विभाजित जर्मनी को एक करनेवाले पूर्व चांसलर हेल्मुट कोल का निधन
16 साल तक जर्मनी के चांसलर रहे हेल्मुट कोल ने देश के एकीकरण और यूरोप को एक सूत्र में बांधने में बड़ा योगदान दिया जिसके लिए उनको याद किया जाएगा।
बर्लिन। जर्मनी के पूर्व चांसलर हेल्मुट कोल का 87 साल की उम्र में निधन हो गया है। उन्होंने 16 साल तक जर्मनी का नेतृत्व किया। पूर्वी और पश्चिमी जर्मनी में विभाजित देश के एकीकरण के लिए उनको याद किया जाता है। इसके साथ ही यूरोप के एकीकरण में भी हेल्मुट कोल ने बड़ा राजनीतिक और आर्थिक योगदान दिया। हेल्मुट कोल की राजनीतिक पार्टी क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन ने शुक्रवार को इस समाचार की पुष्टि करते हुए कहा कि पूर्व चांसलर अब नहीं रहे।

पढ़ाई के साथ शुरू कर दी थी राजनीति
हेल्मुट कोल का पूरा नाम हेल्मुट जोसफ माइकल कोल था। उनका जन्म 3 अप्रैल 1930 को जर्मनी के लुडविगशाफेन में हुआ था। 17 साल की उम्र में उन्होंने कंजर्वेटिव क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन ज्वाइन कर लिया था। वे इतिहास, कानून और लोक नीति की पढ़ाई के साथ-साथ पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता बने रहे।

1982 में बने जर्मनी के चांसलर
1976 में पार्टी ने संसदीय चुनाव में हेल्मुट कोल को चांसलर पद का उम्मीदवार बनाया। उनको 48.6 प्रतिशत वोट मिले लेकिन चांसलर नहीं बन पाए। छह साल बाद हुए चुनाव में एक अक्टूबर 1982 को हेल्मुट आखिरकार जर्मनी के चांसलर बन गए। वे 1998 तक जर्मनी के चांसलर रहे।

जर्मनी और यूरोप के एकीकरण में योगदान
पूर्वी जर्मनी और पश्चिमी जर्मनी को एक कर वे बड़ी राजनीतिक शख्सियत बन गए। जर्मनी के लोगों को उन्होंने अपनी करेंसी छोड़कर यूरो को अपनाने के लिए मनाने में भी उनका बड़ा योगदान रहा और इस तरह से उन्होंने यूरोप के एकीकरण में भी बड़ी भूमिका निभाई।












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