Tulsi Gabbard ने डेमोक्रेटिक पार्टी छोड़ने का किया ऐलान, लगाए गंभीर आरोप
अमेरिका की राष्ट्रपति पद की रेस में शामिल पूर्व उम्मीदवार तुलसी गैबार्ड (Tulsi Gabbard)ने मंगलवार को डेमोक्रेटिक पार्टी छोड़ने का ऐलान किया। उन्होंने आरोप लगाया है कि पार्टी उनके साथ हर मुद्दे पर भेदभाव कर रही है। उन्होंने पार्टी पर आरोप लगाया है कि पार्टी युद्ध को भड़कावा देने वाले संभ्रांत लोगों का समूह है। तुलसी गैबार्ड ने 30 मिनट का वीडियो जारी करके पार्टी छोड़ने का ऐलान किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर यह वीडियो जारी करते हुए पार्टी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि मैं इस पार्टी के साथ 20 साल तक रही, लेकिन अब इसके साथ नहीं रह सकती। यह पार्टी अब ऐसे लोगों के नियंत्रण में है जो खुद को संभ्रांत कहते हैं और भड़काने का काम करते हैं, ये डरपोक और कमजोर लोग हैं, जोकि हमे हर मुद्दे पर नस्ल के आधार पर बांटते हैं।

ट्विटर पर जारी किए अपने वीडियो में तुलसी गैबार्ड ने पार्टी के अपने अन्य सहयोगियों से भी कहा कि वह उनका साथ दें और पार्टी को छोड़ दें। हालांकि अभी तक तुलसी गैबार्ड ने अपनी आगे की योजना के बारे में खुलकर कुछ भी नहीं कहा है कि वह अब किस पार्टी के साथ जुड़ेंगी। क्या वह रिपब्लिकन पार्टी का हाथ थामेंगी इसको लेकर भी अभी तक उनकी और से कुछ नहीं कहा गया है।
बता दें कि तुलसी गैबार्ड का जीवन हवाई में गुजरा और 21 साल की उम्र में वह हवाई स्टेटहाउस के चुनाव में खड़ी हो गई थीं। इसके पहले उनका राजनीति से कोई दूर-दूर तक रिश्ताा नहीं था। पिछले 20 साल तक वह डेमोक्रेटिक पार्टी के साथ रहीं। उन्होंने कहा कि डेमोक्रेटिक पार्टी देश में लोगों की मौलिक आजादी को कुचल रही है। मैं ऐसी सरकार में भरोसा करती हूं, जोकि जनता की, जनता के लिए हो। लेकिन मौजूदा डेमोक्रेटिक पार्टी इन सिद्धांतों पर नहीं चल रही है। गौर करने वाली बात है कि तुलसी गैबार्ड पहली हिंदू महिला थीं जो अमेरिका के राष्ट्रपति पद की रेस में शामिल हुई थीं। गैबार्ड हवाई आर्मी नेशनल गार्ड की मेडिकल यूनिट में भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। इराक में 2004 और 2005 में युद्ध के समय उन्होंने अपनी सेवाएं दी, साथ ही कुवैत में भी 2008 से 2009 तक अपनी सेवाएं दी।












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