काले धन के खिलाफ पीएम मोदी की सराहना में आगे आया विश्व मीडिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बड़े नोटों पर प्रतिबंध लगाने के फैसले को विश्व की मीडिया ने सराहा, इस कदम को कालाधन से लड़ने की दिशा में बड़ा फैसला बताया है।
नई दिल्ली। एक तरफ जहां अमेरिका में राष्ट्रपति के चुनाव चल रहे हैं तो दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और 1000 के नोट प्रतिबंधित करके विश्व की मीडिया का ध्यान एकदम से भारत की ओर खींच लिया है।

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सेंट्रल बैंक ने की तारीफ
दुनियाभर के मीडिया संस्थानों ने भारत में हुए इस बड़े बदलाव पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है, सेंट्रल बैंक की वेबसाइट लिखता है कि भारत के नाम संदेश में पीएम ने 500 और 1000 के नोट प्रतिबंधित कर दिए, यह पहली बार है जब सरकार ने ऐसा फैसला लिया है, इससे पहले 1978 में सरकार ने ऐसा किया था।
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500 यूरो के नोट भी हुए थे प्रतिबंधित
प्रधानमंत्री मोदी अपने कार्यकाल के बीच के पड़ाव में हैं और वह चुनाव में कालाधन को खत्म करने के अपने वायदे को पूरा करना चाहते हैं। इससे पहले यूरोपियन सेंट्रल बैंक ने इस तरह का फैसला लिया था, जब उसने 500 यूरो के नोट पर प्रतिबंध लगाया था।
वाशिंगटन में इंटरनेशनल पीस के वरिष्ठ सहायक मिलन वैष्णव ने कहा कि मोदी सोचने का नजरिया बदल रहे हैं, वह भी उस समय जब लोग कह रहे थे कि कालाधन खत्म करने का वायदा पीएम मोदी का सिर्फ चुनावी भाषण था।
सेंट्रल बैंक के डेप्युटी गवर्नर आर गांधी ने कहा कि पीएम मोदी ने 1.3 बिलियन लोगों को अपनी ओर 2014 में आकर्षित करने में सफल हुए थे, उन्होंने कहा था कि वह लोगों के बैंक खाते में 15 लाख रुपए देंगे। भारत में तकरीबन 16.5 बिलियन 500 रुपए के नोट है, जबकि 6.7 बिलियन 1000 रुपए के नोट है।
दिल्ली में सेंटर ऑफ मीडिया स्टडीज के चेयरमैन एन भाष्कर राव ने कहा कि मोदी सरकार के फैसले का समय काफी अहम है। यह चुनाव से ठीक पहले आया है, पैसे के बदले वोट एक प्रचलित प्रक्रिया है।












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