रूसी युद्धपोत के डर से कुरील द्वीप के पास से भाग गई अमेरिकी पनडुब्बी! जानिए क्यों महत्वपूर्ण है यह क्षेत्र
मास्को, 13 फरवरी: यूक्रेन संकट के बीच अमेरिका और रूस की सेना के बीच एक नया विवाद छिड़ गया है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि एक परमाणु संचालित अमेरिकी पनडुब्बी ने अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र का उल्लंघन करके उसके इलाके कुरील द्वीप के पास घुसने की जुर्रत की थी, जिसे जबरन खदेड़ कर भगा दिया गया है। जबकि, अमेरिकी मिलिट्री ने किसी के जल सीमा के उल्लंघन की बातों का साफ खंडन किया है। प्रशांत महासागर में कुरील द्वीप अमेरिका के लिए खास महत्त्व रखता है, क्योंकि इसपर जापान दावा करता रहा है। लेकिन, सोवियत संघ के जमाने से यह इलाका रूस के नियंत्रण में है। लेकिन, जिस तरह से यूक्रेन संकट के चलते पहले ही दोनों देशों के ताल्लुकात विस्फोटक स्थिति में हैं, नया फसाद हालात को और भी गंभीर बना सकता है।

रूसी जंगी जहाज ने अमेरिकी पनडुब्बी को खदेड़ा!
यूक्रेन संकट के बीच रूस और अमेरिका की तनातनी खतरनाक स्तर पर पहुंचती जा रही है। रूसी न्यूज एजेंसी 'तास' ने रूस के रक्षा मंत्रालय के हवाले से दावा किया है कि अमेरिकी नेवी की एक परमाणु-संचालित पनडुब्बी रूस के समुद्री जल क्षेत्र में घुस आई थी, जिसे 'उचित तरीके' से भगा दिया गया है। रूसी रक्षा मंत्रालय की ओर से शनिवार को किए गए दावे के मुताबिक शुरू में चेतावनियों को अनदेखा किया गया, लेकिन जब 'उचित तरीकों' का इस्तेमाल किया गया तो, वो तेजी से भाग खड़ी हुई। रिपोर्ट के मुताबिक रूस के एंटी-सबमरीन डिस्ट्रॉयर ने प्रशांत महासागर में कुरील द्वीप के पास अमेरिकी पनडुब्बी को इसके क्षेत्री जल को छोड़ने को मजबूर कर दिया। यह दावा ऐसे वक्त में किया गया है, जब यूक्रेन संकट के बीच दोनों देशों के ताल्लुकात विस्फोटक स्तर पर पहुंच चुके हैं। हालांकि, अमेरिका की मिलिट्री ने रूस सरकार की ओर से किए गए दावों का खंडन किया है।

अमेरिकी राजनयिक को भेजा समन
रूस के रक्षा मंत्रालय के अनुसार योजनाबद्ध सैन्य युद्धाभ्यास के दौरान मार्शल शापोश्निकोव डिस्ट्रॉयर ने अमेरिकी नेवी की वर्जिनिया-क्लास सबमरीन को रूसी जल क्षेत्र में उत्तरी प्रशांत के कुरील द्वीप के पास देखा। जब पनडुब्बी ने कहने के बावजदू सामने आने की मांग को अनदेखा किया तो क्रू ने 'जरूरी तरीका अपनाया' और अमेरिकी पनडुब्बी पूरी स्पीड से भाग खड़ी हुई। रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक इस घटना के बाद मास्को में अमेरिकी डिफेंस ऐटशै को समन भेजा गया है। रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, 'अमेरिकी नौसेना की नेवी के रूसी फेडरेशन के राज्य की सीमा के उल्लंघन के मामले में मास्को स्थित अमेरिकी दूतावास के डिफेंस ऐटशै को रूसी रक्षा मंत्रालय में बुलाया गया है। '

अमेरिका ने रूस के दावों का खंडन किया
हालांकि, अमेरिकी मिलिट्री ने कहा है, 'उनके क्षेत्रीय जल में हमारे ऑपरेशन के रूसी दावों में कोई हकीकत नहीं है।' हालांकि, अमेरिका के हिंद-प्रशांत कमांड के प्रवक्ता कैप्टन केल ने कहा है कि वह अमेरिकी पनडुब्बियों की वास्तविक स्थिति पर टिप्पणी नहीं करेंगे। लेकिन, उन्होंने इतना जरूर कहा कि 'हम अंतरराष्ट्रीय जल में उड़ान भरते हैं, जल में यात्रा करते हैं और सुरक्षित तरीके से ऑपरेट करते हैं।' (ऊपर की तीनों तस्वीरें- प्रतीकात्मक)

यूक्रेन संकट के बीच रूस-अमेरिका में नया विवाद
रूस और अमेरिकी सेना के बीच यह विवाद ऐसे समय में छिड़ा है, जब यूक्रेन को तीनों ओर से रूस की 1,00,000 से ज्यादा सैनिकों ने लगभग घेरकर रखा हुआ है और इसको लेकर अमेरिका समेत पश्चिमी यूरोपीय देशों के बीच भयंकर तनाव का माहौल कायम है। वॉशिंगटन ने चेतावनी दी हुई है कि रूस किसी भी समय यूक्रेन पर आक्रमण कर सकता है।

जानिए क्यों महत्वपूर्ण है कुरील द्वीप ?
गौरतलब है कि कुरील द्वीप प्रशांत महासागर का एक विवादित क्षेत्र रहा है, जिसपर जापान दावा करता है। यह जापान के होक्कायडो द्वीप के उत्तर में है और द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के दिनों में इसपर सोवियत सेना ने कब्जा कर लिया था और तब से यह रूस के नियंत्रण में है। यहां रूप के मछली प्रोसेसिंग प्लांट जैसे यूनिट भी लगे हुए हैं। अंतिम तस्वीर रूसी प्रधानमंत्री मिखाइल मिशुस्तिन की है, जब वे 26 जुलाई, 2021 को उरूप के कुरील द्वीप पर मछली प्रोसेसिंग प्लांट का जायजा लेने वहां पहुंचे थे।












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