ना दूध, ना रोटी ना चावल का एक दाना, हृदय चीर देगा बच्चों का रोना.. गाजा पट्टी में भुखमरी से विनाशक हुए हालात

Gaza Strip Famine: छटांक भर दूध के लिए रोते बच्चे, बेबस माएं, माथा पीटता बाप और सन्नाटे में निहारते लोग.. गाजा पट्टी में इजराइली बमबारी ने जो विनाश फैलाई है, वो सख्त से सख्त इंसान को अंदर तक चीरने के लिए काफी है।

ग्लोबल हंगर मॉनिटर की रिपोर्ट में चेतवनी दी गई है, कि गाजा पट्टी के कुछ हिस्सों में अब खाने की कमी से अकाल जैसे हालात बन गये हैं, लोगों को भूखा रहना पड़ रहा है और अगर तत्काल युद्धविराम नहीं हुआ, तत्काल लड़ाई बंद नहीं हुई, तो बड़े पैमाने पर लोगों की मौतें भूख से शुरू हो जाएंगी।

Gaza s catastrophic food shortage

हमास ने 7 अक्टूबर को दक्षिणी इजराइल पर हमला किया था और उसके बाद गाजा पट्टी पर इजराइली हमले शुरू हुए, आतंकी संगठन हमास को तो ज्यादा नुकसान नहीं हुआ, हमास के बड़े नेता दूसरे देशों में बैठे हुए हैं, आलीशान जिंदगी जी रहे हैं, लेकिन गाजा पट्टी में हजारों लोग बमों की बारिश में चिथड़े हो चुके हैं।

गाजा पट्टी में विनाशक हालात

इंटीग्रेटेड फूड-सिक्योरिटी फेज़ क्लासिफिकेशन (आईपीसी), जो यूनाइटेड नेशंस की रिपोर्ट के आधार पर स्थिति का आकलन करता है, उसकी रिपोर्ट में चेतावनी देते हुए कहा गया है, कि उत्तरी गाजा पट्टी के कुछ हिस्सों में 70 प्रतिशत से ज्यादा लोग भोजन की गंभीर कमी से जूझ रहे हैं, जबकी 20 प्रतिशत से ज्यादा लोग अकाल के कगार पर पहुंच गये हैं।

आईपीसी की रिपोर्ट में कहा गया है, कि उसके पास फिलहाल मृत्युदर का पर्याप्त आंकड़ा नहीं है, लेकिन उसने आशंका जताई है, कि भूख और प्यास से लोगों का मरना शुरू हो चुका है। उसका अनुमान है, कि हर 10 हजार में से 2 लोग अब भूख और कुपोषण से मर रहे हैं।

जबकि, हमास नियंत्रित गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है, कि अभी तक कुपोषण से 27 बच्चों और 3 वयस्क लोगों की मौत हो चुकी है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है, कि "अकाल से लोगों की मौत रोकने के लिए तत्काल युद्धविराम के लिए राजनीतिक राजनीतिक फैसले लेने होंगे और महत्वपूर्ण मानवीय मदद पहुंचाने होंगे।"

रिपोर्ट के मुताबिक, गाजा पट्टी के करीब 11 लाख लोग, यानि आधी आबादी, भोजन की विनाशकारी कमी का सामना कर रहे हैं, जबकि 3 लाख से ज्यादा लोग अब अकाल मृत्यु के करीब पहुंच गये हैं। लेकिन, अभी तक युद्धविराम को लेकर बात नहीं बन पाई है। लिहाजा, इजराइल को लेकर अब पश्चिमी देशों में भी गुस्सा भड़क रहा है।

यूरोपीय संघ के विदेश नीति प्रमुख जोसेप बोरेल ने गाजा के लिए सहायता पर ब्रुसेल्स सम्मेलन में साफ शब्दों में कहा, कि इजराइल अकाल को भड़का रहा है। उन्होंने सम्मेलन में बोलते हुए कहा, कि "गाजा पट्टी में हम अब अकाल के कगार पर नहीं, बल्कि अकाल की स्थिति में हैं।"

लेकिन, इजराइल के विदेश मंत्री इजराइल काट्ज ने पलटवार करते हुए कहा, कि "बोरेल को इजराइल पर निशाना साधना बंद करना चाहिए और हमास के अपराधों के खिलाफ आत्मरक्षा के हमारे अधिकार को पहचानना चाहिए।"

काट्ज़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है, कि "गाजा पट्टी में मदद पहुंचाने वाले हर संस्था और आदमी को भूमि, समुद्र या फिर आकाश मार्गे से मानवीय मदद पहुंचाने की इजाजत दी है।" लेकिन, उन्होंने आगे कहा, कि "हमास के आतंकवादी मानवीय मदद पहुंचाने वालों पर ही हमले कर रहे हैं, ताकि स्थिति और खराब हो।"

वहीं, यूनाइटेड नेशंस के महसचिव एंटोनियो गुटेरेस ने आईपीसी रिपोर्ट को "भयानक अभियोग" कहा है। उन्होंने कहा, कि "इजराइल को गाजा के सभी हिस्सों में पूर्ण और निर्बाध पहुंच की इजाजत देनी चाहिए।"

जबकि, ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड कैमरन अकाल से बचने के लिए तत्काल कार्रवाई के लिए कदम उठाने पर जोर दिया है।

वहीं, बढ़ते अंतर्राष्ट्रीय दबाव के बीच अब इजराइल ने, जिसने अभी तक दक्षिणी किनारे से दो चौकियों के रास्ते मानवीय सहायता पहुंचाने की इजाजत दी थी, उसने अब कहा है, कि वो और चौकियों को मानवीय मदद पहुंचाने के लिए खोल रहा है। साथ ही, समुद्री शिपमेंट और एयरड्रॉप की भी इजाजत दे रहा है।

Gaza s catastrophic food shortage

अस्पतालों के हालात विकराल

गाजा पट्टी से आने वाली तस्वीरें विनाश की कहानी बयां करती हैं। गाजा पट्टी के उत्तर में स्थिति मुख्य बस्ती अब खंडहर में तब्दील हो चुकी है और खंडहरों के बीच स्थिति अल-शिफा अस्पताल पर अब इजराइली सेना का कब्जा है। अल शिफा अस्पताल एक समय गाजा पट्टी का सबसे बड़ा अस्पताल था, जो अब आंशिक तौर पर ही काम कर रहा है।

इजराइल ने दावा किया है, कि अल शिफा अस्पताल में हमास के एक सीनियर कमांडर फयेक अल-मबौह समेत 20 से ज्यादा लोगों को मार डाला है। लेकिन, हमास ने कहा है, कि वह एक फिलीस्तीनी पुलिस अधिकारी था, जिसे गाजा पट्टी में मानवीय सहायता बांटने का काम सौंपा गया था।

वहीं, पिछले 6 महीने से चल रहे युद्ध के बीच रिपोर्ट आई थी, कि सोमवार को फिर से युद्धविराम को लेकर बातचीत शुरू होने वाली थी और इजराइली अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल कतर भी जा रहा था, लेकिन एक इजराइली अधिकारी ने कहा, कि युद्धविराम को लेकर आखिरी नतीजे पर पहुंचने में अभी कम से कम दो हफ्ते और लगेंगे, जो अमेरिका के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि अमेरिका लगातार प्रेशर बना रहा था, रमजान शुरू होने से पहले युद्धविराम हो जाए, जो नहीं हो पाया।

बाइडेन ने नेतन्याहू को दी धमकी

इन सबके बीच, व्हाइट हाउस ने कहा है, कि राष्ट्रपति जो बाइडेन ने सोमवार को इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात करते हुए उन्हें चेतावनी दी, कि राफा में इजराइल का सैन्य अभियान अराजकता को बढ़ा देगा और फिर दोनों नेताओं में इस बात पर सहमति बनी है, कि दोनों देशों की टीम मिलकर वॉशिंगटन में राफा में सैन्य अभियान को आगे की योजना बनाएगी।

बेंजामिन नेतन्याहू ने गाजा पट्टी के दक्षिणी छोर से राफा में घुसने की घोषणा की थी, जहां करीब 12 लाख से ज्यादा गाजा पट्टी के लोगों ने इजराइली हमलों से बचने के लिए शरण ले रखा है। वहीं, डेमोक्रेटिक पार्टी के एक सीनेटर ने पिछले हफ्ते इजराइल के लोगों से प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को बदलने तक का आह्वान कर डाला था और कहा था, कि नेतन्याहू इजराइली प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+