एस्ट्राजेनेका वैक्सीन पर बैन था पॉलिटिकल एजेंडा! फ्रांस-इटली फिर शुरू करेंगे इस्तेमाल, बड़े झूठ का पर्दाफाश
फ्रांस और इटली एस्ट्राजेनेका वैक्सीन का इस्तेमाल फिर से शुरू करने जा रहे है। रिपोर्ट है कि पॉलिटिकल एजेंडे के तहत वैक्सीन पर कई देशों में अस्थाई प्रतिबंध लगाया गया।
नई दिल्ली: एस्ट्राजेनेका वैक्सीन लगाने से खून का थक्का बनता है, ये आरोप लगाकर दुनिया के कई देशों ने एस्ट्राजेनेका वैक्सीन के इस्तेमाल पर अस्थाई बैन लगाना शूरू कर दिया था, जिसके बात भारत में बनने वाली इस वैक्सीन को लेकर चिंताएं बढ़ गईं थीं। लेकिन, अब फ्रांस और इटली ने कहा है कि ये बैन पॉलिटिकल एंजेंडा के तहत लगाए गये थे और दोनों देश फिर से एस्ट्राजेनेका वैक्सीन का इस्तेमाल शुरू कर रहे हैं।

फिर से शुरू वैक्सीनेशन
दरअसल, एक के बाद एक कई देशों ने एस्ट्राजेनेका वैक्सीन पर स्थायी और अस्थाई प्रतिबंध लगाना शुरू कर दिया था। जिसके बाद चिंताएं बढ़ने लगीं थी। हालांकि, डब्ल्यूएचओ की तरफ से कहा गया कि इस वैक्सीन में कोई दिक्कत नहीं है और खून का थक्का नहीं बनता है। लेकिन अब रिपोर्ट आई है कि एस्ट्राजेनेका वैक्सीन को लेकर पॉलिटिकल एजेंडा चलाया गया और वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है। इटली और फ्रांस फिर से एस्ट्राजेनेका वैक्सीन से वैक्सीनेशन की प्रक्रिया शुरू कर रहे हैं।
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पॉलिटिकल था बैन
ब्रिटिश अखबार 'द सन' की रिपोर्ट के मुताबिक इटनी के प्रधानमंत्री मारियो द्राघी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से एस्ट्राजेनेका वैक्सीन को लेकर बात की है और दोनों राष्ट्रध्यक्ष फिर से एस्ट्राजेनेका वैक्सीन इस्तेमाल को लेकर राजी हो गये हैं। दोनों देशों की तरफ से कहा गया है कि वो यूरोपीयन मेडिसिन एजेंसी के बयान का इंतजार कर रहे थे और बयान पॉजिटिव ही रहा है, लिहाजा दोनों देश फिर से एस्ट्राजेनेका वैक्सीन का इस्तेमाल शुरू कर रहे हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ये बैन सिर्फ पॉलिटिकल एजेंडा था। क्योंकि एस्ट्राजेनेका वैक्सीन को ऑक्सफोर्ड के साथ मिलकर बनाया गया है। ऑक्सफोर्ट ब्रिटिश यूनिवर्सिटी है और ब्रिटेन अभी कुछ दिन पहले ही यूरोपीयन यूनियन से अलग हुआ है। लिहाजा एस्ट्राजेनेका वैक्सीन को लेकर गलत तथ्य फैलाए गये।

दो दर्जन यूरोपीय देशों ने किया बैन
आपको बता दें कि भारत समेत दुनिया के कई देशों में भारत में निर्मित एस्ट्राजेनेका वैक्सीन का इस्तेमाल किया जा रहा है। और पिछले कई महीनों से इस्तेमाल होने वाले वैक्सीन को लेकर भारत में एक भी शिकायत नहीं दर्ज की गई। वहीं, बाकी के देशों से भी एक भी शिकायत नहीं आई। लेकिन, पिछले हफ्ते अचानक खबर आती है कि एस्ट्राजेनेका वैक्सीन से खून का थक्का बनता है और यूरोप के करीब 2 दर्जन देशों ने एस्ट्राजेनेका वैक्सीन के इस्तेमाल पर अस्थाई रोक लगा दी। इन देशों ने अचानकर ही प्रतिबंध लगाना शुरू कर दिया, जबकि डब्लूएचओ बार बार वैक्सीन को सुरक्षित बता रहा था।












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