अमेरिकी इंटेलीजेंस एजेंसी CIA की पहली महिला डायरेक्टर जीना हैस्पल और 9/11 के साथ चौंकाने वाला कनेक्शन
अमेरिका की सेंट्रल इंटेलीजेंस एजेंसी (सीआईए) के निदेशक के तौर पर जीना हैस्पल ने अपनी जिम्मेदारी संभाल ली है। जीना, अमेरिकी इतिहास की पहली ऐसी महिला हैं जिन्हें इंटेलीजेंस एजेंसी का निदेशक नियुक्त किया गया है। जीना के पास 33 वर्षों का लंबा अनुभव है और वह अमेरिकी सेनाओं को करीब से जानती हैं।
वॉशिंगटन। अमेरिका की सेंट्रल इंटेलीजेंस एजेंसी (सीआईए) के निदेशक के तौर पर जीना हैस्पल ने अपनी जिम्मेदारी संभाल ली है। जीना, अमेरिकी इतिहास की पहली ऐसी महिला हैं जिन्हें इंटेलीजेंस एजेंसी का निदेशक नियुक्त किया गया है। जीना के पास 33 वर्षों का लंबा अनुभव है और वह अमेरिकी सेनाओं को करीब से जानती हैं। उनके पिता अमेरिकी एयरफोर्स से रिटायर हैं। गौरतलब है कि अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपेयो, सीआईए के निदेशक थे लेकिन इस पद पर उनकी नियुक्ति होने के बाद से सीआईए के डायरेक्टर का पद खाली पड़ा था। हालांकि जीना की नियुक्ति पर डेमोक्रेट्स ने सवाल खड़े किए हैं। सीआईए की इस निदेशका सितंबर 2001 में अमेरिका पर हुए सबसे भयंकर आतंकी हमलों से भी गहरा कनेक्शन है।

जब वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हो रहे थे हमले
11 सितंबर 2001 को जब वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर आतंकी हमले हुए तो उससे कुछ ही सेकेंड्स पहले ही जीना ने सीआईए के वर्जिनिया हेडक्वार्टर पर नई जॉब का जिम्मा लिया था। जीना इससे पहले विदेश में एक अंडरकवर पोस्टिंग से लौटी थीं। जीना की मानें तो उन हमलों ने उनका पूरी करियर ही बदलकर रख दिया। न्यूज एजेंसी एएफपी के साथ बातचीत में जीना ने बताया, 'मैंने जब पहले प्लेन को मैनहैट्टन में वर्ल्ड ट्रेड के पहले टॉवर से टकराते देखा तो उसी पल मुझे आभास हो गया था कि यह ओसामा बिन लादेन का ही काम है।' जीना ने बताया कि हमलों के समय ही वह बाकी लोगों की तरह अपनी डेस्क से उठीं और काउंटर-टेररिज्म सेंटर की तरफ गईं और वॉलेंटियर्स की मदद करने लगीं। जीना तीन वर्षों तक वर्जिनिया में ही रहीं।

सीआईए के सबसे खतरनाक टॉर्चर प्रोग्राम का हिस्सा
जीना के पास तीन दशकों से ज्यादा समय का अनुभव है। उनके इसी अनुभव ने उन्हें पहली महिला डायरेक्टर के पद तक पहुंचाने में मदद की है। सीआईए अमेरिकी की सबसे बड़ी जासूसी एजेंसी है। गुरुवार को 61 वर्ष की जीना के नाम पर सीनेट की ओर से मंजूरी मिली और जल्द ही व्हाइट हाउस में उन्हें पद की शपथ दिलाई जाएगी। साल 2002 से 2005 तक सीआईए की ओर से चलाए गए इंट्रोगेशन प्रोग्राम को लेकर दुनियाभर में आलोचना हुई थी। अल-कायदा के संदिग्ध आतंकियों को टॉर्चर करने और पूछताछ के लिए अमेरिका में वॉटरबोर्डिंग और पिटाई जैसी तकनीक अपनाई जाती थीं। जीना उस समय सीआईए का हिस्सा थीं। सीआईए की इन तकनीकों को लेकर उसकी अमेरिकी समेत दुनिया के तमाम देशों में आलोचना हुई थी।

थाइलैंड में सीक्रेट जेल पर चुप जीना
जीना ने डायरेक्टर के पद से पहले हुई कनफरमेशन हियरिंग के दौरान 9/11 के बाद थाइलैंड में सीआईए की सीक्रेट जेल के बारे में किसी तरह की जानकारी देने से साफ इनकार दिया। कहा जाता है कि अमेरिका ने थाइलैंड में अल-कायदा के संदिग्ध अबु जुबायाद और अब्द अल-रहीम अल-नाशिरी को वॉटर बोर्डिंग के जरिए मरवा दिया था। जीना ने यह जरूर कहा कि वह टॉर्चर में यकीन नहीं करती हैं। सीआईए की डायरेक्टर के तौर पर वह इन तकनीकों को मंजूरी नहीं देंगी इसका भरोसा भी उन्होंने दिलाया है।

2013 से पहले कोई नहीं जानता था जीना को
साल 2013 से पहले किसी को भी जीना के बारे में ज्यादा कुछ नहीं मालूम था। पिछले वर्ष ही उन्हें सीआईए की डिप्टी डायरेक्टर के तौर पर प्रमोट किया गया था। केंटुकी में जन्मी जीना के पिता अमेरिकी एयरफोर्स में रह चुके हैं और उनकी परवरिश कई मिलिट्री बेस पर हुई है। लुइसविले यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट जीना के पास जर्नलिज्म की डिग्री है। इसके अलावा उन्हें स्पैनिश और फ्रेंच भाषा में भी महारत हासिल है। साल 1985 में वह सीआईए का हिस्सा बनी थीं। जीना को रूस का स्पेशलिस्ट भी माना जाता है।












Click it and Unblock the Notifications