3500 साल पहले की गई थी पहली ब्रेन सर्जरी, रिसर्चर्स ने 'पहले आदमी' को सबूतों के साथ खोजा
तेल मगिद्दो शहर 4,000 साल पहले वाया मैरिस का हिस्सा था, जो यह शहर, महत्वपूर्ण भूमि मार्ग मिस्र, सीरिया, मेसोपोटामिया और अनातोलिया को जोड़ता था।

मेडिकल साइंस का आविष्कार आधुनिक युग में हुआ है और उसके बाद इंसानों ने सर्जरी करना सीखा, लेकिन जब लोगों के सामने सदियों पुराने राज सामने आते हैं, तो फिर लोगों के सोचने का नजरिया ही बदल जाता है। क्या आप यकीन कर पाएंगे, कि सबूतों के आधार पर पता चला है, कि दुनिया की पहली सर्जरी आज से करीब 3500 साल पहले की गई थी, वो भी सिर की। ब्रेन सर्जरी को वैसे भी काफी जटिल माना जाता है, लेकिन पुरातत्वविदों ने एक ऐसा शव बरामद किया है, जिसमें सर्जरी के पुख्ता सबूत मिले हैं।

तीन हजार साल पहले सर्जरी
पुरातत्वविदों ने 15वीं शताब्दी ईसा पूर्व में इजरायल के रहने वाले दो भाइयों के दफन स्थल का खुलासा किया है और सबसे हैरान करने वाली बात ये है, कि उन दोनों भाइयों में से एक की ब्रेन सर्जरी की गई थी। पुरातत्वविद ये जानकर और हैरान रह गये, जब उन्हें पता चला, कि मृत्यु से ठीक पहले उस शख्स की ब्रेन सर्जरी की गई थी, यानि इससे संभावना लगाया जा सकता है, कि ब्रेन सर्जरी के जरिए उस शख्स की जिंदगी बचाने की कोशिश की गई होगी और यह खोज, ट्रेफिनेशन का सबसे पहला उदाहरण है, जिसमें पता चलता है, कि प्राचीन काल में भी मस्तिष्क शल्य ऑपरेशन की तकनीक मौजूद थी। ट्रेफ़िनेशन, जिसे ट्रेपनेशन के रूप में भी जाना जाता है, उसमें खोपड़ी में एक छेद किया जाता है और उसके जरिए ऑपरेशन किया जाता था और ये हजारों साल पुरानी चिकित्सा प्रक्रिया के उदाहरण हैं।

दो भाइयों के मिले हैं अवशेष
रिसर्चर्स ने दो भाइयों के अवशेष, जो 1550 ईसा पूर्व और 1450 ईसा पूर्व के बीच कांस्य युग के दौरान रहते थे, उनके शव इजरायल के प्राचीन शहर तेल मेगिद्दो में एक मकबरे की खुदाई के दौरान मिले थे। रिसर्चर्स को पता चला है, कि खुदाई के दौरान जिन भाइयों के शव मिले हैं, उनकी उम्र 20 से 40 साल के बीच आंकी गई है और उनमें से एक भाई के अवशेष के सिर में कोणीय नोकदार ट्रेफिनेशन था। उसकी खोपड़ी को काट दिया गया था और फिर एक तेज, बेवेल्ड-एज इंस्ट्रूमेंट का इस्तेमाल खोपड़ी की ललाट की हड्डी पर चार इंटरसेक्टिंग लाइन बनाने के लिए किया गया था, जिसकी वजह से सिर में 30 मिलीमीटर (1.2 इंच) चौकोर आकार का छेद बनाया था। वैज्ञानिकों ने अंदाजा लगाया है, कि उस वक्त के डॉक्टर्स ने ऑपरेशन के जरिए उस शख्स के सिर से हड्डी के टुकड़े को बाहर निकाला होगा और शायद उसकी जांच की गई होगी।

क्या होता है ट्रेफिनेशन सर्जरी?
डॉक्टर्स का मानना है, कि सर्जरी की प्रक्रिया हजारों साल से लोग जानते रहे हैं, लेकिन इस शव में जिस तरह की सर्जरी की वो ट्रेफिनेशन अपनी तरह का पहला उदाहरण है और इसका इस्तेमाल बीमारियों को ठीक करने के लिए किया जाता था, ब्राउन यूनिवर्सिटी की वेबसाइ़ट में कहा गया है, कि इस तरह की सर्जरी विभिन्न तरह की बीमारियों में इलाज के लिए किया जाता था। इस प्रक्रिया में सिर में इस तरह से छेद किया जाता था, कि मस्तिष्क कोई नुकसान ना पहुंचे। हालांकि, कई एक्सपर्ट्स का कहना है, कि ये छेद किसी बीमारी के इलाज के लिए नहीं, बल्कि सर्जरी का उद्येश्य धार्मिक कार्यों के लिए किया गया होगा। वहीं, वैज्ञानिकों का कहना है, कि भाइयों में छोटे भाई की उम्र करीब 20 साल रही होगी और ये दोनों भाई काफी कमजोर रहे होंगे, जिनकी हड्डी किसी बीमारी की वजह से सड़ गये होंगे।

कांस्य युग के हैं दोनों भाई
आपको बता दें, कि तेल मगिद्दो शहर 4,000 साल पहले वाया मैरिस का हिस्सा था। यूनिवर्सिटी ऑफ हैफा स्कूल ऑफ आर्कियोलॉजी एंड मैरीटाइम कल्चर के डायरेक्टर और इस रिसर्च के सह-लेखक फिंकेलस्टीन के अध्ययन के मुताबिक, यह शहर, महत्वपूर्ण भूमि मार्ग मिस्र, सीरिया, मेसोपोटामिया और अनातोलिया को जोड़ता था। तेल मेगिद्दो ने इस व्यापार मार्ग के हिस्से को नियंत्रित किया, और उसी के शासनकाल के दौरान यह शहर, महलों, मंदिरों और दुर्गों से भरा एक समृद्ध और महानगरीय शहर बन गया। फिंकेलस्टीन ने कहा, कि "कांस्य युग के अंत में मगिद्दो के सांस्कृतिक और आर्थिक महत्व को कम करना मुश्किल है।" ये मकबरा तेल मेगिद्दो में देर से कांस्य युग के महल के निकट एक क्षेत्र में पाया गया था और प्रमुख शोधकर्ताओं का मानना है, कि ये दो भाई या तो समाज के उच्च श्रेणी के कुलीन सदस्य थे या शायद राजघराने के सदस्य भी थे। इन दोनों को साइप्रट मिट्टी के बर्तनों, भोजन और अन्य मूल्यवान वस्तुओं के साथ दफनाया गया था। (सभी तस्वीर- फाइल)











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