Flashback 2022: पौधों और जीवों की 351 नई प्रजातियां, धरती पर साइंटिस्ट्स की अनोखी खोज
साल 2022 कई मायने में अहम है। साइंस के क्षेत्र में कई उपलब्धियां हासिल हुई हैं। ये वर्ष नई वनस्पतियों और जीवों की प्रजातियों की खोज के लिए भी याद किया जाएगा

Flashback 2022: साल 2022 में कोरोना की थमती रफ्तार के बीच कई नवाचार (Innovations) भी देखने को मिले। इस वर्ष साइंटिस्ट्स ने दुनिया में मौजूद जानवरों और पौधों की 351 नई प्रजातियों की खोज कर डाली। इस खोज में कीड़ों- मकोड़ों से लेकर डायनासोर की भी एक नई प्रजाति शामिल है। आइए जानते हैं कि पुराने साल में कौन-कौन ऐसे जीवों और वनस्पतियों की खोज की गई, जो अब तक दुनिया को नहीं पता थीं।

2022 में मिली ये नईं प्रजातियां
साल 2022 में खोजी गई अधिकांश प्रजातियां अकशेरुकी जीवों के समूह (Invertebrates) में आती हैं, जो बिना रीढ़ की हड्डी वाले जानवर हैं। इसमें भृंग (Beetle) की 84 प्रजातियां, पतंगे की 34 प्रजातियां, मॉस जानवरों की 23 प्रजातियां और 13 प्रजातियां ट्रेमेटोड कीड़े शामिल हैं।

ततैया की 85 प्रजाति
इस साल ततैया की कुल 85 नई प्रजातियां खोजी गईं। जिनमें सबसे सुंदर, पंख जैसे पंखों वाले कुछ छोटे जीव भी शामिल हैं। साइंटिस्ट्स मानना है कि अपने छोटा आकार होने के बावजूद ये परजीवी ततैया कृषि के लिए महत्वपूर्ण हो सकती हैं। ततैया महत्वपूर्ण जैविक नियंत्रण एजेंट के रूप में भी कार्य करती हैं। ये फसलों को नुकसान पहुंचाने वाली कीट थ्रिप्स के अंडों को खा जाती हैं।

डायनासोर की 3 नई प्रजाति
वैज्ञानिकों के अनुमान के मुताबिक पृथ्वी से कई प्रजातियां विलुप्त होने की कगार पर हैं। ऐसे में साइंटिस्ट्स की नई रिसर्च अहम है। इस साल डायनासोर की एक नई प्रजाति खोजी गई। जिसके सामने के अंग टी. रेक्स से भी छोटे थे। इसके बावजदू ये अपने शक्तिशाली जबड़ों का उपयोग करके टाइटनोसॉरस पर हमला कर सकता था। इसके अलावा डायनासोर की तीन नई प्रजातियां भी मिलीं, जिनमें से दो चीन के बख्तरबंद डायनासोर हैं। Natural History Museum के एक बयान में कहा गया कि इनमें से पहला एशिया में पाया जाने वाला सबसे पुराना डायनासोर है। नई सूची में एक भयावह मगरमच्छ जैसा जीव भी शामिल है, जो कि ट्राइसिक काल से तंजानिया में है।

विलुप्ति के कगार पर 1 लाख प्रजातियां
Natural History Museum के चीफ क्यूरेटर ऑफ इंसेक्ट्स डॉ गेविन ब्रॉड के अनुसार ततैया की नई प्रजातियां सबसे अधिक मिली हैं। लेकिन हर साल ऐसा नहीं होता। उन्होंने कहा कि पैरासिटॉइड ततैया की अधिकता हाइमनोप्टेरा वर्ग कीटों को अधिक प्रजाति-समृद्ध बनाती है। बता दें कि साइंटिस्ट्स की रिसर्च के मुताबिक पृथ्वी से करीब एक लाख प्रजातियां विलुप्त होने के कगार पर हैं। ऐसे में नई खोज अहम है।

मेढ़क 6, छिपकली 1 , कीड़ों की 19 प्रजाति
अमेरिकी छिपकली ओपिसथियामिमस ग्रेगोरी तेजी से विलुप्त होने वाली प्रजाति है। इसके जैसी दिखने वाली की एक प्रजाति की पहचान की की गई है। इसके अलावा ज्ञानिकों ने प्रोटिस्ट की 12 नई प्रजातियों, मक्खियों की 7 प्रजातियों, एशिया से दो भौंरे की प्रजाति, महासागरों में दो पॉलीकीट कीड़े और एक कनखजूरा की भी खोज की है। स्टिक कीड़ों की 19 नई प्रजातियों की खोज का दावा किया गया है। इसके अलावा छह मेंढक की नईं प्रजातियां मिली हैं, जिनकी लंबाई महज आठ मिलीमीटर के करीब है। ये ऐसे जीव हैं जो अब तक साइंस की नजर में नहीं आए थे।

11 नई वनस्पतियों की प्रजाति
शोधकर्ताओं ने इस वर्ष शैवाल की कुल 11 नई प्रजातियों की खोज की। जिसमें जीवाश्म भी शामिल हैं। पूरे दक्षिण एशिया में पौधों की चार नई प्रजातियों की खोज गई। नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम के रिसर्चर डॉ. सांद्रा कन्नप ने कहा, "फूलों से पौधों को अच्छी तरह से पहचाना जा सकता है। हालांकि एक अनुमान के अनुसार भले ही हमने लगभग 450,000 प्रजातियों को वैज्ञानिक नाम दिए हैं, लेकिन उनमें से लगभग 25% ऐसे हैं जिनके गुणों की पहचान करना अभी बाकी है।












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