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Gaza Ceasefire: गाजा युद्धविराम का पूरा क्रेडिट खा गये डोनाल्ड ट्रंप, बाइडेन का हो गया जिमी कार्टर वाला हाल?

Gaza Ceasefire: इससे पहले, कि संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन, इजराइल और हमास के बीच 15 महीनों से चल रही भीषण लड़ाई के खत्म होने, यानि युद्ध विराम समझौते का ऐलान कर पाते, उससे पहले ही उनकी विदेश नीति की सबसे बड़ी जीत को उनके प्रतिद्वंदी डोनाल्ड ट्रंप ने क्रेडिट लेकर दबा दिया।

जो बाइडेन, जिनका कार्यकाल 20 जनवरी को खत्म हो रहा है, उन्होंने अपने कार्यकाल के आखिरी हफ्ते में अपनी विदेश नीति को सबसे बड़ी कामयाबी दिलवाई और इजराइल और हमास के बीच युद्ध खत्म करने का जमीन तैयार कर दिया, लेकिन चर्चा डोनाल्ड ट्रंप की हो रही है, जो 20 जनवरी को सत्ता संभालने वाले हैं।

Gaza Ceasefire

डोनाल्ड ट्रंप ने कैसे की क्रेडिट लेने की कोशिश? (How did Donald Trump try to take credit of Gaza Ceasefire Deal?)

जो बाइडेन, इससे पहले की ओवल ऑफिस से युद्धविराम समझौते का ऐलान कर पाते, उससे काफी पहले ही डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर घोषणा कर दी, कि इजराइल और हमास के बीच युद्धविराम समझौता हो गया है। जाहिर तौर पर, डोनाल्ड ट्रंप की कोशिश इस समझौते को अपनी डिप्लोमेटिक कामयाबी बताना था।

डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा, कि "यह महाकाव्य युद्धविराम समझौता, नवंबर में हमारी ऐतिहासिक जीत के परिणामस्वरूप ही हो सका, क्योंकि इसने पूरी दुनिया को संकेत दिया, कि मेरा प्रशासन शांति की तलाश करेगा और सभी अमेरिकियों और हमारे सहयोगियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सौदेबाजी करेगा।"

डोनाल्ड ट्रंप ने 15 महीने के विनाशकारी युद्ध के बाद सफलता का श्रेय लेने में जरा भी संकोच नहीं की।

बाद में व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस से बोलते हुए, बाइडेन ने कहा, कि उनके कूटनीतिक प्रयास "कभी नहीं रुके", लेकिन उन्होंने स्वीकार किया, कि उनके प्रशासन ने ट्रंप की टीम के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करने के लिए काम किया, था कि अमेरिका "एक स्वर में बोल रहा है"।

डोनाल्ड ट्रंप ने कतर में युद्ध विराम समझौते के लिए वार्ता टीम में अपने नए मिडिल ईस्ट के दूत स्टीव विटकॉफ को भेजा था।

बाइडेन, जिनकी डेमोक्रेटिक पार्टी के कई 'लिबरल' नेताओं ने लगातार इजराइल और हमास के बीच चलने वाली लड़ाई को लेकर उनकी आलोचना की, उसको लेकर बाइडेन ने कहा, यह सौदा "मेरी टीम द्वारा विकसित और बातचीत किया गया था" और वह इस बात से हैरान दिखे, कि इस सफलता के लिए कौन जिम्मेदार है और कैसे कैसे इस पर भ्रमित हो सकता है।

जब एक जर्नलिस्ट ने बाइडेन से इस बाबत सवाल पूछा, तो उन्होंने कहा, कि "क्या ये कोई मजाक है?"

शेखी बघारते डोनाल्ड ट्रंप!

डोनाल्ड ट्रंप को अपनी धौंस और बहादुरी दिखाने और शेखी बघारने के लिए भी जाना जाता है, लेकिन युद्ध विराम गतिरोध को तोड़ने में उनकी भागीदारी को उनके सबसे कट्टर सहयोगियों को छोड़कर भी लोगों ने स्वीकार किया है।

माइक केसी, अमेरिकी विदेश विभाग के पूर्व अधिकारी, जिन्होंने बाइडेन के इजराइल के युद्ध के फैसले का समर्थन करने के बाद इस्तीफा दे दिया था, उन्होंने कहा है, कि "युद्धविराम का समय डोनाल्ड ट्रंप के लिए एक उपहार की तरह है।"

अलजजीरा की रिपोर्ट में केसी ने कहा है, कि "बेंजामिन नेतन्याहू ने अपनी घरेलू राजनीति को देखा है और ये सौदा, मई में पेश किए गये समझौते से अलग नहीं है और वो मई में भी समझौते के लिए तैयार हो सकते थे।"

केसी ने कहा, कि बाइडेन प्रशासन ने इजराइलियों के साथ "कोई वास्तविक बातचीत नहीं की" क्योंकि उन्हें पता था, कि अमेरिका आखिरकार उनकी किसी भी मांग को मान ही लेगा।

हालांकि इजराइल में, कुछ मीडिया कवरेज में तो यहां तक ​​कहा गया है, कि इस सफलता में ट्रंप की भागीदारी निर्णायक फैक्टर थी।

जबकि, समझौता होने के बाद बेंजामिन नेतन्याहू ने डोनाल्ड ट्रंप को फोन करके धन्यवाद कहा है।

टाइम्स ऑफ इजराइल ने दो अज्ञात अरब अधिकारियों का हवाला देते हुए बताया है, कि वार्ता के एक दौर में ट्रंप के दूत विटकॉफ की भागीदारी ने नेतन्याहू को समझौते को स्वीकार करने के लिए "काफी प्रभावित" किया, जितना कि बाइडेन ने पूरे वर्ष किया था।

हालांकि, बाइडेन प्रशासन ने डोनाल्ड ट्रंप को मिल रहे क्रेडिट को वापस अपने पक्ष में मोड़ने की कोशिश की है और इसके लिए उन्होंने अमेरिकी मीडिया प्लेटफॉर्म्स से निजी तौर पर बात की और कहा, कि 'युद्धविराम में बाइडेन की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।'

स्वतंत्र पत्रकार केन क्लिपेनस्टीन ने एक्स पर पोस्ट की गई एक ऑफ-रिकॉर्ड ब्रीफिंग की रिकॉर्डिंग के जरिए कहा, कि बाइडेन प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा है, कि विटकॉफ ने "बहुत महत्वपूर्ण भूमिका" निभाई थी, और बाइडेन के वार्ताकार ब्रेट मैकगर्क के साथ उनकी साझेदारी "काफी प्रभावी" साबित हुई थी।

वहीं, नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर में मिडिल ईस्ट इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ रिसर्च फेलो जीन-लूप समन ने अलजजीरा से कहा, कि यह "बहुत संभव" है कि ट्रंप टीम ने नेतन्याहू पर डील स्वीकार करने के लिए दबाव डाला हो। समन ने कहा, कि "ट्रम्प ने स्पष्ट किया है, कि वे नहीं चाहते कि ओवल ऑफिस में वापस आने के दौरान युद्ध जारी रहे, खासकर तब जब डील वास्तव में उनकी निगरानी में शुरू होगी।"

वहीं, ऑस्ट्रेलियाई राष्ट्रीय विश्वविद्यालय में मध्य पूर्व के विशेषज्ञ आलम सालेह ने कहा, कि यह संभव है कि विटकॉफ ने इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हो, और यह भी, कि उनके प्रभाव को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया हो।

बाइडेन के साथ भी जिमी कार्टर वाला हाल?

गाजा युद्ध विराम में बाइडेन की भूमिका, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जिमी कार्टर के राजनीतिक भाग्य की याद दिलाती है, जिनका पिछले महीने ही 100 साल की उम्र में निधन हुआ है। 1981 में, बाइडेन की तरह अपने कार्यकाल के आखिरी दिनों में राष्ट्रपति कार्टर ने रोनाल्ड रीगन के आने वाले प्रशासन के साथ मिलकर ईरान में अमेरिकी दूतावास में बंदी बनाए गए 52 अमेरिकियों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए काम किया था।

दूतावास में अमेरिकियों को 444 दिनों तक बंदी बनाकर रखा गया था और उसी मुद्दे की वजह से जिमी कार्टर को चुनाव में भारी हार का सामना भी करना पड़ा, लेकिन उन्होंने अपना कार्यकाल खत्म होने से ठीक पहले, रीगन के राष्ट्रपति बनने से पहले, तमाम बंधकों को छुड़ा लिया था, लेकिन क्रेटिड रीगन को मिली थी।

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