर इस बीच मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद गोटाबाया राजपक्षे औऱ उनके परिवार के लिए संकटमोचक बन कर आए। उनके एक कॉल से राजपक्षे के विमान को श्रीलंका में उतरने के इजाजत मिल गयी।

एयरपोर्ट पर किया स्वागत
ऐसी जानकारी सामने आ रही है कि मालदीव की संसद के अध्यक्ष और पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने एयरपोर्ट पर गोटाबाया का स्वागत किया। सूत्रों ने बताया कि मालदीव की सरकार का तर्क है कि राजपक्षे अब भी श्रीलंका के राष्ट्रपति हैं। उन्होंने अभी तक इस्तीफा नहीं दिया है या किसी उत्तराधिकारी को अपनी शक्तियां नहीं सौंपी हैं। अत: अगर वह मालदीव आना चाहते हैं तो इससे इनकार नहीं किया जा सकता है।

राजपक्षे परिवार के नजदीकी हैं नशीद
बतादें कि मोहम्मद नशीद के श्रीलंका के सभी नेताओं के साथ बहुत करीबी ताल्लुक हैं। यही नहीं श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने मोहम्मद नशीद को विदेशी कर्ज हासिल करने के लिए समन्वयक नियुक्त किया था। श्रीलंका और मालदीव के बीच बहुत करीबी संबंध रहे हैं। श्रीलंका ने अक्सर मालदीव के निर्वासित नेताओं को शरण दी है। ठीक 10 साल पहले जब मालदीव में भारी हिंसा हो रही थी तब मोहम्मद नशीद की पत्नी और बेटियां भाग कर कोलंबो ही पहुंची थीं। तब राजपक्षे परिवार ने मोहम्मद नशीद के परिवार की काफी मदद की थी।
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