G20 Summit: 45 घंटे में 20 सत्र, बाइडेन-सुनक-मैक्रों से मुलाकात, जानें भारत को कैसे सौंपी जाएगी अध्यक्षता?
जी20 शिखर सम्मेलन के समापन समारोह में इंडोनेशिया, जी-20 की अध्यक्षता भारत को एक साल की अवधि के लिए सौंपेगा।
PM Modi jampacked Schedule in G20 Summit Bali: इंडोनेशिया के बाली शहर में कल से शुरू होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन में शिरकत करने के लिए भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज भारत से प्रस्थान करेंगे और तीन दिनों के अपने इस दौरे के दौरान पीएम मोदी का शिड्यूल अतिव्यस्त होगा। अपने 45 घंटे के कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 10 वैश्विक नेताओं से मुलाकात करेंगे और इंडोनेशिया में रहने वाले प्रवासी भारतीयों के एक सामुदायिक कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। भारत के लिए इस साल का जी20 शिखर सम्मेलन काफी अहम इसलिए भी है, क्योंकि इस साल भारत को जी20 की अध्यक्षता सौंपी जाएगी।

पीएम मोदी का इंडोनेशिया दौरा
भारतीय विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तीन प्रमुख खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा, डिजिटल परिवर्तन और हेल्थ पर आयोजित सत्रों में भाग लेंगे। प्रधानमंत्री वैश्विक अर्थव्यवस्था की स्थिति, ऊर्जा, पर्यावरण, कृषि, स्वास्थ्य और डिजिटल परिवर्तन से संबंधित अलग अलग कार्यक्रमों में दुनियाभर के अन्य नेताओं के साथ अलग अलग कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इसके साथ ही भारतीय प्रधानमंत्री वैश्विक समस्याओं के समाधान के लिए भारतीय दृष्टिकोण को शिखर सम्मेलन में रखेंगे, जिसमें हेल्थ सेक्टर, कोडिव संकट के बाद की दुनिया में अर्थव्यवस्था का सुधार, ऊर्जा और फुड सिक्योरिटी पर भी चर्चा की जाएगी। बाली में आयोजित होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन सहित अन्य नेता भी शामिल होंगे। विनय क्वात्रा के मुताबिक, पीएम मोदी समिट से इतर कई नेताओं के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। उन्होंने कहा कि ये बैठकों का सयम अभी निर्धारित होने की प्रक्रिया में हैं।

भारत को सौंपी जाएगी अध्यक्षता
जी20 शिखर सम्मेलन के समापन समारोह में इंडोनेशिया, जी-20 की अध्यक्षता भारत को एक साल की अवधि के लिए सौंपेगा। भारतीय विदेश सचिव क्वात्रा ने कहा कि, पीएम मोदी बाली शिखर सम्मेलन में अपनी उपस्थिति के अवसर का उपयोग नेताओं को भारत के जी20 शिखर सम्मेलन में आमंत्रित करने के लिए भी करेंगे। सम्मेलन में शिरकत करने के लिए भारत से रवाना होने से पहले भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि, "हमारे देश के नागरिकों के लिए ये एक महत्वपूर्ण क्षण है। बाली समिट में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जी20 की अध्यक्षता भारत को सौंपने वाले हैं और आधिकारिक तौर पर एक दिसंबर से भारत जी20 ग्रुप का अध्यक्ष बन जाएगा।"

जी20 सम्मेलन का एजेंडा
बाली रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने कहा कि, "बाली में जी-20 शिखर सम्मेलन के मौके पर, मैं इस सम्मेलन में भाग लेने वाले कई अन्य देशों के नेताओं से मिलूंगा और उनके साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति की समीक्षा करूंगा। मैं 15 नवंबर को बाली में एक स्वागत समारोह में भारतीय समुदाय को संबोधित करने के लिए उत्सुक हूं।" पीएम मोदी ने आगे कहा कि, "बाली शिखर सम्मेलन के दौरान, मैं वैश्विक चिंताओं और प्रमुख मुद्दों, जैसे वैश्विक विकास, खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण, स्वास्थ्य और डिजिटल परिवर्तन को पुनर्जीवित करने के लिए अन्य G20 नेताओं के साथ व्यापक चर्चा करूंगा।"

भारत के लिए कितना अहम?
यह G20 शिखर सम्मेलन भारत के लिए खास होने जा रहा है क्योंकि भारत 1 दिसंबर से एक साल के कार्यकाल के लिए इस समूह की अध्यक्षता ग्रहण करेगा। भारत वर्तमान में शक्तिशाली ट्रोइका का हिस्सा है, जिसमें अंतिम, वर्तमान और आगामी अध्यक्ष शामिल हैं। आपको बता दें कि, ट्रोइका में भारत के अलावा इंडोनेशिया और ब्राजील हैं। भारतीय विदेश सचिव क्वात्रा ने कहा कि, "अगले अध्यक्ष के रूप में भारत ग्लोबल साउथ के हित के मुद्दों पर एक बड़ी आवाज प्रदान करने का प्रयास करेगा और बतौर प्रतिनिधि, संतुलित तरीके से जी20 एजेंडा को आगे बढ़ाएगा।" हालांकि, अभी तक ये साफ नहीं हो पाया है, कि क्या भारत के एजेंडे में यूक्रेन मुद्दा शामिल होगा या नहीं।

कौन कौन हैं जी20 के सदस्य?
इसके प्रमुख सदस्य हैं, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, जापान, कोरिया गणराज्य, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, यूके, अमेरिका और यूरोपीय संघ शामिल हैं। वहीं, स्पेन को स्थायी अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। जी20 की अध्यक्षता हर साल अलग अलग देशों को मिलती रहती है और अगला अध्यक्ष भारत बनने वाला देश, पुराने अध्यक्ष और अगले अध्यक्ष के साथ मिलकर जी20 का एजेंडा तय तय करता है, ताकि उसकी निरंतरता बनी रहे, जिसे 'ट्रोइका' कहा जाता है और इस वक्त इटली, इंडोनेशिया और भारत ट्रोइका देश हैं। ऐसा पहली बार हो रहा है, जब भारत जी20 देशों की अध्यक्षता करेगा, लिहाजा भारत के लिए इस बार का जी20 शिखर सम्मेलन काफी ज्यादा अहम होने वाला है। भारत को जी20 शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता मिली है, जो इस बात को साफ तौर पर जाहिर करता है, कि अब भारत वैश्विक शक्तियों की लिस्ट में शामिल हो चुका है।












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