इराक युद्ध के प्रमुख रणनीतिकार अमेरिका के पूर्व रक्षा मंत्री रम्सफेल्ड का निधन
वाशिंगटन, 1 जुलाई। अमेरिका के पूर्व रक्षा मंत्री डोनाल्ड रम्सफेल्ड का 88 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। उन्हें 2003 में हुए इराक युद्ध के प्रमुख रणनीतिकार के रूप में याद किया जाता है। 2003 में अमेरिकी सेना ने विनाशकारी हथियारों का दावा करते हुए इराक पर हमला बोला था और सद्दाम हुसैन का तख्ता पलट किया था। जार्ड डब्ल्यूबुश के कार्यकाल के दौरान जब अमेरिका पर 9/11 का हमला हुआ था तो रम्सफेल्ड आतंक के खिलाफ युद्ध के प्रस्तावक थे।

हालांकि बाद में इराक में सामूहिक विनाश के कोई हथियार नहीं मिले थे जिसके बाद उनकी भारी आलोचना हुई थी और उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था।
इराक युद्ध के लिए निंदा
इराक में युद्ध की निंदा करने के लिए लाखों लोग सड़कों पर उतरे थे। इन लोगों के लिए रम्सफेल्ड के 'आतंक के खिलाफ' युद्ध की ज्यादतियों की निंदा की जिसमें क्यूबा के ग्वांतानामो बे में संदिग्धों की अनिश्चितकालीन हिरासत में कैदियों के साथ जेल सुरक्षाकर्मियों का व्यवहार भी शामिल था। ग्वांतोनामो बे जेल के अंदर में कैदियों की प्रताड़ना की तस्वीरों से अमेरिका को पूरी दुनिया में शर्मिंदगी उठानी पड़ी थी।
रम्सफेल्ड के परिवार ने कहा कि रम्सफेल्ड का न्यू मेक्सिको में निधन हुआ। उन्होंने 2006 में इस्तीफा देने के बाद सॉफ्टवेयर में काम किया और एक ऐप भी लॉन्च किया।
बुश ने किया याद
पूर्व राष्ट्रपति जार्ड डब्ल्यू बुश ने उन्हें "एक अनुकरणीय लोक सेवक और एक बहुत अच्छा व्यक्ति कहते हुए याद किया है। बुश ने इराक पर हमले का जिक्र किए बिना कहा कि वह हमारे सशस्त्र बलों के एक वफादार सेवक थे और उनकी सेवा के चलते अमेरिका सुरक्षित और बेहतर है।
रम्सफेल्ड ने इराक में हमले के प्रबल समर्थक थे। उन्होंने अफगानिस्तान में तालिबान के पतन के बाद सेना को इराम ले जाने पर पूरा जोर दिया। उस समय कहा गया था कि इराक में सामूहिक विनाश के हथियार मौजूद थे और इसके समर्थन में रम्सफेल्ड ने जोरदार तर्क दिया था।












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