खास डूडल के जरिए गूगल ने मनाया 'Father of the Deaf' चार्ल्स मिशेल डी l एपी का 306वां जन्मदिन
नई दिल्ली। सुनने में असमर्थ लोगों के पिता 'Father of the Deaf' कहे जाने वाले चार्ल्स मिशेल डी l एपी के 306वें जन्मदिन पर गूगल ने खास डूडल बनाकर उन्हें सम्मान दिया। गूगल ने इस खास मौके को अपने डूडल के साथ और खास बना दिया। 24 नवंबर 1712 को जन्में चार्ल्स मिशेल को बहरे लोगों का जनक कहा जाता है। मिशेल एक सुखी संपन्न परिवार से ताल्लुक रखते थे, लेकिन उन्होंने पढाई को छोड़कर कैथोलिक का रास्ता अपनाया। हालांकि वो यहां भी ज्यादा दिन नहीं टिक सके, क्योंकि उनकामन हमेशा से गरीबों की मदद के लिए आगे आना चाहता था। वो गरीबों की परेशानियों को कम करना चाहते थे। वो उनके पास जाते। उनसे उनकी तकलीफों के बारे में पूछते और फिर उसे कम करने के लिए कोशिशों में जुट जाते थे।

इसी दौरान उनकी मुलाकात दो बहनों से हुई जो सुन नहीं सकती थी। ये बहनें एक दूसरे से इशारों में बात कर रही थी। जब चार्ल्स ने उन्हें देखा तो उन्हें लगा कि बहरे लोगों को किसी की बात को समझने में बहुत मुश्किल होती है। फिर उनके दिमाग में आया कि क्यों न बहरे लोगों के लिए एक ऐसी भाषा बनाई जाए जो न केवल उन्हें दूसरों की बात को समझाने में मदद करें बल्कि उसे स्कूलों में भी पढ़ाया जा सके।
1760 में उन्होंने फ़्रांस की पहली ऐसी स्कूल खोली, जहां सुनने में असमर्थ लोगों को सांकेतिक भाषा या चिन्ह प्रणाली भाषा सिखाई जाती थी। इस भाषा के इस्तेमाल से ये लोग अपनी बातों को दूसरे तक पहुंचा सकते थे। चार्ल्स मिशेल डी l एपी की बनाई चिन्ह भाषा को पहली फ़्रांस की चिन्ह भाषा कहा जाता है। इनके द्वारा बनाई गयी यह भाषा इतनी आसान थी कि कई दशकों के बाद इसे अमेरिका द्वारा अपनाया गया।












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