पिज्जा बेचने को मजबूर हुए अफगानिस्तान के पूर्व कैबिनेट मंत्री, सामने आईं बेबसी की तस्वीरें, बताई वजह
आपको बता दें कि अफगानिस्तान में रहने के दौरान अहमद शाह सादत कई महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके हैं और उन्हें 2018 में अफगानिस्तान सरकार में संचार मंत्री बनाया गया था।
बर्लिन, अगस्त 25: अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद कई बड़े नेता देश छोड़कर जा चुके हैं। खुद अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी देश छोड़कर भाग चुके हैं और उनके साथ अफगानिस्तान के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर और कई करीबी नेता भी फरार हो चुके हैं। इन सबके बीच अफगान नेताओं की बेबसी की कुछ तस्वीरें सामने आई हैं, जिसने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि पलायन क्या होता है, देश छोड़ने का दर्द क्या होता है और सबसे बड़ी बात...वक्त क्या होता है।

पिज्जा बेचने को मजबूर पूर्व मंत्री
अफगानिस्तान सरकार में मंत्री रहे और अफगानिस्तान के बड़े नेताओं में से एक माने जाने वाले अहमद शाह सादत को जर्मनी में पिज्जा की डिलीवरी करते हुए देखा गया है। उनकी कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई हैं, जिसमें देखा जा रहा है कि वो एक साइकिल पर पिज्जा की डिलीवरी करने कहीं जा रहे हैं। तस्वीरों में दिख रहा है कि अहमद शाह सादत के पीठ पर पिज्जा का एक बड़ा सा बैग लटक रहा है और वो एक साइकिल हेलमेट पहने हुए हैं। उन्होंने नारंगी रंग का एक टी-शर्ट पहन रखा है और वो पिज्जा डिलीवरी करने जा रहे हैं। अहमद शाह सादत की ये तस्वीर जैसे ही जर्मनी से सामने आईं, ठीक वैसे ही सोशल मीडिया पर यह जमकर वायरल होने लगा। अहमद शाह सादत की तस्वीर पर लोगों के तरह तरह के कॉमेंट आ रहे हैं।

मतभेद के बाद छोड़ा था अफगानिस्तान
अहमद शाह सादत ने भी अफगानिस्तान सरकार से मतभेद के बाद अफगानिस्तान को छोड़ा दिया था और शुरूआत में किसी को नहीं पता था कि वो अफगानिस्तान से निकलकर कहां गये हैं। लेकिन अब खुलासा हुआ है कि वो जर्मनी में हैं और पैसे कमाने के लिए एक पिज्जा बेचने की दुकान में काम कर रहे हैं। हालांकि, इस बात का पता अभी तक नहीं चल पाया है कि क्या वो वास्तव में इतने गरीब हो चुके हैं कि उनके पास पिज्जा डिलीवरी करने के अलावा कोई और विकल्प नहीं था।

अफगानिस्तान में मंत्री थे अहमद शाह सादत
आपको बता दें कि आज जर्मनी में पिज्जा बेचने को मजबूर अहमद शाह सादत एक साल पहले तक अफगानिस्तान सरकार में आईटी एंड कम्यूनिकेशन टेक्नोलॉजी मिनिस्टर थे और एक वक्त अफगानिस्तान की राजनीति में उनका काफी दबदबा हुआ करता था। लेकिन, अब वो जर्मनी के लिपजिंग शहर में पिज्जा की होम डिलीवरी कर रहे हैं। एक वक्त जर्मनी में कई ओहदों को संभाल चुके अहमद शाह सादत को हालांकि, पिज्जा डिलीवरी बॉय कहने में शर्म नहीं आती है और वो अपनी स्थिति को स्वीकार कर रहे हैं।

क्यों कर रहे हैं पिज्जा डिलीवरी?
जर्मनी के एक पत्रकार ने अहमद शाह सादत की तस्वीर को सोशल मीडिया पर सबसे पहले शेयर किया और फिर वो फोटो जमकर वायरल हो गया। इसके साथ ही जर्मन पत्रकार ने अफगानिस्तान के पूर्व मंत्री अहमद शाह सादत से बात भी की, जिसमें उन्होंने अफगानिस्तान के मुद्दे और अपनी माली हालत के बारे में बेबाकी से बात की है। उन्होंने कहा कि पिछले साल के अंत में उन्होंने अफगानिस्तान सरकार से अपना इस्तीफा दे दिया था और फिर वो जर्मनी आ गये थे।

पैसा खत्म हुआ तो शुरू किया काम
अहमद शाह सादत ने जर्मनी पत्रकार को दिए इंटरव्यू के दौरान बताया कि जर्मनी आने के बाद कुछ समय तक तो उनके पास जमा किया हुआ पैसा था, लेकिन धीरे-धीरे पैसे खत्म होने लगे तो उन्होंने जीवनयापन करने के लिए कोई काम करने की सोची और उन्होंने पिज्जा डिलीवरी बॉय का काम करना शुरू कर दिया। उन्होंने इंटरव्यू के दौरान कहा कि अफगानिस्तान छोड़ने का फैसला उन्होंने इसलिए किया था, क्योंकि उन्हें लगने लगा था कि अब तालिबान को काबुल आने से कोई नहीं रोक सकता है।

अशरफ गनी से अनबन
स्काई न्यूज अरबिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वो लिपजिंग में एक पिज्जा कंपनी के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वो राष्ट्रपति अशरफ गनी और उनकी टीम की मांगों से सहमत नहीं थे, इसीलिए उन्होंने सरकार से इस्तीफा दे दिया और अफगानिस्तान में अपना सबकुछ छोड़कर वो जर्मनी आ गये। उन्होंने स्काई न्यूज अरबिया से बात करने के दौरान कहा कि उनके पास ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से संचार और इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग में दो मास्टर्स की डिग्री हैं और इसके अलावा उन्होंने 13 देशों की 20 से ज्यादा कंपनियों के साथ कम्युनिकेशन के क्षेत्र में काम किया है।
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आगे क्या करेंगे अहमद शाह सादत ?
अहमद शाह सादत ने स्काई न्यूज से बात करते हुए कहा कि उनके पास कम्युनिकेशन के क्षेत्र में करीब 23 सालों का लंबा अनुभव है और मंत्री रहने के दौरान उन्होंने अपने देश में संचार साधनों के विकास के लिए काफी काम किया है, लेकिन अशरफ गनी की टीम के साथ काम करने में उन्हें काफी दिक्कतें हो रहीं थीं, इसीलिए उन्होंने इस्तीफा देना जरूरी समझा और उन्होंने जर्मनी आने का फैसला कर लिया। हालांकि, उन्होंने अफगानिस्तान के वर्तमान हालात पर ज्यादा कुछ कहने से मना कर दिया, लेकिन उन्होंने भी इस बात पर आश्चर्य जताई कि अशरफ गनी की सरकार काफी जल्दी कैसे गिर गई। उन्होंने कहा कि 'मुझे उम्मीद नहीं थी गनी की सरकार इतनी जल्दी गिर जाएगी'। अपने फ्यूचर प्लान पर बात करते हुए अहमद शाह सादत ने कहा कि वो तेजी से जर्मन भाषा सीखने पर ध्यान दे रहे हैं और फिर वो टेलीकम्यूनिकेशन सेक्टर में अपनी तकदीर आजमाने की कोशिश करेंगे।

अहमद शाह का प्रोफाइल जानिए
आपको बता दें कि अफगानिस्तान में रहने के दौरान अहमद शाह सादत कई महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके हैं। उन्हें 2018 में अफगानिस्तान सरकार में संचार मंत्री बनाया गया था और उन्होंने 2020 के आखिरी महीनों में अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इससे पहले उन्होंने 2005 से 2013 तक मिनिस्ट्री ऑफ कम्यूनिकेशन एंड इन्फोर्मेशन टेक्नोलॉजी में मुख्य तकनीकी सलाहकार की भूमिका निभाई। इसके अलावा उन्होंने 2016 से 2017 के दौरान लंदन में एरियाना टेलीकॉम के सीईओ की भूमिका पर भी काम किया है, लेकिन इसे ही किस्मत कहते हैं कि इतने बड़े -बड़े पदों पर काम करने वाले शख्स को आज पिज्जा डिलीवरी करने के लिए मजबूर होना पड़ा।












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