जिसका डर था वही हुआ, सूरज के 'गुस्से' का शिकार बना गैलेक्सी 15 सैटेलाइट, इंसानों के कंट्रोल से बाहर
नई दिल्ली: पिछले कुछ हफ्तों से ऐसा लग रहा, जैसे हमारा सूरज बहुत ज्यादा गुस्से में है। आए दिन उस पर हो रहे विस्फोट और उसके बाद उठने वाले सौर तूफान स्पेस सेक्टर को बुरी तरह से प्रभावित कर रहे हैं। बीते दिनों एक बड़ा विस्फोट सूर्य में हुआ था, जिसके बाद आशंका जताई जा रही थी कि वो स्पेस में तैनात किए गए उपकरणों का प्रभावित करेगा। वैज्ञानिकों का ये डर सही साबित हुआ और अब सूरज के गुस्से की चपेट में आकर एक अहम सैटेलाइट कंट्रोल से बाहर हो गया है।

कंट्रोल पाने की कोशिश
न्यूज पोर्टल स्पेस न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय उपग्रह सेवा फर्म इंटलसैट ने अपने एक सैटेलाइट से कंट्रोल खो दिया है, क्योंकि वो अंतरिक्ष के मौसम से अक्षम हो गया था। हालांकि वैज्ञानिकों की टीम सैटेलाइट पर फिर से नियंत्रण के लिए तमाम तरह के प्रयास कर रही है, लेकिन कंट्रोल वापस मिल पाएगा या नहीं, इस पर कुछ भी नहीं कहा जा सकता है।

दूसरे सैटेलाइट पर शिफ्ट हो रहे ग्राहक
रिपोर्ट में बताया गया कि 19 अगस्त को अंतरिक्ष गतिविधियों में एक बड़ा व्यवधान आया था, जिसके बाद गैलेक्सी 15 प्रसारण सैटेलाइट से कंट्रोल हट गया। मामले में इंटेलसैट के प्रवक्ता मेलिसा लोंगो ने कहा सैटेलाइट नाममात्र ही काम कर रहा है। उसके सभी पेलोड्स का भी संचालन नाममात्र ही है। गैलेक्सी 15 पर निर्भर जो ग्राहक थे, उनको अब दूसरी सैटेलाइट्स पर शिफ्ट किया जा रहा। इस सैटेलाइट के बंद होने के बाद फिर से कमान हासिल करने की कोशिश की जाएगी।

अमेरिकी मीडिया का करता था प्रसारण
इंटेलसैट के मुताबिक गैलेक्सी 15 एक भूस्थैतिक कक्षा में 133 डिग्री पश्चिम के झुकाव पर संचालित होता है। इस वजह से अमेरिकी मीडिया को कवरेज प्रदान होती है। इसे ऑर्बिटल साइंसेज कॉरपोरेशन ने बनाया था, जो 2005 में लॉन्च हुआ। कंपनी के मुताबिक ये कोई पहला मौका नहीं है जब गैलेक्सी 15 से कंट्रोल हटा है। इससे पहले 2010 में भी ऐसा हुआ था। उस वक्त करीब 8 महीने तक सैटेलाइट से संपर्क नहीं हुआ था। बाद में जब उसकी बैटरी पूरी तरह से खत्म हुई तो वो रीसेट हुआ। इसके बाद उसने फिर से कमांड लेना शुरू कर दिया।

तीव्र रेडियो प्रसारण को खतरा
आपको बता दें कि यूएस नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन (एनओएए) ने 16 अगस्त को एक श्रेणी जी3 जियोमैग्नेटिक स्टॉर्म के बारे में चेतावनी जारी की थी। ये भू-चुंबकीय तूफान हानि तो नहीं पहुंचाते, लेकिन इसकी वजह से तीव्र रेडियो प्रसारण बाधित हो जाता है। इसके अलावा बिजली की लाइनें भी इससे प्रभावित हो सकती हैं।












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