US Capitol Riot: सीनेट समिति कैपिटल हिल हिंसा मामले में करेगी सुनवाई, डोनाल्ड ट्रम्प का पेश होना जरूरी
अमेरिकी सीनेट की 9 सदस्यीय समिति छह जनवरी 2021 को हुए कैपिटल हिंसा की जांच कर रही है। समिति की ओर कहा गया है कि डोनाल्ड ट्रम्प इस बात को टेस्टिफाई करें कि वे दंगों में शामिल थे या नहीं।
6 जनवरी 2021 को हुए कैपिटल हिंसा (US Capitol Riot) की जांच अमेरिकी सीनेट की एक कमिटी कर रही है। इस कमिटी ने गुरुवार को पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को प्रतिनिधि सभा समिति के सामने उपस्थित होने के लिए सम्मन जारी किया है। वाइस चेयरमैन लिज चेनी ने बैठक की नौवीं सुनवाई के दौरान कहा कि हम उस व्यक्ति से सीधे जवाब मांगना चाहते हैं जिसने इस वीभत्स घटना को तेजी प्रदान किया। बता दें कि अमेरिका में हुए बीते आमचुनाव में ट्रम्प ने बाइडेन से हार मानने से इंकार कर दिया था और अपने झूठे दावों के साथ खुद को विजेता मानते रहे जिसके बाद दंगे शुरू हुए और 6 जनवरी 2021 को कैपिटल हमले के रूप में इसे पूरी दुनिया ने देखा।

सर्वसम्मति से पारित हुआ फैसला
सांसदों की ओर कहा गया है कि डोनाल्ड ट्रम्प इस बात को प्रमाणित करें कि वे दंगों में शामिल थे या नहीं। मध्यावधि चुनाव से पहले इसकी अंतिम सुनवाई होने की उम्मीद में सात डेमोक्रेट और दो रिपब्लिकन के हाउस पैनल ने जांचकर्ताओं के सामने ट्रम्प की उपस्थिति को मजबूर करने के लिए सर्वसम्मति से सहमति व्यक्त की। सभी 9 जांचकर्ताओं ने पूर्व राष्ट्रपति को पैनल के सामने शपथ के तहत गवाही देने के लिए मजबूर किया।

'ट्रम्प को अपने कार्यों को प्रति होना होगा जवाबदेह'
रिपल्किन सांसद चेनी ने कहा कि केवल उनलोगों को दंडित नहीं किया जाना चाहिए जिन्होंने कैपिटल हिल में हिंसा की बल्कि उनलोगों को भी जवाबदेह ठहरारया जाना चाहिए जिन्होंने चुनाव को उलटने की योजना बनाई और हिंसा की स्थिति को पैदा किया। समिति के अध्यक्ष बेनी थॉम्पसन ने वोट से पहले कहा कि 6 जनवरी को जो सब हुआ उसकी कहानी के केंद्र में एक व्यक्ति है इसलिए हम उससे सुनना चाहते हैं। थॉम्पसन ने कहा कि यह अमेरिकी लोगों के प्रति जवाबदेही के बारे में एक सवाल है। ट्रम्प को अपने कार्यों के लिए जवाबदेह होना चाहिए और उनका जवाब देना आवश्यक है।

ट्रम्प की कानूनी टीम के पास चुनौती देने का विकल्प
उम्मीद के मुताबिक ट्रम्प ने अपने झूठे चुनावी धोखाधड़ी के दावों को दोहराते हुए गुरुवार को जारी किए गए सम्मन की निंदा की। डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अचयनित समिति जानबूझकर बड़े पैमाने पर मतदाता धोखाधड़ी की जांच करने में विफल रही है जो 2020 के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान हुई। 6 जनवरी 2021 को जो सब हुआ उसके मूल में राष्ट्रपति चुनाव में की गई धोखाधड़ी है। हालांकि ट्रम्प की कानूनी टीम के पास इस फैसले को चुनौती देने का विकल्प शेष है।

पहली बार राष्ट्रपति गवाही देने के लिए हुआ मजबूर
बतादें कि जनवरी 2023 में कांग्रेस के नए कार्यकाल के साथ किसी भी मामले में कोई भी सम्मन समाप्त हो जाएग। इससे पहले नवंबर के चुनावों में प्रतिनिधि सभा के बदलने की उम्मीद है। यही वजह है कि समिति जांच को तुरंत समाप्त करने की योजना बना रही है। हालांकि, यह कदम जांच की एक आक्रामक वृद्धि का प्रतीक है, जिसने 2021 में अपनी स्थापना के बाद से 100 से अधिक समन जारी किया है और 1,000 से अधिक लोगों का इंटरव्यू लिया है। गौरतलब है कि आज तक किसी भी मौजूदा राष्ट्रपति को कांग्रेस के सामने गवाही देने के लिए मजबूर नहीं किया गया है। सांसदों ने पूर्व राष्ट्रपतियों को कार्यालय में उनके आचरण पर चर्चा करने के लिए बुलाया है।

यूएस कैपिटल दंगा कैसे हुआ?
यूएस कैपिटल वही बिल्डिंग है, जहां अमेरिकी संसद के दोनों सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट हैं। दरअसल 3 नवंबर 2020 को ही यह तय हो गया था कि जो बाइडेन अमेरिका के अगले राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं। लेकिन डोनाल्ड ट्रम्प फिर भी हार मानने को तैयार नहीं हुए। वह लगातार चुनाव में धांधली का आरोप लगाकर जनता के फैसले को नकारते रहे और हिंसा की धमकी देते रहे। वोटिंग के 64 दिन बाद जब अमेरिकी संसद बाइडेन की जीत पर मुहर लगाने जुटी तो तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों की भीड़ ने वॉशिंगटन के कैपिटल हिल इलाके पर धावा बोल दिया। 4 घंटे चले उपद्रव में 4 लोगों की जान चली गई।












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