हमास के आतंकियों ने जिस जर्मन महिला की लाश को घुमाया, उसकी खोपड़ी मिली, जानिए कैसे हुई पहचान?
इजराइली सेना ने कहा कि उस जर्मन टैटू कलाकार की मौत हो चुकी है, जिसे 7 अक्टूबर को इजराइल पर हमले के बाद हमास के आतंकवादियों द्वारा अपहरण कर लिया गया था। उसका नाम शानी लौक था।
आईडीएफ की तरफ से लौकी के परिवार को इस बारे में सूचित किया गया है। शानि लौक की मां रिकार्डा लौक ने बताया कि उन्हें कल इसका पता चला। शानी लौक की बहन ने भी सोशल मीडिया पर इसकी पुष्टि की है।

हिब्रू मीडिया ने बताया कि इजरायली खोज और बचाव सेवा जका ने लूक परिवार को बताया कि उन्हें शानि की खोपड़ी मिली थी। जिसके आधार पर उन्होंने शानी की पहचान की। हालांकि अभी तक उसका शव नहीं मिला है।
मीडिया रिपोर्टों में ये खुलासा नहीं हो सका है कि शैनी की खोपड़ी का हिस्सा कहां और कब मिला।
7 अक्टूबर को हुए हमले के दिन शानी लौक इजराइल में ट्राइब ऑफ़ सुपरनोवा संगीत समारोह में मौजूद थे, जिस पर हमास ने हमला किया था। इस दौरान आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग करते हुए शानि लौक को भी मार डाला था।
इस म्यूजिक फेस्टिवल में शामिल होने के लिए आए 260 से अधिक लोगों की जान चली गई थी। इस दौरान कई लोगों को हमास के लड़ाके बंधक बनाकर ले गए थे।
जर्मन महिला शानि लौक को मारने के बाद आतंकियों ने उसके शव को नग्न किया, हाथ पैर बांध कर गाड़ी पर बांध दिया और उसे गाड़ी पर घुमाया था।
हमास के आतंकियों ने एक वीडियो जारी किया था जिसमें शानि का शव ट्रक के पीछे फैला हुआ था। उसके चारों ओर आतंकी थे और वे धार्मिक नारे लगा रहे थे और उस पर थूक रहे थे।
उस दौरान हमास ने दावा किया था कि वह शव एक महिला इजराइली सैनिक का था। लेकिन शानी की चचेरी बहन टोमासिना ने मारी गई लड़की के उसकी बहन होने की पुष्टि की। उसके पैर पर बने टैटू और बालों से टोमासिना ने पहचान की।
शानी लौक पेश से एक टैटू आर्टिस्ट थीं। शानी लौक, इजराइल एक म्यूजिक फेस्ट में आई थीं, जो शांति के लिए आयोजित की गई थी। लेकिन इसी संगीत समारोह में आतंकियों ने हमला बोला और शानी लौक की हत्या कर दी
शानी लौक की चचेरी बहन टोमासिना ने कहा है कि जब हमने वो वायरल वीडियो देखा तभी हम पहचान गए कि, वो उसकी बहन शानी है। क्योंकि शानी लौक के पैरों के टैटू को हम पहचानते थे। इतना ही नहीं शानी के बाल को भी देखकर भी हमें यकीन हो गया था।
शानि के परिवार ने कहा था कि उन्हें उसके बैंक से जानकारी मिली थी कि उसके क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल गाजा में किया गया था, जिससे संकेत मिलता है कि उसे लूट लिया गया होगा।
इजराइल पर हमले के कुछ दिनों बाद, शानि लौक की मां ने कहा था कि उन्हें विश्वास है कि उनकी बेटी जीवित है।
एक वीडियो संदेश में उनकी मां रिकार्डा लौक ने कहा कि गाजा पट्टी में एक पारिवारिक मित्र ने उन्हें बताया कि उनकी बेटी हमास अस्पताल में जीवित है।












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