हमास का खात्मा, बंधकों की वापसी और सीमा सुरक्षा, गाजा युद्ध के एक साल, इजराइल की लड़ाई कहां तक पहुंची?
One year into the Gaza conflict, Israel grapples with challenges in defeating Hamas, ensuring the return of hostages, and maintaining border security amidst escalating tensions.
Gaza Conflict One Year: दक्षिणी इजराइल पर 7 अक्टूबर को किए गये हमास के क्रूर हमले के एक साल पूरे हो चुके हैं और पिछले 12 महीनों में निर्धारित किए गए अपने तीन मुख्य लक्ष्यों को हासिल करने में इजराइल को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है।
इजराइल ने जो तीन लक्ष्य बनाए थे, वो थे 1- हमास को खत्म करना, 2- बंधकों की वापसी सुनिश्चित करना और 3- गाजा सीमा के पास रहने वाले निवासियों को सुरक्षित करना।

7 अक्टूबर को दक्षिणी इजराइली पर हमास ने अचानक हमला किया था और 1200 से ज्यादा इजराइलियों को मौत के घाट उतार दिया था, जबकि 250 लोगों को बंधक बना लिया था। इस घटना ने इजराइल के साथ पूरी दुनिया में सनसनी फैला दी और इसके बाद ही इजराइल ने गाजा पट्टी में हमास के सफाए का लक्ष्य बनाते हुए युद्ध शुरू किया था।
GOAL NO. 1 - हमास का संपूर्ण विनाश
इजराइली रक्षा बलों (IDF) ने हमास को कमजोर करने के मकसद से बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू किया। इजरायल की सैन्य रणनीति हवाई हमलों और जमीनी अभियानों के जरिए फिलिस्तीनी संगठन के ऑपरेशन पावर का नाश करना था और एक साल जब खत्म होने वाले हैं, तो हमास अब लगभग लगभग निष्क्रीय होने की अवस्था में पहुंच चुका है।
IDF ने सुरंगों और हथियारों के भंडार सहित हजारों हमास सुविधाओं पर हमला किया। टाइम्स ऑफ इजराइल के अनुसार, IDF ने दावा किया कि देश ने गाजा पट्टी में हमास को "सैन्य रूप से" हरा दिया है और अब यह एक गुरिल्ला संगठन के रूप में काम कर रहा है। इजराइली सेना ने कहा है, कि हमास अब वह संगठन नहीं रहा, जो 7 अक्टूबर से पहले था। हालांकि इन जीतों के बावजूद, IDF के प्रवक्ता रियर एडमिरल डैनियल हैगरी ने अगस्त में स्वीकार किया, कि एक विचारधारा के रूप में हमास को पूरी तरह से खत्म करना संभव नहीं है।
लेकिन, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि फिलिस्तीनी संगठन को खत्म करने की कीमत कितनी चुकानी पड़ी, जिसमें गाजा में नागरिकों की भारी संख्या में मौतें शामिल हैं। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, 41,000 से ज्यादा लोग मारे गए हैं, जिसके कारण इजराइल की भारी अंतरराष्ट्रीय आलोचना हुई है। इजराइल पर युद्ध अपराधों के आरोप भी लगाए गये हैं और चल रहे सैन्य अभियान के बारे में कड़े सवाल उठाए गये हैं।

GOAL NO. 2 - हमास के कब्जे से बंधकों की वापसी
हमास ने जब इजराइल पर हमला किया था, तो उसके आतंकी 250 से ज्यादा लोगों को बंधक बनाकर अपने साथ ले गये थे और एक साल बीतने के बाद भी 100 से ज्यादा लोग अभी भी हमास के कब्जे में हैं और उनकी सुरक्षित वापसी अभी भी चिंता का विषय बना हुआ है।
पिछले साल नवंबर के अंत में एक हफ्ते के संघर्ष विराम के दौरान, हमास ने 105 नागरिकों को रिहा किया था और उससे पहले चार बंधकों को रिहा किया गया था। गाजा में अभी भी 97 बंधक बचे हुए हैं और उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। इजराइली सेना के अनुसार, इनमें से 33 लोगों के मरने की आशंका है।
रिपोर्ट के मुताबिक, दो बच्चों सहित लगभग 64 लोग अभी भी जीवित और कैद में हैं। बंधकों की अनसुलझी स्थिति के बीच, इजराइली प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार को इस मुद्दे से निपटने के लिए जांच का सामना करना पड़ा है, बंधकों को सुरक्षित करने में प्रगति की कमी पर जनता का गुस्सा बढ़ रहा है। नेतन्याहू, जिन पर आलोचकों द्वारा संघर्ष विराम वार्ता में बाधा डालने और गाजा युद्ध को लंबा खींचने का आरोप लगाया गया है, उन्होंने संभावित संघर्ष विराम और बंधक सौदे की शर्तों को खारिज करने के लिए हमास नेताओं को दोषी ठहराया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, IDF के लगातार हमले के बीच, हमास प्रमुख याह्या सिनवार ने कथित तौर पर इजराइल के साथ बंधक समझौते पर बातचीत के खिलाफ अपना रुख कड़ा कर लिया है। अमेरिकी खुफिया आकलन से संकेत मिलता है, कि सिनवार का मानना है, इजराइल का लक्ष्य उसे भी मारना है और उसका बचना संभव नहीं है, लिहाजा अब वो बंधकों की रिहाई में बाधा बन गया है।
द न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, हमास ने पिछले कुछ हफ्तों में बातचीत जारी रखने में बहुत कम दिलचस्पी दिखाई है। सिनवार का मानना है, कि एक बड़ा संघर्ष इजराइल को गाजा में अपने सैन्य अभियानों को कम करने के लिए मजबूर कर सकता है, जिससे सौदे की संभावना और मुश्किल हो गई है।

GOAL NO. 3 - इजराइल की सीमा की सुरक्षा
हालांकि गाजा में युद्ध अभी खत्म नहीं हुआ है, लेकिन अब इजराइल देश के उत्तरी हिस्से में लेबनानी हिज्बुल्लाह समूह के साथ भीषण सीमा-पार संघर्ष में उलझा हुआ है। हाल के दिनों में स्थिति बिगड़ने के साथ, गाजा सीमा के पास रहने वालों के लिए सुरक्षा बहाल करना इस तनाव के बीच चुनौतीपूर्ण साबित हुआ है। इजराइल-लेबनानी सीमा के पास रहने वाले निवासियों में हिंसा बढ़ने का डर लगातार बढ़ रहा है, क्योंकि इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है।
सीएनएन के मुताबिक, किरयात शमोना के 32 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर यायर पिनहास ने कहा, कि चल रहे संघर्ष में "बहुत सारी मौतें होंगी"। पिनहास लेबनान से घिरे किरयात शमोना शहर में पले-बढ़े हैं और उन्होंने इस क्षेत्र की अस्थिरता को प्रत्यक्ष रूप से देखा है। उनका परिवार 7 अक्टूबर के आतंकवादी हमलों के बाद से ही गैलिली सागर के पास एक होटल में रह रहा है। हिज्बुल्लाह से शमोना की नजदीकी इसे सीमा पार हमलों के लिए असुरक्षित बनाती है।
पिछले एक साल में, हिज्बुल्लाह ने हमास के समर्थन में इजराइल के खिलाफ नियमित हमले किए हैं, जिससे जवाबी कार्रवाई का दौर शुरू हो गया है। इजराइल अब लेबनान में घुसकर हिज्बुल्लाह को निशाना बना रहा है और उसकी टॉप लीडरशिप का सफाया कर चुका है। इजराइली हमले में हिज्बुल्लाह का मुखिया हसन नसरल्लाह मारा जा चुका है और लेबनान में इजराइली ग्राउंड ऑपरेशन के और ज्यादा खतरनाक होने की संभावना है।
मौजूदा स्थिति को देखते हुए, यह साफ है, कि इजराइल का अपने तीन घोषित लक्ष्यों को प्राप्त करने का लक्ष्य अभी भी पूरा नहीं हुआ है और फिलहाल इजराइल का ऑपरेशन जारी रहने वाला है।












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