पूर्व PM टॉनी एबॉट ने की अडानी ग्रुप की तारीफ, कहा, ‘ऑस्‍ट्रेलिया में जो भरोसा दिखाया, उसका आभारी हूं’

पूर्व PM एबॉट ने कहा कि एक ऑस्‍ट्रेलियाई के तौर पर मैं जानता हूं कि अडानी ग्रुप ने ऑस्ट्रेलिया में अरबों डॉलर का निवेश किया है। उन्होंने हमारे देश में नौकरियों का सृजन किया है।

Tony Abbott support adani

Image: File

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व पीएम टोनी एबॉट इन दिनों भारत में हैं। वह नई दिल्‍ली में आयोजित रायसीना डायलॉग 2023 में शिरकत करने के लिए पहुंचे हैं। कार्यक्रम से इतर उन्‍होंने अडानी ग्रुप के बारे में बातचीत की। पूर्व प्रधानमंत्री एबॉट ने NDTV को दिए गए एक इंटरव्यू में अमेरिका स्थित शार्ट सेलर कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च द्वारा अडानी समूह के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोपों को यह कहते हुए खारिज कर दिया है कि ये सिर्फ आरोप हैं।

'आरोप लगाना बेहद आसान'

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी पर आरोप लगाना बेहद आसान चीज है। सिर्फ इसलिए कि किसी पर कुछ आरोप लगाए गए हैं, यह सच नहीं हो जाता। सामान्य कानून के सिद्धांत पर मेरा यकीन है कि जब तक आप दोषी साबित नहीं हो जाते हैं तब तक आप बेकसूर हैं। ऑस्ट्रेलिया में अडानी ग्रुप द्वारा किए गए अरबों डॉलर का जिक्र करते हुए टोनी एबॉट ने कहा, "अगर उनके आरोपों में कुछ भी सच्चाई है तो मेरा यकीन है कि रेग्युलेटर इस मामले को देखेंगे और जहां तक मेरी बात है, ऑस्ट्रेलिया में अडानी समूह ने जो विश्वास दिखाया है उसके लिए मैं आभारी हूं।"

'अडानी ग्रुप के लिए मन में बेहद सम्मान'

टोनी एबॉट ने आगे कहा, ''अडानी ग्रुप के लिए मेरे मन में बहुत सम्मान है।'' उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में नौकरियां के सृजन के लिए अडानी ग्रुप को श्रेय दिया। एबॉट ने भारत में लाखों लोगों को लगातार बिजली सुनिश्चित करने के नरेंद्र मोदी सरकार के प्रयासों पर भी ध्‍यान दिलाया। एबॉट ने कहा, "मध्‍य क्‍वींसलैंड में अडानी माइनिंग को काफी समर्थन करने वाले शख्‍स के तौर पर मुझे इस बात की खुशी है कि अडानी कोल अब देश के विद्युतीकरण में मदद के लिए भारत आ रहा है क्योंकि आप आज के दौर में 24x7 बिजली के बिना आधुनिक जीवन नहीं जी सकते। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार की ओर से पिछले वर्ष के अंत में किए गए इस करार की बदौलत आस्‍ट्रेलियाई कोयला, अडानी माइनिंग के जरिये यह मदद उपलब्‍ध करा रहा है। "

भारत-ऑस्ट्रेलिया के संबंध पर क्या कहा

टोनी एबॉट ने कहा कि यदि भारत, ऊर्जा सुरक्षा की तलाश कर रहा है, तो ऑस्ट्रेलिया इसकी आपूर्ति में मदद कर सकता है। बता दें, ऑस्‍ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री एबॉट वर्ष 2020 से यूके सरकार के व्‍यापार बोर्ड के सदस्‍य भी हैं। भारत और ऑस्‍ट्रेलिया के संबंधों पर एबॉट ने कहा कि ये समय के साथ और गहरा होता जा रहा है। दोनों देशों ने पिछले साल इकनॉमिक कोऑपरेशन एंड ट्रेड एग्रीमेंट यानी ईसीटीए को अंतिम रूप दिया था। यह ऑस्‍ट्रेलिया और भारत के बीच मजबूत होते रिश्‍तों का प्रतीक है।

मोदी-आबे को बताया क्वाड का जनक

टोनी एबॉन ने क्‍वाड को नाटो के बाद दूसरा सबसे बड़ा स्‍ट्रैटेजिक डेवलपमेंट करार दिया। उन्‍होंने कहा कि सिर्फ एक एशियाई नेता ही इस पहल की शुरुआत कर सकता था। जिस तरह शिंजो आबे और नरेंद्र मोदी ने इसके लिए प्रयास किए, सिर्फ वही कर सकते थे। दुनिया को क्‍वाड के इन दोनों जनक का आभारी होना चाहिए।

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