ईरान-अमेरिका की तनातनी की असर, यहां 70 हजार रुपए से ऊपर पहुंचीं सोने की कीमत

वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच पिछले कुछ दिनों से तनाव नई सीमा पर पहुंच गया है। अमेरिका ने एक एयर स्‍ट्राइक में ईरान के जनरल कासिम सुलेमान को मार दिया है। इसके बाद ईरानी सुप्रीम लीडर अयोतल्‍ला खेमनेई की तरफ से अमेरिका से बदला लेने की बात कही गई है। अमेरिका और ईरान के बीच गंभीर और तनावपूर्ण रिश्‍तों का असर सोने की कीमतों में भी देखने को मिल रहा है। साल 2013 के बाद सोने का दाम आसमान पर है और विशेषज्ञ इसके दोनों देशों के बीच जारी रिश्‍तों के नतीजे के तौर पर देख रहे हैं।

छह साल के बाद आसमान पर सोना

छह साल के बाद आसमान पर सोना

ब्‍लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि मिडिल ईस्‍ट में तनाव के चलते सोने की कीमतें अपने छह साल के सर्वोच्‍च स्‍तरा पर पहुंच गई हैं। अप्रैल 2013 के बाद से सोने की कीमतों में रविवार को इजाफा देखा गया। सिंगापुर में एक औंस सोने की कीमतों में 2.3 प्रतिशत की दर से इजाफा हुआ। रविवार को सिंगापुर में एक औंस सोने का दाम 1,588.13 डॉलर यानी 71,000 रुपए से कुछ ज्‍यादा हो गया है। चांदी और प्‍लेटिनम की कीमतों में भी इजाफा देखा गया है। ट्रंप की मानें तो जो कुछ भी उन्‍होंने किया है, उसका मकसद वॉर की शुरुआत करना नहीं था और न ही ईरान के शासन में अमेरिका कोई बदलाव चाहता है। बगदाद एयर स्‍ट्राइक के अगले दिन खेमनेई ने ट्वीट कर कहा था, 'ईरान इसका बड़ा बदला लेने जा रहा है।' ट्रंप के मुताबिक ईरान ने अमेरिकी नागरिकों को कुछ किया तो फिर उसके 52 ठिकानों पर हमले किए जाएंगे।

ईरान के सबसे ताकतवर शख्‍स को बनाया गया निशाना

ईरान के सबसे ताकतवर शख्‍स को बनाया गया निशाना

ईरान की सरकार ने साफ कर दिया है कि वह परमाणु डील को मानने के लिए अब बाध्‍य नहीं है। ईराक की संसद में अमेरिकी सेनाओं को देश से बाहर निकालने के लिए वोटिंग की गई है। वहीं दूसरी ओर अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप की तरफ से अमेरिकी सांसदों को बताया गया है कि वह अगर ईरान ने किसी भी तरह से अमेरिकियों को निशाना बनाया तो फिर वह देश को तगड़ा जवाब देने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। कासिम सुलेमानी, ईरान में दूसरे सबसे ताकतवर इंसान थे। उन्‍हें सुप्रीम लीडर अयोतल्‍ला खेमनेई के बाद पावरफुल करार दिया जाता था।

 साल 2020 की शुरुआत से ही सोने में तेजी

साल 2020 की शुरुआत से ही सोने में तेजी

सोने के दाम साल 2020 की शुरुआत से ही आसमान छूने लगे हैं। करीब एक दशक में यह सबसे ज्‍यादा है। ईरान के अलावा डॉलर की गिरती कीमतों, रीयल एस्‍टेट में मंदी और ट्रेड वॉर का असर भी इसमें देखने को मिला है। सुलेमानी पर हुए हमले के बाद इन हालातों में और इजाफा होने वाला है और माना जा रहा है कि निवेशकों के हित प्रभावित होंगे। सिडनी स्थित सीनियर रिसोर्स एनालिस्‍ट गेविन वेंड्ट ने बताया कि फिलहाल तो सोना अपने सबसे मजबूत स्‍तर पर पहुंच गया है।

ट्रेड वॉर की वजह से थी कीमतों में तेजी

ट्रेड वॉर की वजह से थी कीमतों में तेजी

उन्‍होंने कहा, 'जब आप अमेरिका-चीन के बीच जारी ट्रेड वॉर की वजह से अनिश्चितता को देखते हैं और ईरान के साथ सुरक्षा मसले पर नजर दौड़ाते हैं तो आप देखते हैं कि सोने की कीमतें बिना किसी तर्क के बढ़ती जा रही हैं।' अमेरिकी एक्‍शन के बाद दोनों तरफ से प्रतिक्रियात्‍मक कार्रवाई की चिंता बाजार को सता रही है। इस वजह से बाजार का माहौल गड़बड़ाया हुआ है। एक्‍सी ट्रेडर के साथ चीफ मार्केट स्‍ट्रैटेजिस्‍ट स्‍टीफन इननेस ने बताया कि कोई नहीं जानता है कि किस तरफ से कैसा जवाब दिया जाने वाला है।

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