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GPAI क्या है ? भारत पर आई है इसकी बड़ी जिम्मेदारी

Global Partnership on Artificial Intelligence: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में भारत के कंधों पर आज से एक नई जिम्मेदारी आ गई है। भारत अगले एक साल तक के लिए ग्लोबल पार्टनरशिप ऑन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (GPAI) की अध्यक्षता करने जा रहा है। भारत को यह जिम्मेदारी 25 से ज्यादा देशों ने दो-तिहाई से भी ज्यादा समर्थन देकर सौंपा है। भारत की ओर से टोक्यो में आयोजित इस सम्मेलन में शरीक होने के लिए केंद्रीय इलेक्ट्रोनिक्स एंड टेक्नोलॉजी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर पहुंचे हैं। इससे पहले इसकी अध्यक्ष फ्रांस के पास था। आइए जानते हैं कि GPAI है क्या ?

भारत को मिली है जीपीएआई की अध्यक्षता

भारत को मिली है जीपीएआई की अध्यक्षता

ग्लोबल पार्टनरशिप ऑन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (GPAI) का तीसरा वार्षिक सम्मेलन जापान की राजधानी टोक्यो में सोमवार से शुरू हुआ है। पहले दिन ही साल 2022-23 के लिए भारत को इसकी अध्यक्षता मिल रही है। अभी फ्रांस इसकी अगुवाई कर रहा था। भारत ग्लोबल पार्टनरशिप ऑन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का संस्थापक सदस्य है। मंगलवार तक चलने वाले इस सम्मेलन का प्रतिनिधित्व भारत की ओर से केंद्रीय इलेक्ट्रोनिक्स एंड टेक्नोलॉजी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर कर रहे हैं। रविवार को उन्होंने खुद ही ट्विटर पर इस सम्मेलन की जानकारी दी थी।

ग्लोबल पार्टनरशिप ऑन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्या है ?

ग्लोबल पार्टनरशिप ऑन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्या है ?

नाम से ही स्पष्ट है कि यह वैश्विक साझेदारी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में सदस्य राष्ट्रों के बीच सहयोग बढ़ाने को लेकर शुरू की गई है। जीपीएआई 15 जून, 2020 को लॉन्च की गई थी, तब इसमें 15 सदस्य थे। इस पहल का मकसद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में 'थ्योरी और प्रैक्टिस के बीच की खाई' को पाटना है। इसके लिए अत्याधुनिक रिसर्च और उसपर हुए अमल को प्राथमिकता के तौर पर साझा किया जाता है। इस पहल का मकसद ही विज्ञान, उद्योग, सिविल सोसाइटी, सरकारों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ ही सभी क्षेत्र के विद्वानों को एक प्लेटफॉर्म पर लाना है, ताकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में हो रही प्रगति के बारे में सभी एक-दूसरे के पहलों से अवगत रहें।

जीपीएआई के सदस्य कौन हैं ?

जीपीएआई के सदस्य कौन हैं ?

जीपीएआई का यह तीसरा वार्षिक सत्र है और इसके सदस्यों की संख्या 15 से बढ़कर 25 हो चुकी है। जीपीएआई के सदस्य हैं- ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, ब्राजील, कनाडा, चेक रिपब्लिक, डेनमार्क, फ्रांस, जर्मनी, भारत, आयरलैंड, इजरायल, इटली, जापान, मेक्सिको, नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, पोलैंड, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, स्लोवेनिया, स्पेन, स्वीडन, यूके, अमेरिका और यूरोपियन यूनियन। इस संगठन में शामिल जी7 के सदस्य देश हैं, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, यूके और अमेरिका। (पहली दोनों तस्वीर-GPAI के वीडियो से और तीसरी उसका लोगो)

जीपीएआई का पहला सम्मेलन कहां हुआ था ?

जीपीएआई का पहला सम्मेलन कहां हुआ था ?

ग्लोबल पार्टनरशिप ऑन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उद्घाटन सत्र 3 और 4 दिसंबर, 2020 को कनाडा के मॉन्ट्रियल में आयोजित हुआ था। 11 और 12 नवंबर,2021 को दूसरा सत्र पेरिस में आयोजित किया गया था। इस ग्रुप के अभी दो ऑफिस हैं, जो इन्हीं दोनों शहरों में हैं। टोक्यो में आयोजित हो रहा सम्मेलन तीसरा है।

जीपीएआई का टोक्यो सम्मेलन खास क्यों है ?

जीपीएआई का टोक्यो सम्मेलन खास क्यों है ?

टोक्यो पहला एशियाई देश है, जहां ग्लोबल पार्टनरशिप ऑन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। जापान की राजधानी स्थित होटल Chinzanso Tokyo में आयोजित इस सम्मलेन में चार थीम पर चर्चा की जाएगी। ये थीम हैं- रेस्पॉन्सिबल एआई, डेटा गवर्नेंस, फ्यूचर ऑफ वर्क और इनोवेशन एंड कॉमर्शियलाइजेशन।

भारत को 2022-23 के लिए जीपीएआई की अध्यक्षता कैसे मिली ?

भारत को 2022-23 के लिए जीपीएआई की अध्यक्षता कैसे मिली ?

काउंसिल चेयर के लिए हुए चुनाव में भारत को दो-तिहाई से ज्यादा प्रथम-प्राथमिकता के वोट प्राप्त हुए। जबकि, इसके बाद कनाडा और अमेरिका का नंबर रहा। हालांकि, यह जानकारी नहीं है कि 2023 में यह सम्मेलन दुनिया के किस शहर में आयोजित होगा। हालांकि, अगले साल सितंबर में जी20 का शिखर सम्मेलन जरूर नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा।

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